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ईरान का पाकिस्तान को झटका, शहबाज शरीफ के कश्मीर राग पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने राष्ट्रपति इब्राहिम ने दिया ऐसा रिएक्शन

रईसी आठ वर्षों में पाकिस्तान का दौरा करने वाले पहले ईरानी राष्ट्रपति हैं। उनके साथ उनकी पत्नी और एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है, जिसमें विदेश मंत्री और कैबिनेट के अन्य सदस्य व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: संजय दुबे
नई दिल्ली | Updated: April 23, 2024 12:37 IST
ईरान का पाकिस्तान को झटका  शहबाज शरीफ के कश्मीर राग पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने राष्ट्रपति इब्राहिम ने दिया ऐसा रिएक्शन
इस्लामाबाद में 22 अप्रैल को पाकिस्तान और ईरान के बीच उच्चस्तरीय बैठक में मौजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी। (फोटो- पीटीआई/एपी)
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अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार झटका खाने के बाद भी पाकिस्तान अपनी आदतों से बाज नहीं आता है। वह जहां भी जाता है कश्मीर का राग जरूर अलापता है। उसके अपने देश में भी कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष आते हैं, तब भी पाकिस्तान कश्मीर का मुद्दा उठाकर सहानुभूति पाना चाहता है, हालांकि उसे हर बार अपमान झेलना पड़ता है। तीन दिन के दौरे पर पाकिस्तान आए ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी से सोमवार को मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारत के अत्याचार से वहां खून बह रहा है। शहबाज ने गाजा का भी नाम लिया और वहां मारे गये 35 हजार मुसलमानों को शहीद बताया। इस दौरान संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी पाकिस्तान के कश्मीर राग पर जोरदार झटका दिया। उन्होंने कश्मीर का एक बार भी नाम नहीं लिया। इससे दोनों देशों की अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने पाकिस्तान की उन्होंने किरकिरी कर दी।

दोनों देशों ने आतंकवाद को खत्म करने के लिए संयुक्त प्रयास पर जताई सहमति

इससे पहले उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी से मुलाकात कर राजनीतिक, आर्थिक, व्यापार व सांस्कृतिक स्तर पर द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। आतंकवाद को मिटाने के लिए संयुक्त प्रयास करने पर भी दोनों देशों ने सहमति जताई। शरीफ ने आठ फरवरी को हुए आम चुनाव के बाद पाकिस्तान का दौरा करने वाले किसी भी देश के पहले राष्ट्राध्यक्ष रईसी का प्रधानमंत्री आवास में स्वागत किया, जहां रईसी नेता को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। सरकारी ‘रेडियो पाकिस्तान’ ने बताया कि बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति रईसी और प्रधानमंत्री शरीफ ने आतंकवाद को खत्म करने के लिए संयुक्त प्रयास करने पर सहमति जताई।

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दोनों नेताओं ने व्यापार और संचार संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा की

रेडियो ने कहा कि दोनों नेताओं ने अपने देशों के बीच व्यापार और संचार संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा की। रईसी और शरीफ की मौजूदगी में ईरानी व पाकिस्तानी अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के लिए आठ सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति रईसी ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान और पाकिस्तान ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाकर 10 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का फैसला किया है। रईसी ने कहा, “हम उच्चतम स्तर पर संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ईरान और पाकिस्तान के बीच आर्थिक व व्यापारिक सहयोग की कोई सीमा नहीं है।

हमने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाकर 10 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का फैसला किया है।” वहीं, शरीफ ने कहा कि पूरा पाकिस्तान ईरानी राष्ट्रपति की यात्रा का स्वागत करता है क्योंकि उन्होंने चुनौतियों के बावजूद पाक-ईरान संबंधों को मजबूत करने का आह्वान किया है। शरीफ ने कहा, “हमें चुनौतियों के बावजूद इस रिश्ते को मजबूत बनाए रखना है।”

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संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में शरीफ ने कश्मीर मुद्दा उठाया और ईरान को उसके रुख के लिए धन्यवाद दिया। हालांकि, राष्ट्रपति रईसी ने कश्मीर का उल्लेख करने से परहेज किया और इसके बजाय विशेष रूप से फलस्तीन में उत्पीड़न के खिलाफ लड़ने वालों को ईरान की ओर से समर्थन देने की बात कही। इससे पहले, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि सहयोग को बढ़ावा देने के लिए तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर यहां पहुंचे रईसी का इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया और आवास मंत्री मियां रियाज हुसैन पीरजादा तथा ईरान में पाकिस्तान के राजदूत मुदस्सिर टीपू ने उनकी अगवानी की।

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रईसी आठ वर्षों में पाकिस्तान का दौरा करने वाले पहले ईरानी राष्ट्रपति हैं। उनके साथ उनकी पत्नी और एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है, जिसमें विदेश मंत्री और कैबिनेट के अन्य सदस्य व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। दोनों पड़ोसी देशों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को उस समय झटका लगा था जब ईरान ने जनवरी में पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में कथित आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में “आतंकवादी ठिकानों” पर हमला करके पलटवार किया था, जिसमें नौ लोग मारे गए थे।

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