scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

'चुनाव नजदीक हैं अब नहीं लगा सकते रोक...', EC की नियुक्ति रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं और पूछा है कि आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों की गई?
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: shruti srivastava
नई दिल्ली | Updated: March 21, 2024 13:45 IST
 चुनाव नजदीक हैं अब नहीं लगा सकते रोक      ec की नियुक्ति रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट। (एक्सप्रेस फाइल)
Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने दो नये निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति पर रोक लगाने के अनुरोध वाली अर्जियां बृहस्पतिवार को खारिज कर दीं। पीठ ने कहा कि हम नियुक्ति पर रोक की अर्जियां खारिज करते हैं। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस चरण में नियुक्ति पर रोक लगाने से ना सिर्फ लोकसभा चुनावों पर असर होगा बल्कि इससे अराजकता भी पैदा होगी।

Advertisement

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने कहा कि वह मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यालय शर्तें) अधिनियम, 2023 की वैधता को चुनौती देने वाली मुख्य याचिकाओं पर गौर करेगी। नये कानून को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं से पीठ ने कहा, ‘‘इस समय हम कानून पर रोक नहीं लगा सकते हैं। इससे अव्यवस्था और अनिश्चितता की स्थिति पैदा होगी क्योंकि चुनाव नजदीक है और हम अंतरिम आदेश के माध्यम से इस पर रोक नहीं लगा सकते। नये निर्वाचन आयुक्तों पर कोई आरोप नहीं हैं।’’

Advertisement

नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान पीठ ने दो नए निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए अपनाई गई प्रक्रिया पर केंद्र से सवाल किया। इसने कहा कि निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति पर विचार करने के लिए चयन समिति को और अधिक समय दिया जाना चाहिए था। पीठ ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए बनी सर्च कमेटी को उम्मीदवारों के बैकग्राउंड को समझने के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए था।’’ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान पीठ के 2023 के फैसले में कहीं भी यह नहीं कहा गया कि निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति वाली चयन समिति में न्यायपालिका से एक सदस्य होना चाहिए।

गौरतलब है कि रिटायर्ड IAS अधिकारी ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू को हाल ही में निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया था। इनकी नियुक्ति रद्द करने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की गई थी। याचिकाकर्ता ने CJI को भी चयन समिति में रखने की मांग की थी। जिस पर जस्टिस संजीव खन्ना और दीपंकर दत्ता की बेंच ने कहा, “हमारे फैसले में उम्मीद की गई थी कि सरकार चयन पर कानून बनाए। अब संसद से पास कानून के तहत चयन हुआ है. अंतरिम आदेश से कानून पर रोक नहीं लगा सकते। इस मामले में विस्तृत सुनवाई जरूरी है। चुनाव के बीच में आयोग के काम को प्रभावित करना सही नहीं होगा।“

Advertisement

मामले की अगली सुनवाई अगस्त में

सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि, संसद से पास कानून की वैधता पर विस्तृत सुनवाई की बात कही। जवाब के लिए सरकार को 6 हफ्ते का समय दिया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त 2024 में होगी।

Advertisement

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 खेल tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो