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Varun Gandhi: 'वरुण ने पीलीभीत छोड़ा तो लोग बहुत रोये', मेनका गांधी बोलीं- मेरा बेटा आगे जो भी करेगा, वह देश के लिए अच्छा होगा

Varun Gandhi: पीलीभीत से टिकट नहीं मिलने के बाद वरुण गांधी ने ऐलान किया था कि वह इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे।
Written by: न्यूज डेस्क
Updated: April 06, 2024 09:50 IST
varun gandhi   वरुण ने पीलीभीत छोड़ा तो लोग बहुत रोये   मेनका गांधी बोलीं  मेरा बेटा आगे जो भी करेगा  वह देश के लिए अच्छा होगा
Varun Gandhi: मां मेनका के साथ बीजेपी सांसद वरुण गांधी। (रॉयटर्स)
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Lok Sabha Elections: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुटे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश में मेनका गांधी और उनके बेटे वरुण गांधी की बात की जाए तो भाजपा हाईकमान ने मेनका गांधी को तो सुल्तानपुर से मैदान में उतारा है, लेकिन वरुण गांधी का पीलीभीत से टिकट काटकर जितिन प्रसाद को जगह दी है। जितिन प्रसाद ने 9 जून, 2021 को भाजपा में शामिल हुए थे। जबकि वरुण शुरू से ही भाजपा में ही थे, कहा जाता है कि वरुण गांधी की कुछ टिप्पणियां बीजेपी हाईकमान को रास नहीं आईं, जिसके चलते वरुण का टिकट काट दिया गया।

वरुण गांधी के टिकट कटने को लेकर जब मेनका गांधी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'वरुण गांधी ने पीलीभीत का बहुत अच्छे से ख्याल रखा। मुझे उन पर गर्व है। जब वरुण को पीलीभीत छोड़ना पड़ा तो लोग काफी रोये। मुझे पूरी उम्मीद है कि वरुण आगे जो भी करेगा, वह देश के लिए अच्छा होगा।'

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पीलीभीत से टिकट नहीं मिलने के बाद वरुण गांधी ने ऐलान किया था कि वह इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने 28 मार्च को पीलीभीत की जनता के नाम एक पत्र लिखा था, जिसमें खुद को यहां का बेटा बताया था। वरुण गांधी ने अपने पत्र में कहा था कि पीलीभीत के लोगों के साथ उनका रिश्ता राजनीति से परे है और वह लोगों की सेवा के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं।

वरुण गांधी ने अपने पत्र में लिखा था, 'आज जब मैं यह पत्र लिख रहा हूं तो अनगिनत यादों ने मुझे भावुक कर दिया है। मुझे वह 3 साल का छोटा बच्चा याद है जो 1983 में अपनी मां की उंगली पकड़कर पहली बार पीलीभीत आया था, उसे क्या पता था कि एक दिन यह धरती उसकी कर्मभूमि बन जाएगी और यहां के लोग उसका परिवार बन जाएंगे। मैं आम आदमी की आवाज उठाने के लिए राजनीति में आया हूं और आज मैं आपका आशीर्वाद चाहता हूं कि मैं हमेशा यह काम करता रहूं, चाहे इसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े। मेरा और पीलीभीत का रिश्ता प्यार और विश्वास का है। भले ही एक सांसद के रूप में मेरा कार्यकाल समाप्त हो रहा है, लेकिन पीलीभीत से मेरा रिश्ता मेरी आखिरी सांस तक खत्म नहीं हो सकता। एक सांसद के रूप में नहीं तो एक बेटे के रूप में, मैं जीवन भर आपकी सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं और मेरे दरवाजे पहले की तरह आपके लिए हमेशा खुले रहेंगे।'

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वहीं 3 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत में बीजेपी की तरफ से आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में हिस्सा लिया तो भी वरुण गांधी मंच पर नहीं दिखे। पीलीभीत से बीजेपी उम्मीदवार जितिन प्रसाद कार्यक्रम में सीएम योगी के साथ मौजूद थे।

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