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उमेश पाल की हत्या से पहले अतीक ने बिल्डर से वसूले थे 80 लाख रुपये, व्हाट्सअप चैट में दी थी धमकी

अतीक ने जेल से व्हाट्सअप मेसेज में कहा था कि हिसाब होना है और इंसाहल्लाह बहुत जल्द हिसाब शुरू कर दूंगा।
Written by: संजय दुबे | Edited By: संजय दुबे
Updated: April 18, 2023 17:12 IST
उमेश पाल की हत्या से पहले अतीक ने बिल्डर से वसूले थे 80 लाख रुपये  व्हाट्सअप चैट में दी थी धमकी
माफिया डॉन अतीक अहमद (फोटो- पीटीआई)
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माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मौत के बाद अब उसके जरायम पेशे की तमाम बातें खुलकर सामने आ रही हैं। अतीक अहमद वसूली से लेकर भूमि पर अवैध कब्जा, हत्या और लूटपाट तथा अपहरण जैसे अपराधों में शामिल रहा है। वह और उसका भाई अशरफ और अतीक के बेटों का पूरा गैंग था, जिसमें इन लोगों के अलावा कई अन्य लोग उसके लिए काम करते थे। उसके पास कई शूटर थे और कई ऐसे आदमी थे, जो उसके लिए दूसरे शहरों में भी काम करते थे।

पैसा वसूलने के लिए अतीक का बेटा असद बिल्डर के घर पहुंच गया था

मीडिया सूत्रों के मुताबिक उमेश पाल की हत्या के बाद अतीक अहमद ने साबरमती जेल से एक बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम को फोन से धमकी दी थी और पांच करोड़ रुपये मांगे थे। बाद में अतीक अहमद का बेटा मोहम्मद असद बिल्डर के लखनऊ वाले घर पर पहुंच गया। बिल्डर ने दरवाजा ही नहीं खोला, तो असद ने फोन पर धमकी दी। कहा, "आपके घर आया हूं, दरवाजा नहीं खोलोगे, यहीं चौथे फ्लोर पर रहते हो न, गेट ना खोलकर अच्छा नहीं किया।" इससे बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम बहुत डर गया।

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मेसेज में लिखा, "मेरे कोई लड़के ना डॉक्टर बनेंगे और ना वकील"

आजतक की खबर के अनुसार मोहम्मद मुस्लिम ने अतीक के बेटे असद को उस दिन 80 लाख रुपये दिये थे। इन पैसों का इस्तेमाल उमेश पाल हत्याकांड में किया गया था। अतीक ने मोहम्मद मुस्लिम को धमकी भरा मैसेज में लिखा था, "मेरे कोई लड़के ना डॉक्टर बनेगा और ना वकील बनेगा और सिर्फ हिसाब होना है और इंसाहल्लाह बहुत जल्द हिसाब शुरू कर दूंगा।"

गुलाबी और सफेद रंग की पर्ची पर होती थी वसूली

अतीक अहमद बड़े कारोबारियों से वसूली के लिए दो तरह की पर्ची बनवाई थी। एक पर्ची गुलाबी रंग की होती थी और दूसरी सफेद रंग की होती थी। जिन कारोबारियों से 3 से 5 लाख रुपये तक की वसूली होती थी उनको गुलाबी पर्ची दी जाती थी और जिन कारोबारियों से 5 लाख रुपये से ऊपर की वसूली होती थी, उन्हें सफेद पर्ची दी जाती थी। इन वसूली को चुनाव टैक्स के नाम से बताया जाता था और पैसे या तो कैश लिये जाते या फिर बकायदा बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एकाउंट में जमा कराया जाता था। यह एकाउंट अतीक अहमद के नाम से था।

बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम को अतीक ने अंतिम बार चेतावनी देते हुए व्हाट्सअप चैट में लिखा था, "मैं आपको आखिरी बार कह रहा हूं, आप मेरे बेटे से ईडी-ईडी कर रहे, ईडी ने अभी आपका पैसा सीज तो नहीं किया, बेहतर ये है कि हमारे बेटे उमर का जो हिसाब है और असद ने जो पैसा दिया है, वो हमें इलेक्शन में जरूरत है तो हमारी आपसे कोई दुश्मनी तो नहीं…"

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व्हाट्सअप चैट में अतीक ने यह भी लिखा, 'आपके घर ने अपनी किस्मत और अक्ल से कमाया लेकिन हमारे जो पैसे है उसको तुरंत दे दो…. इस वक्त हमारे बहुत काम आएगा… कम लफ्जों में ज्यादा समझ लो… मैं अभी मरने वाला नहीं हूं, इंसाअल्लाह एक्सरसाइज करता हूं, दौड़ता हूं, बेहतर है हमसे आके मिल लो…अतीक अहमद… साबरमती जेल।"

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