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UP Nikay Chunav Result 2023: सपा, बसपा के लिए खतरे की घंटी! बीजेपी को सुकून दे गया मुस्लिम वोटर्स के मतदान का पैटर्न

Muslim Voters in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव में मुस्लिम वोट किसी एक पार्टी के बजाय अपने पसंदीदा उम्मीदवार के लिए गया।
Written by: Yashveer Singh | Edited By: Yashveer Singh
Updated: May 15, 2023 13:57 IST
up nikay chunav result 2023  सपा  बसपा के लिए खतरे की घंटी  बीजेपी को सुकून दे गया मुस्लिम वोटर्स के मतदान का पैटर्न
यूपी निकाय चुनाव में बिखरा मुस्लिम वोट (File Photo- Express Photo By Amit Mehra)
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यूपी नगर निकाय चुनाव के परिणाम अब सबके सामने हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद बीजेपी में जश्न का माहौल है तो वहीं एसपी, बीएसपी के सामने एक नहीं परेशानी खड़ी होती नजर आ रही है। यूपी में हुए पिछले कुछ चुनावों से परे, इस चुनाव में मुस्लिम वोट किसी एक पार्टी के पीछे एकजुट होने के बजाय अपनी पसंद के उम्मीदवार के लिए गया। कई सीटों पर मुस्लिम वोटर अपने समुदाय के एसपी, बीएसपी उम्मीदवारों को छोड़ AAP, AIMIM और यहां तक की बीजेपी उम्मीदवारों के पक्ष में गए।

मुस्लिम वोटरों के मतदान का दूसरा पहलू यह है कि उन्होंने इस चुनाव में बीजेपी को रोकने के लिए वोट नहीं डाला, जो पार्टी के लिए लोकसभा चुनाव 2024 से पहले निश्चित ही एक राहत की बात है।

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मेयर के चुनाव में मेरठ में AIMIM के अनस को 1.28 लाख वोट मिले। मतगणना के समय एक बार तो अनस अन्य सभी प्रत्याशियों से आगे निकल गए। हालांकि बाद में उन्हें बीजेपी के प्रत्याशी से 1 लाख वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। यहां सपा की प्रत्याशी और विधायक अतुल प्रधान की पत्नी सीमा 1.28 लाख वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहीं। इस चुनाव में बीएसपी को 54,076 और कांग्रेस के नसीम कुरैशी को 15,473 वोट मिले। बता दें कि बीएसपी ने मेयर चुनाव में 11 मुस्लिम प्रत्याशी उतारे थे।

चुनाव के बाद AIMIM के अनस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सपा हमें हमेशा बीजेपी की बी टीम बताती है लेकिन सच्चाई यह है कि वह खुद बीजेपी के लिए सहायक की भूमिका निभा रही है। सपा की वजह से हमारे प्रत्याशी बीजेपी को नहीं हरा सके।

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बात अगर मुरादाबाद की करें को यहां बीजेपी के विनोद अग्रवाल ने कांग्रेस को मोहम्मद रिजवान को करीब 4000 वोटों से हराया। यहां भी मुस्लिम वोटों में बिखराव हुआ। मुरादाबा में AIMIM के मुस्तुजाब अहमद को 6215 वोट मिले जो हार-जीत के अंतर से ज्यादा था। यहां बसपा के मोहम्मद यामीन को 15,858 और सपा के सैय्यद रईसुद्दीन को 13,447 वोट हासिल हुए।

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मुस्लिम बाहुल्य सहारनपुर में भी बीजेपी का मेयर

मुस्लिम बाहुल्य सहारनपुर में बीजेपी के अजय कुमार मेयर बने। उन्होंने बीएसपी की खादिजा मसूद को करीब 8000 वोटों से हराया। मसूद को 1.46 लाख वोट मिले जबकि सपा के नूर हसन को 22,038 वोट मिले। बरेली में बीजेपी के उमेश गौतम दूसरी बार जीते। उन्होंने निर्दलीय आईएस तोमर को हराया। यहां बीएसपी के युसूफ खान को 16,874 वोट मिले जबकि AIMIM के मोहम्मद सरताज को 10,356 वोट हासिल हुए।

गाजियाबाद में बीएसपी की निसारा खान को 63,249 वोट मिले जबकि AIMIM की शहनाज दिलशाद को 26,045 वोट हासिल हुए। यहां सपा की यादव प्रत्याशी को 57,608 वोट मिले। फीरोजाबाद में बीजेपी की कामिनी राठौड़ ने सपा की मशरूर फातिमा को 27 हजार वोटों से हराया। यहां बीएसपी की रुखसाना को 52,695 वोट हासिल हुए। प्रयागराज में बीएसपी के सईद अहमद चौथे नंबर पर रहे। उन्हें 36,799 वोट मिले। यहां AIMIM के मोहम्मद नकी खान को 24,023 वोट मिले जबकि AAP के मोहम्मद कादिर को 14,253 वोट ही हासिल हुए।

कानपुर में बीजेपी की प्रमिला पांडेट ने सपा और कांग्रेस के ब्राह्मण उम्मीदवारों को हराया। कानपुर में AIMIM की शाहाना परवीन ने 16,372 वोट दर्ज कर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। यहां AAP की इस्मा जहीर को 9839 वोट मिले। अयोध्या में बीजेपी की उम्मीदवार ने सपा की ब्राह्मण उम्मीदवार को 35,638 वोटों से हराया। यहां AIMIM के रेहान को 15,107 वोट मिले जो बीएसपी उम्मीदवार को मिले 12,852 वोटों से ज्यादा थे।

अलीगढ़ में भी मुस्लिम वोट बंटा हुआ नजर आया। यहां सपा के जमीरउल्लाह खान 1.32 लाख वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे। बीएसपी के सलमान शाहिद को 49,762 वोट हासिल हुआ। AIMIM के गुरफान नूर को 7,712 वोट मिले। अलीगढ़ में बीजेपी के प्रशांत सिंघल 61 हजार मतों से जीते।

लखनऊ में बीएसपी की शाहीन बानो एकमात्र मुस्लिम मेयर उम्मीदवार थीं। उन्हें 75,997 वोट मिले। यह सपा और कांग्रेस के हिंदू उम्मीदवारों से कम था। ओबीसी रिजर्व शाहजहांपुर में पहली बार मेयर चुनाव हुआ था। यहां कांग्रेस की निखत इकबाल 50,484 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहीं। बीएसपी की शागुफ्ता अंजुम को सिर्फ 5545 वोटों के साथ चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। बीजेपी की अर्चना सिंह 30,278 वोटों से चुनाव जीतीं।

नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत चेयरमैन चुनाव में भी दिखा यही ट्रेंड

नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में AIMIM और AAP के मुस्लिम उम्मीदवारों को सपा और बसपा के मुस्लिम उम्मीदवारों की तुलना में अधिक वोट मिले। संभल नगर पालिका परिषद में AIMIM की आशिया ने 40,425 वोट पाकर जीत हासिल की। बसपा की अज़मा तशकील को सिर्फ 10,175 मत मिले और सपा की रुखसाना इकबाल को 7,662 मत मिले।

हाथरस जिले की सिकंदराराव सीट पर AIMIM के मोहम्मद मुशीर ने 9,144 मत पाकर जीत हासिल की और सपा की फानूस बेगम केवल 3,745 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहीं। कुंदरकी नगर पंचायत चेयरपर्सन सीट पर AIMIM की जीनत ने 5,015 वोटों से जीत दर्ज की। AAP की नसीमा 3,768 मतों के साथ दूसरे नंबर पर रही और कांग्रेस की सायरा बानो को 3,072 मत मिले।

थिरिया निजावत खान नगर पंचायत में भी मुस्लिम वोट बिखर गए। यहां AIMIM के इमरान अली खान 2,993 वोट पाकर जीते, जबकि BSP के नौशाद अली खान को 2,417 वोट और RLD के किस्मत अली को 2,281 वोट मिले। सपा के गढ़ रामपुर नगर पालिका में AAP की सना खानम ने 43,121 वोट पाकर जीत हासिल की। यहां बीजेपी के मुशर्रत मुजीब 32,173 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे जबकि सपा की फतमा 16,273 वोट तीसरे नंबर पर रहीं। यहां कांग्रेस की सीमा रऊफ को 1890 और बसपा की राफिया को 965 वोट मिले।

AAP के मुस्लिम प्रत्याशियों ने शाहपुर (मुजफ्फरनगर), पाकबड़ा (मुरादाबाद), जोया (अमरोहा) और कैमरी (रामपुर) की नगर पंचायतों में भी सपा, बसपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को हराया। बीजेपी ने चेयरमैन के चुनाव में पहली बार मुस्लिम कैंडिडेट्स को उतारा था और पहली बार में ही पांच सीटों - हरदोई की गोपामऊ, सहारनपुर की सुलतानपुर चिलकाना, संभल की सिरीसी, बरेली की धौरातांडा और मुरादाबाद की भोजपुर धर्मपुर सीटों पर जीत दर्ज की।

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