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Rana Ayyub: राणा अय्यूब को सुप्रीम राहत, मनी लांड्रिंग के केस में 31 तक सुनवाई स्थगित करने को कहा

राणा अय्यूब पर लोगों को धोखा देने और अपनी निजी संपत्ति बनाने के लिए 2.69 करोड़ रुपये के ‘परमार्थ निधि (Charity Fund)’ का इस्तेमाल करने तथा विदेशी चंदा कानून (Foreign Contribution Law) का उल्लंघन करने का आरोप है।
Written by: संजय दुबे | Edited By: संजय दुबे
Updated: January 25, 2023 16:29 IST
rana ayyub  राणा अय्यूब को सुप्रीम राहत  मनी लांड्रिंग के केस में 31 तक सुनवाई स्थगित करने को कहा
Relief To Rana Ayyub: अय्यूब को 27 जनवरी 2023 को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया था। (फाइल फोटो)
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सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार राणा अय्यूब (Rana Ayyub) को बड़ी राहत देते हुए बुधवार को धन शोधन (Money Laundering) के मामले में सुनवाई पर 31 जनवरी तक रोक लगा दी। इस मामले में 27 जनवरी को गाजियाबाद (Ghaziabad) की विशेष पीएमएलए अदालत में सुनवाई होनी थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से राणा अय्यूब के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में एक केस दर्ज किया गया था। इसके खिलाफ राणा अय्यूब ने गाजियाबाद की विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) अदालत से जारी समन को चुनौती दी थीं। मामले में विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें 27 जनवरी को पेश होने को कहा था।

शीर्ष अदालत ने समय की कमी के कारण रोक का आदेश पारित किया

शीर्ष अदालत ने बुधवार को कहा कि वह राणा की याचिका पर 31 जनवरी को सुनवाई करेगी। न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन की पीठ इस मामले पर सुनवाई करेगी। तब तक इस मामले पर सुनवाई नहीं हो सकेगी। अय्यूब की ओर से पेश हुईं अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने अदालत को बताया कि गाजियाबाद की विशेष अदालत ने याचिकाकर्ता को 27 दिसंबर को तलब किया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह आदेश इसलिए पारित किया गया है, क्योंकि समय की कमी के कारण अय्यूब की याचिका पर बुधवार से पहले सुनवाई नहीं की जा सकती।

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अयूब ने याचिका में अधिकार क्षेत्र के बाहर कार्रवाई का हवाला दिया

अय्यूब ने अपनी रिट याचिका में अधिकार क्षेत्र के बाहर कार्रवाई करने का हवाला दिया है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गाजियाबाद में शुरू की गई कार्यवाही को रद्द करने का अनुरोध भी किया। उनका कहना है कि धन शोधन का कथित अपराध मुंबई में हुआ था। ऐसे में गाजियाबाद में इस पर सुनवाई होने का आदेश अनुचित है।

प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल 12 अक्टूबर को आरोप पत्र दाखिल किया था

गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने पिछले साल 29 नवंबर को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर अभियोजन शिकायत का संज्ञान लिया था और अय्यूब को तलब किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल 12 अक्टूबर को अयूब के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें उन पर लोगों को धोखा देने और अपनी निजी संपत्ति बनाने के लिए 2.69 करोड़ रुपये के ‘परमार्थ निधि (Charity Fund)’ का इस्तेमाल करने तथा विदेशी चंदा कानून (Foreign Contribution Law) का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।

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