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कर्नाटक: दलित को डिप्टी सीएम नहीं बनाया तो होगी समस्या, वरिष्ठ नेता परमेश्वरा ने दी पार्टी नेतृत्व को चेतावनी

71 वर्षीय परमेश्वरा एक दलित नेता हैं और एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व में कांग्रेस-जद (एस) की गठबंधन सरकार में डिप्टी सीएम थे। वह सबसे लंबे समय (आठ वर्ष) तक कर्नाटक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: संजय दुबे
Updated: May 18, 2023 18:02 IST
कर्नाटक  दलित को डिप्टी सीएम नहीं बनाया तो होगी समस्या  वरिष्ठ नेता परमेश्वरा ने दी पार्टी नेतृत्व को चेतावनी
कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता जी परमेश्वरा। (फोटो फाइल)
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कर्नाटक में भारी बहुमत से जीतकर आई कांग्रेस पार्टी के सामने सरकार बनाने में बाधा अपने ही लोग बन रहे हैं। इसकी वजह से कार्यकर्ताओं में भी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। सीएम पद के लिए दो सीनियर नेताओं में टकराव के चलते सरकार का गठन नहीं हो पा रहा है। दोनों नेता खुद को सरकार की कमान सौंपने की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता जी परमेश्वरा (G Parmeshwara) ने गुरुवार को केंद्रीय नेतृत्व को चेतावनी दी कि यदि डिप्टी सीएम का पद किसी दलित को नहीं दिया गया तो इसका उलटा नतीजा निकलेगा और इससे पार्टी को मुसीबत होगी।

71 वर्षीय परमेश्वरा एक दलित नेता हैं और एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व में कांग्रेस-जद (एस) की गठबंधन सरकार में डिप्टी सीएम थे। वह सबसे लंबे समय (आठ वर्ष) तक कर्नाटक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे।

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कांग्रेस की ओर से सिद्धारमैया को सीएम बनाए जाने और डीके शिवकुमार को उनके एकमात्र डिप्टी बनाए जाने की संभावना जताये जाने के घंटों बाद जी परमेश्वरा की यह चेतावनी आई।

उधर, शिवकुमार की ओर से कथित तौर पर नेतृत्व के सामने यह शर्त रखे जाने के बारे में पूछे जाने पर कि डिप्टी सीएम सिर्फ एक होना चाहिये, परमेश्वर ने कहा, "उन्होंने जो कहा है वह शिवकुमार के दृष्टिकोण में सही हो सकता है, लेकिन आलाकमान का दृष्टिकोण अलग होना चाहिए। आलाकमान को फैसला करना है, हम उनसे (आलाकमान) उम्मीद करते हैं …।” यह पूछे जाने पर कि दलित समुदाय को डीसीएम पद नहीं देकर दलितों के साथ अन्याय किया गया है, जी परमेश्वरा ने कहा कि लोगों, विशेष रूप से दलित समुदाय को बहुत उम्मीदें हैं।

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परमेश्वर ने कहा, “अपेक्षाओं को समझते हुए हमारे नेतृत्व को निर्णय लेना होगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो स्वाभाविक रूप से इसके लिए प्रतिक्रियाएं होंगी। मुझे यह कहने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसे बाद में समझने की बजाय अभी सुधार लें तो बेहतर होगा। वरना यह पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। मैं उन्हें इसे समझने के लिए कहना चाहूंगा।”

बोले- “मैं मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों के लिए इच्छुक था लेकिन अब हमें आलाकमान के फैसले का पालन करना होगा, इसलिए देखते हैं कि आने वाले दिनों में वे क्या करेंगे। अभी के लिए उन्होंने दोनों के बारे में घोषणाएं की हैं, हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि वे कैबिनेट विस्तार के दौरान कैसे न्याय करेंगे।"

इससे पहले दिन में कांग्रेस द्वारा सिद्धारमैया और शिवकुमार को क्रमशः सीएम और डिप्टी सीएम के रूप में नामित करने की आधिकारिक घोषणा से पहले, परमेश्वर ने इस सवाल कि क्या वह डिप्टी सीएम पद मांगेंगे, उन्होंने कहा, "इसमें पूछने के लिए क्या है? उन्हें देना चाहिए। जैसा कि मैं पहले डिप्टी सीएम था, मैं उनसे देने की उम्मीद करता हूं, देखते हैं…।” (पीटीआई इनपुट के साथ)

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