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PM Modi Oath Ceremony: बीजेपी के पास ही होंगे भारी-भरकम मंत्रालय, NDA के सहयोगियों से इन मंत्रालयों पर नहीं हो रही कोई चर्चा

PM Modi Oath Ceremony: पहले यह दावे किए जा रहे थे कि PM मोदी की कैबिनेट में NDA के सहयोगी दल कई बड़े मंत्रालयों की डिमांड कर रहे हैं, लेकिन अब खबरें हैं कि BJP ज्यादातर बड़े मंत्रालय अपने ही पास रखने वाली है।
Written by: न्यूज डेस्क
नई दिल्ली | Updated: June 09, 2024 08:41 IST
pm modi oath ceremony  बीजेपी के पास ही होंगे भारी भरकम मंत्रालय  nda के सहयोगियों से इन मंत्रालयों पर नहीं हो रही कोई चर्चा
Narendra Modi की नई कैबिनेट (सोर्स - PTI/File)
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Narendra Modi Oath Ceremony: देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मनोनीत प्रधानमंत्री और एनडीए के संसदीय दल के नेता आज राष्ट्रपति भवन में लगातार तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेंगे। पीएम मोदी अपनी पूरी कैबिनेट के साथ शपथ लेने वाले हैं, जिसके चलते शपथग्रहण समारोह काफी भव्य होने वाला है। पीएम मोदी की कैबिनेट को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं अब खबरें हैं कि BJP ने अपने NDA के सहयोगी दलों को यह संकेत दिया है कि वह कैबिनेट में ज्यादा बड़े मंत्रालयों की उम्मीद न रखें, क्योंकि पार्टी अहम मंत्रालय अपने ही पास रख सकती है।

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दरअसल, शुक्रवार को हुई NDA के संसदीय दल की बैठक और PM मोदी को गठबंधन का नेता चुनने के बाद मंत्रियों और विभागों की चर्चाएं शुरु हो गईं थीं, जो कि बीते दिन शनिवार को भी जारी थीं। अब संकेत मिल रहे हैं कि BJP ने अपने गठबंधन के सहयोगी दलों को मंत्री पद और विभागों की उम्मीद कम रखने की सलाह दी है। माना जा रहा है कि पार्टी ने अपने सहयोगी दलों को यह आश्वासन दिया है कि उचित समय पर उनकी सभी अधूरी हसरतों की पूर्ति की जाएगी।

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चार मंत्रालयों पर तो चर्चा ही नहीं करना चाहती BJP

मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के जरिए बताया गया है कि कैबिनेट की सुरक्षा समिति यानी CCS में शामिल होने वाले सभी मंत्रालय बीजेपी अपने ही पास रखते हैं। बता दें कि सीसीएस में पीएम मोदी के अलावा गृह, रक्षा, वित्त और विदेश मंत्रालय शामिल होते हैं। बीजेपी ने अपने सहयोगी दलों को स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह इन चार मंत्रालयों पर तो कोई चर्चा ही नहीं करना चाहती है।

इतना ही नहीं, बीजेपी संसदीय, शिक्षा, संस्कृति सूचना प्रसारण के मंत्रालय भी अपने ही पास रख सकती है और लोकसभा स्पीकर तक का पद अपने ही पास रख सकती है, पार्टी अगर ऐसा करने में और सहयोगी दलों सहमत करने में सफल हो जाती है, तो यह उसके लिए कामयाबी ही होगी।

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रिपीट हो सकते हैं कई मंत्री

ऐसा नहीं है कि बीजेपी सबकुछ अपने ही पास रखेगी। सूत्रों का कहना है कि सहयोगी दलों को कुल 12-16 मंत्री पद तक मंत्रालय दिए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी, टीडीपी, जेडीयू, शिवसेना और एलजेपी से ज्यादा मंत्री बना सकती है। हालांकि अभी तक यह सामने नहीं आया है कि बीजेपी अपने खेमे से किन नेताओं को मंत्री बना सकती है, लेकिन माना जा रहा है कि पीएम मोदी की कैबिनेट में पिछली बार के कई मंत्री रिपीट हो सकते हैं, जिसमें अमित शाह से लेकर राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और वैष्णव का नाम हो सकता है।

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इसके अलावा बीजेपी राज्यों से आए दो पूर्व मुख्यमंत्रियों यानी शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर को केंद्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।

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