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Tripura Elections Result: त्रिपुरा में BJP का दावा- दोबारा मिलेगी सत्ता, लेफ्ट-कांग्रेस और TIPRA को जीत का भरोसा

प्रद्योत किशोर के 2021 में टीआईपीआरए मोथा शुरू करने के कुछ ही महीनों बाद पार्टी ने टीटीएएडीसी चुनावों में जीत हासिल की। पार्टी अब इस चुनाव में संभावित किंगमेकर बनकर उभरी है।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: संजय दुबे
March 01, 2023 21:10 IST
tripura elections result  त्रिपुरा में bjp का दावा  दोबारा मिलेगी सत्ता  लेफ्ट कांग्रेस और tipra को जीत का भरोसा
कौन पार्टी सत्ता में रहेगी और कौन नहीं, इसका गुरुवार को हो जाएगा फैसला। (PTI Photo)
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त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में मतगणना की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। मतगणना राज्य के सभी 21 स्थानों पर सुबह 8 बजे से शुरू होगी। सुरक्षा के लिए जबर्दस्त बंदोबस्त किए गये हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR) और त्रिपुरा पुलिस पर्सनेल के जवानों की तैनाती की गई है।

मैदान में ताकतवर बने हैं सभी दल

त्रिपुरा चुनाव में इस बार जो महत्वपूर्ण दल मैदान में हैं उनमें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और इसकी सहयोगी इनडाइजेनस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT), विपक्षी लेफ्ट फ्रंट और इसकी सहयोगी कांग्रेस तथा टिपरा मोथा पार्टी (TIPRA Motha Party) शामिल हैं।

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2018 के विधानसभा चुनावों में 60 सदस्यीय विधानसभा में 25 सालों से सत्ता में बैठी लेफ्ट फ्रंट को हटाकर भाजपा ने बहुमत प्राप्त कर लिया। इस बार मुख्यमंत्री माणिक साहा भाजपा के चेहरे के रूप में सुशासन (Good Governance) के साथ 55 सीटों पर मैदान में है, जबकि इसकी सहयोगी इनडाइजेनस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) ने छह सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

सीपीएम की नेतृत्व वाली वाम मोर्चा 47 सीटों पर चुनाव लड़ी और बाकी की 13 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार मैदान में हैं। त्रिपुरा में वाम मोर्चा और कांग्रेस के बीच पहली बार सीटों का बंटवारा हुआ है। पूर्व में सीपीएम और कांग्रेस पार्टी एक दूसरे के कट्टर विरोधी थे। दोनों के बीच हिंसा की घटनाएं भी हो चुकी हैं। दोनों पार्टियां इस बार राज्य में ''लोकतंत्र की बहाली और कानून का राज'' लाने के लिए साथ-साथ आई हैं। उनका मानना है कि भाजपा ने लोकतंत्र खत्म कर दिया है।

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इस चुनाव में एक अन्य प्रमुख दावेदार पूर्ववर्ती त्रिपुरा शाही परिवार, प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा के वंशज हैं, जिनकी टीआईपीआरए मोथा पार्टी (TIPRA Motha Party) "ग्रेटर टिपरालैंड" बनाने के अपने वादे के साथ मैदान में है। यह त्रिपुरा के भीतर आदिवासियों के लिए एक प्रस्तावित स्वायत्त राज्य है, जिसमें मौजूदा त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) प्रशासन की तुलना में अधिक विधायी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वायत्तता होगी।

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प्रद्योत किशोर के 2021 में टीआईपीआरए मोथा शुरू करने के कुछ ही महीनों बाद पार्टी ने टीटीएएडीसी चुनावों में जीत हासिल की। पार्टी अब इस चुनाव में संभावित किंगमेकर बनकर उभरी है।

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