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Lahore Declaration: क्या था भारत-पाक के बीच 1999 में हुआ लाहौर समझौता, 25 साल बाद नवाज शरीफ ने क्यों मानी गलती

Lahore Declaration : 1999 में तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी समझौता एक्सप्रेस सेवा की पहली बस में बैठकर दिल्ली से लाहौर गए थे। इसी दौरान लाहौर डिक्लेरेशन को लेकर दोनों देशों में सहमति बनी थी।
Written by: Kuldeep Singh | Edited By: Kuldeep Singh
नई दिल्ली | May 29, 2024 16:14 IST
lahore declaration  क्या था भारत पाक के बीच 1999 में हुआ लाहौर समझौता  25 साल बाद नवाज शरीफ ने क्यों मानी गलती
1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच लाहौर समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। (PTI)
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने स्वीकार किया है कि उसने भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ किए गए लाहौर समझौते का उल्लंघन किया है। नवाज शरीफ ने इसे एक गलती बताया है। जिस समय यह समझौता हुआ तब नवाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे। इस समझौते के कुछ समय बाद ही पाकिस्तानी सेना ने करगिल में घुसपैठ की थी। भारत ने इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए जीत हासिल की थी।

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कब हुआ था लाहौर समझौता

20 फरवरी 1999 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेयी पाकिस्तान गए थे। इस दौरान दोनों देशों के बीच शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। 21 फरवरी 1999 को लाहौर घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे। लाहौर समझौते में पाकिस्तान और भारत के बीच शांतिपूर्ण संबंधों की रूपरेखा तैयार की गई थी। लाहौर समझौते में कश्मीर से लेकर परमाणु बम के इस्तेमाल तक, सभी मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी थी।

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क्यों किया गया लाहौर समझौता

1998 में भारत और पाकिस्तान ने कई परमाणु परीक्षण किए। इससे दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल बढ़ने लगा। इसे खत्म करने के लिए साल के अंत तक दोनों देशों के विदेश मंत्रालय के बीच शांति प्रक्रिया के लिए पहल शुरू की। 23 सितंबर 1998 को एक द्विपक्षीय समझौता हुआ। इसमें दोनों देश शांति और सुरक्षा के माहौल को बनाने और सभी तरह के विवाद को द्विपक्षीय बातचीत के आधार पर तय करने के लिए राजी हुए। यही लाहौर घोषणा पत्र के लिए आधार बना।

क्या था लाहौर घोषणा पत्र

लाहौर घोषणा पत्र भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय शांति समझौता और शासन संधि दी। 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान गए तो इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते पर जब वाजपेयी और शरीफ ने साइन करके इस पर मुहर लगाई। इसके बाद दोनों देशों की संसद से भी इस पर मुहर लग गई। लाहौर समझौते में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के अलावा भारत और पाकिस्तान के बीच पीपुल-टू-पीपुल कॉन्टेक्ट को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया था।

क्या थीं इस समझौते की शर्तें

इस समझौते में दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों के विकास और परमाणु हथियारों के आकस्मिक और अनधिकृत इस्तेमाल से बचने की दिशा में आपसी समझ बनी। इस समझौते में कश्मीर का मुद्दा भी शामिल किया गया। इसमें कहा गया कि इन मुद्दों को सुलझाने की दिशा में दोनों देश काम करेंगे। इसके साथ ही दोनों देश एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल देने से बचेंगे। इस समझौते में आतंकवाद पर लगाम लागने को लेकर भी सहमति बनी थी।

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किसने तोड़ा लाहौर समझौता

पाकिस्तान के तब आर्मी चीफ रहे परवेज मुशर्रफ के आदेश पर पाकिस्तानी सेना ने मार्च 1999 में जम्मू कश्मीर के कारगिल जिले में घुसपैठ शुरू कर दी। कारगिल युद्ध में दोनों देश 80 से ज्यादा दिनों तक आमने-सामने रहे। अंत में भारत ने पाकिस्तान सैनिकों को सीमा के बाहर खदेड़ दिया और सभी जगहों को फिर से अपने कब्जे में लेकर विजयी हुआ। इस युद्ध में दोनों देशों के सैकड़ों सैनिकों की जान गई। पाकिस्तान जब युद्ध में हार गया तो तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने उन्हें पद से हटाना चाहा। इसके बाद मुशर्रफ ने सैन्य तख्तापलट कर दिया। पहले वह सेना प्रमुख के रूप में अपना पद बरकरार रखते हुए पाकिस्तान के मुख्य कार्यकारी की भूमिका निभाई। बाद में वह पाकिस्तान के राष्ट्रपति बन गए।

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