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एक महीने बाद भी अमृतपाल का कुछ पता नहीं, पुलिस केवल 'चोर-सिपाही' का खेल जैसा दावा कर रही

बठिंडा जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सुरिंदर पाल सिंह परमार ने कहा, 'हम अंतरयामी नहीं हैं कि हमें पता चल जाएगा कि अमृतपाल कहां जाएगा और कहां नहीं।'
Written by: नवजीवन गोपाल | Edited By: संजय दुबे
Updated: April 18, 2023 21:20 IST
एक महीने बाद भी अमृतपाल का कुछ पता नहीं  पुलिस केवल  चोर सिपाही  का खेल जैसा दावा कर रही
अमृतसर के एक रेलवे स्टेशन पर अमृतपाल सिंह के एक पोस्टर को देखता एक एक पुलिस कर्मी। पोस्टर में उसके बारे में जानकारी देने वाले को इनाम देने की बात लिखी है। (पीटीआई फोटो)
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वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह (Waris Punjab De chief Amritpal Singh) का एक महीने बाद भी कुछ पता नहीं चल सका है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने 13 अप्रैल को मीडिया के साथ बातचीत में उसके बैसाखी (14 अप्रैल) को तख्त दमदमा साहिब जाने की किसी भी आशंका के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा 'देखिए ऐसा है हम परिंदे को भी पर नहीं मारने देंगे' तो उनके दावे अतिशयोक्ति ही लग रहे थे। पिछले 18 मार्च से शुरू हुए खालिस्तान समर्थक का पीछा अब भी जारी है।

दुर्भाग्यपूर्ण शनिवार को पीछा करने की बड़ी घटना कैमरे में कैद हो गई थी। इंटरनेट बंद होने के बीच पुलिस की गाड़ियां धूल उड़ाती रहीं और अटकलें लगाई जाती रहीं। यहां तक कि जब हर कोई अमृतपाल की गिरफ्तारी की घोषणा के लिए सांस रोककर इंतजार कर रहा था तब उसके समर्थक भगवंत सिंह उर्फ प्रधानमंत्री बाजेके ने मोगा के पास खेतों से पकड़े जाने से पहले फेसबुक पर 'पुलिस आ गई है' के नारे लगाने वाले पोस्ट डाल दिये थे। उनके शब्दों ने न केवल सौ से अधिक मेम्स लॉन्च किए बल्कि एक खाद्य वितरण कंपनी के विज्ञापन को भी प्रेरित किया।

पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने शुरू से ही अपनी जुबान से जादू दिखाया। पहले दिन जालंधर के पुलिस आयुक्त कुलदीप सिंह चहल का जब मीडियाकर्मियों से सामना हुआ तो उन्होंने मायावी अमृतपाल को 'चोर' और 'सिपाही' के खेल से तुलना करके समझा दिया। कहा कि "यह 'चोर' और 'सिपाही' का खेल है। कभी-कभी वे (अपराधी) भागने में सफल हो जाते हैं। लेकिन हम उसे (अमृतपाल) जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे।

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वह जगह और भेष बदलता जा रहा है

अब एक महीना हो गया है और पुलिस अमृतपाल को कई बार देख चुकी है। शुरुआती कुछ दिन सीसीटीवी फुटेज से भरे हुए थे, जिसने कई लोगों को राज्य में कैमरों की पैठ के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया था। एक कार और एक मोबाइल से लेकर एक मोटर चालित गाड़ी और बस तक, वह जगह बदलते हुए और भेष बदलते हुए दिखाई दिए।

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यह पूछे जाने पर कि क्या अमृतपाल तख्त दमदमा साहिब में आत्मसमर्पण कर सकता है, बठिंडा जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सुरिंदर पाल सिंह परमार ने कहा, "हम अंतरयामी नहीं हैं कि हमें पता चल जाएगा कि अमृतपाल कहां जाएगा और कहां नहीं। अमृतपाल की गतिविधियों के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है, कौन जाने वह कहां जाएगा। अगर उन्हें तलवंडी साबो आना होता तो अब तक आ चुका होता यह उसका विकल्प है। मैं इसकी भविष्यवाणी नहीं कर सकता और कोई भी इसकी भविष्यवाणी नहीं कर सकता।"

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