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UP Politics: सत्ता के करीब आईं अलका राय, ओपी राजभर की पार्टी में हुईं शामिल; जानिए बीजेपी ने पार्टी से क्यों निकाला था

Lok Sabha Elections: अलका राय मऊ जिले में भाजपा की बड़ी चेहरा रही हैं, लेकिन एंबुलेंस प्रकरण में नाम सामने आने पर बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था।
Written by: न्यूज डेस्क
Updated: March 03, 2024 10:00 IST
up politics  सत्ता के करीब आईं अलका राय  ओपी राजभर की पार्टी में हुईं शामिल  जानिए बीजेपी ने पार्टी से क्यों निकाला था
Lok Sabha Elections: लोकसभा चुनाव से पहले अलका राय ने ओपी राजभर की पार्टी का थामा दामन। (सोशल मीडिया)
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Lok Sabha Elections: लोकसभा चुनाव से पहले तमाम नेता अपनी गोटियां बैठाने में लगे हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के बहुचर्चित एंबुलेंस प्रकरण में मुख्तार अंसारी के साथ सह आरोपी और श्याम संजीवनी अस्पताल की संचालक डॉ. अलका राय ने ओपी राजभर की पार्टी का दामन थाम लिया है।

मऊ जिले के रतनपुरा में आयोजित रैली में ओमप्रकाश राजभर ने पूर्व भाजपा नेता डॉ अलका राय को अपने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। अलका राय एंबुलेंस प्रकरण में मुख्तार अंसारी के साथ सह आरोपी हैं। जिनके ऊपर बीते दिनों कार्रवाई की गई थी। जिसमें उनके करोड़ों की संपत्ति को सील किया गया है, साथ ही कई महीने सलाखों के पीछे भी अलका राय रह चुकी हैं।

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अलका राय मऊ जिले में भाजपा की बड़ी चेहरा रही हैं, लेकिन एंबुलेंस प्रकरण में नाम सामने आने पर बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। जेल से बाहर आने के अलका राय अपनी राजनीतिक जमीन तैयार कर रही थीं।

इसी बीच NDA गठबंधन में सहयोगी सुभाषपा के साथ अलका राय सत्ता में अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए पार्टी ज्वाइन कर ली। वहीं ओमप्रकाश राजभर के पार्टी की बात की जाए तो मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को बीते विधानसभा चुनाव में अपने पार्टी से चुनाव लड़ाया था,जो कि सुभाषपा के विधायक हैं। अलका राय भी अब उसी पार्टी में शामिल हो गई हैं। जिसको लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।

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एंबुलेंस प्रकरण में गिरफ्तारी के बाद अलका राय ने अक्टूबर, 2022 में कहा था कि पिछले डेढ़ सालों से मुझे एंबुलेंस प्रकरण के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। अलग-अलग दो बार 8 और 3 महीने जेल में भी रह चुकी हूं। पिछले डेढ़ सालों में पुलिस को किसी भी तरह मेरे और मुख्तार अंसारी के बीच कोई संबंध नहीं मिला है। इस एंबुलेंस से मेरा कोई लेना देना भी नहीं रहा है। इसके बावजूद आज मुझे बेघर कर दिया गया है।

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