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Amul Milk: कर्नाटक के बाद अब तमिलनाडु में विवाद! स्टालिन ने अमित शाह को लिखा पत्र, कर दी बड़ी मांग

आविन के तहत, लगभग 9,673 मिल्क को-ऑपरेटिव सोसाइटीज ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रही हैं। ये समितियां करीब 4.5 लाख सदस्यों से हर दिन 35 लाख लीटर दूध खरीदते हैं।
Written by: ईएनएस | Edited By: नीलम राजपूत
May 25, 2023 16:31 IST
amul milk  कर्नाटक के बाद अब तमिलनाडु में विवाद  स्टालिन ने अमित शाह को लिखा पत्र  कर दी बड़ी मांग
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन (PTI/File)
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने गुरुवार (25 मई, 2023) को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने डेयरी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी अमूल के दूध की राज्य में बिक्री बंद करने के निर्देश देने का आग्रह किया है। उन्होंने पत्र में अमित शाह का ध्यान तमिलनाडु के मिल्क-शेड क्षेत्र में अमूल के दूध की खरीद से उत्पन्न मुद्दों की ओर आकर्षित किया। अमूल ने दक्षिणी राज्य में अपने उत्पादों की बिक्री शुरू कर दी है।

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अमूल गुजरात की कंपनी है जो देश के विभिन्न हिस्सों में मिल्क प्रोडक्ट की बिक्री करती है। स्टालिन ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार के संज्ञान में आया है कि अमूल ने कृष्णागिरि जिले में चिलिंग सेंटर और प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने के लिए अपने मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव सहकारी लाइसेंस का उपयोग किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही अमूल ने तमिलनाडु में कृष्णागिरि, धर्मपुरी, वेल्लोर, रानीपेट, तिरुपथुर, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिलों में और आसपास स्थित एफपीओ व एसएचजी के जरिए दूध खरीदने की योजना बनाई है।

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स्टालिन ने पत्र में लिखा, "भारत में यह एक नियम रहा है कि सहकारी समितियों को एक-दूसरे के मिल्क-शेड क्षेत्र का उल्लंघन किए बिना फलने-फूलने दिया जाए। इस तरह एक-दूसरे की खरीद में हस्तक्षेप ऑपरेशन वाइट फ्लड के खिलाफ है और दूध की मौजूदा कमी को देखते हुए इसके कारण उपभोक्ताओं के लिए समस्याएं और बढ़ेंगी।"

स्टालिन ने अपने पत्र में लिखा, "कुछ और राज्यों की तरह तमिलनाडु में डेयरी को-ऑपरेटिव 1981 से प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं। इससे ग्रामीण मिल्क उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ हो रहा है और आविन उनका सर्वोच्च सहकारी विपणन संघ रहा है।" आविन के तहत, लगभग 9,673 मिल्क को-ऑपरेटिव सोसाइटीज ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रही हैं। ये समितियां करीब 4.5 लाख सदस्यों से हर दिन 35 लाख लीटर दूध खरीदते हैं।

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स्टालिन ने आगे कहा, "अमूल का यह कदम आविन के मिल्क-शेड क्षेत्र का उल्लंघन करता है। यह दूध और दुग्ध उत्पादों की खरीद और मार्केटिंग में लगी सहकारी समितियों के बीच अनहेल्दी कोम्पीटीशन पैदा करेगा।" स्टालिन ने आगे कहा, "क्षेत्रीय सहकारी समितियां राज्यों में डेयरी विकास का आधार रही हैं। वे उत्पादकों को शामिल करने, उनका पोषण करने और उपभोक्ताओं को मनमाने मूल्य वृद्धि से बचाने के लिए बेहतर स्थिति में हैं।" उन्होंने अमित शाह से आग्रह किया कि इस मामले में हस्तक्षेप करें और अमूल को तमिलनाडु में आविन के मिल्क-शेड क्षेत्र से खरीद तुरंत बंद करने का निर्देश दें।

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