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आकाश आनंद: जिस भतीजे को आगे करने की होड़ थी, उसकी कुर्बानी क्यों दे गईं मायावती?

ये वही आकाश आनंद हैं तो विदेश से पढ़कर आए, जिन्होंने युवा चेहरे का तमगा हासिल किया, जिन्हें बसपा को फिर उठाने की जिम्मेदारी सौंपी गई
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Sudhanshu Maheshwari
नई दिल्ली | Updated: May 08, 2024 08:04 IST
आकाश आनंद  जिस भतीजे को आगे करने की होड़ थी  उसकी कुर्बानी क्यों दे गईं मायावती
आकाश आनंद की कुर्बानी का कारण जानिए
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बसपा प्रमुख मायावती ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को नेशनल कॉर्डिनेटर और अपने उत्तराधिकारी पद से हटा दिया। परिपक्वता की कमी बताकर मायावती ने उस पद को अपने भतीजे से छीन लिया। अब सवाल उठने लगा है कि चुनावी मौसम में बसपा प्रमुख को इतना बड़ा कदम उठाने की क्या जरूर आ पड़ी? अब इसका जवाब आकाश आनंद के बयानों में छिपा हुआ है।

आकाश के विवादित बयान

मायावती की राजनीति की एक बड़ी खासियत रही है, वे विरोधियों पर हमला भी करती हैं तो चाशनी में डिबोकर। उन्हें आपा खोते हुए नहीं देखा गया है, वे अपशब्द बोले बिना भी विरोधियों को पस्त करने की ताकत रखती हैं। अब आकाश आनंद बसपा प्रमुख की उस राजनीति में फिर नहीं बैठ रहे थे। वे तो भरी सभा से जूते मारने जैसे बयान देते हैं, इसके ऊपर यूपी की सरकार को आतंक की सरकार तक करार देते हैं। गुस्सा पूरे समय उनकी नाक पर रहता है और रैलियों में कई मौकों पर गाली देने से भी वे परहेज नहीं करते हैं।

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मायावती की पॉलिटिक्स में फिट क्यों नहीं?

ये वही आकाश आनंद हैं तो विदेश से पढ़कर आए, जिन्होंने युवा चेहरे का तमगा हासिल किया, जिन्हें बसपा को फिर उठाने की जिम्मेदारी सौंपी गई, खुद मायावती ने पूरे विश्वास के साथ उन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाया। लेकिन उन जिम्मेदारियों को वे पूरा कर पाते, उससे पहले ही उनकी छुट्टी कर दी गई। उन्हें उनके पद से ही हटा दिया गया। ऐसा माना जा रहा है कि आकाश आनंद का एंग्री यंग मैन वाला अवतार ना मायावती को भा रहा था और ना ही बसपा के अन्य कार्यकर्ताओं, सभी की नजर में काशीराम की पार्टी इस प्रकार के बयानों का स्वागत नहीं कर सकती।

मायावती ने क्या बोला?

वैसे भी आकाश आनंद पर कुछ दिन पहले ही FIR भी दर्ज हो चुकी है, इस समय जब बसपा काफी खराब दौर से गुजर रही है, तब ऐसी कार्रवाई छवि को और ज्यादा धूमिल करने का काम करती है। इसी वजह से मायावती ने आकाश आनंद को पद से हटा दिया और इसे कुर्बानी का नाम दिया। सोशल मीडिया पोस्ट में मायावती ने लिखा कि विदित है कि बीएसपी एक पार्टी के साथ ही बाबा साहेब डा भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान तथा सामाजिक परिवर्तन का भी मूवमेन्ट है जिसके लिए मान्य. श्री कांशीराम जी व मैंने खुद भी अपनी पूरी ज़िन्दगी समर्पित की है और इसे गति देने के लिए नई पीढ़ी को भी तैयार किया जा रहा है।

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आकाश का फ्यूचर क्या है?

मायावती ने आगे लिखा कि इसी क्रम में पार्टी में, अन्य लोगों को आगे बढ़ाने के साथ ही, श्री आकाश आनन्द को नेशनल कोओर्डिनेटर व अपना उत्तराधिकारी घोषित किया, किन्तु पार्टी व मूवमेन्ट के व्यापक हित में पूर्ण परिपक्वता (maturity) आने तक अभी उन्हें इन दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है। जबकि इनके पिता श्री आनन्द कुमार पार्टी व मूवमेन्ट में अपनी जिम्मेदारी पहले की तरह ही निभाते रहेेंगेे। अतः बीएसपी का नेतृत्व पार्टी व मूवमेन्ट के हित में एवं बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के कारवाँ को आगे बढ़ाने में हर प्रकार का त्याग व कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटने वाला है।

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