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Subrat Pathak: 'मुलायम सिंह शिक्षक थे, अगर बेईमानी नहीं की तो अखिलेश के पास इतनी संपत्ति कैसे आई', BJP MP सुब्रत पाठक का SP चीफ पर बड़ा हमला

Lok Sabha Election: सुब्रत ने कहा कि परिवारवाद का अर्थ होता है कि बाप के बाद बेटा ही अध्यक्ष बनेगा। अगर बाप जीवित या सक्रिय है, तब तक बेटा भी नहीं आ सकता। लेकिन भारतीय जनता पार्टी में ऐसा नहीं है।
Written by: vivek awasthi
Updated: March 29, 2024 14:25 IST
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Lok Sabha Election: कन्नौज से लोकसभा सांसद और बीजेपी प्रत्याशी सुब्रत पाठक। (जनसत्ता.कॉम)
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Exclusive Interview BJP MP Subrat Pathak: लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। ऐसे में अगर हम उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट की बात करें तो इस सीट को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा के इस दुर्ग को बीजेपी प्रत्याशी सुब्रत पाठक ने ध्वस्त कर दिया था। ऐसे में इन्हीं तमाम सवाल-जवाब को लेकर जनसत्ता.कॉम ने कन्नौज से वर्तमान लोकसभा सांसद और बीजेपी प्रत्याशी सुब्रत पाठक से खास बातचीत की। आइए जानते हैं सुब्रत पाठक से बातचीत की प्रमुख बातें।

आप अपनी पारिवारिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि के बारे में बताइए?

इस सवाल के जवाब में भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने कहा कि हमारी पारिवारिक पृष्ठभूमि व्यापारिक और सामाजिक है। राजनीति में हमारी कोई विशेष पृष्ठभूमि नहीं है, बस लोकल में हमारे बाबा और चाचा एक्टिव रहे हैं। इससे अधिक सक्रिय राजनीति में हमारे परिवार में कोई नहीं था।

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राजनीति में एंट्री कैसे हुई? इसको एक संयोग माना जाए या फिर जब आप कॉलेज टाइम में थे तो उसी वक्त आपने मन बना लिया था कि मुझे राजनीति में जाना ही है?

सुब्रत पाठक ने कहा कि राजनीति में जाना हमारा कोई उद्देश्य नहीं था। हमारा मूल उद्देश्य व्यवसाय करना ही था। क्योंकि परिवार का बैकग्राउंड व्यापारी था तो हम भी उसी अपने मूल व्यवसाय में लगे हुए थे। लेकिन कुछ परिस्थितियां और विचारों का साथ में जो सामंजस्य था तो उस वैचारिक आधार पर भारतीय जनता पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर, उसमें खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो 2002 में पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने तो उस वक्त हम लोग छात्र राजनीति में एक्टिव थे। मोदी से प्रभावित होकर राजनीति में सक्रियता बढ़ती गई। 2009 में आकर पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा।

बीजेपी की स्ट्रेटजी और अन्य पार्टियों की राजनीति में आप क्या अंतर देखते हैं?

भाजपा और अन्य पार्टियों की रणनीति का कोई विषय नहीं है। सबसे बड़ी बात विचारधारा की है। सुब्रत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज एक मात्र ऐसा राजनीतिक दल है जिसका वैचारिक आधार है। अन्य किसी दल का कोई वैचारिक आधार नहीं है। सब परिवारवादी प्राइवेट लिमिटेड पार्टियां हैं। कांग्रेस दिल्ली के गांधी परिवार की पार्टी, समाजवादी उत्तर प्रदेश के सैफई परिवार की पार्टी, बिहार में राजद लालू प्रसाद यादव के परिवार की पार्टी है। सुब्रत ने कहा कि इस प्रकार के राजनीतिक दल परिवारवाद की संपत्तियां और गिरोह हैं। इसके अतिरिक्त कुछ नहीं हैं, केवल बीजेपी ही ऐसी पार्टी है जो वैचारिक आधार पर चलती है।

परिवारवाद का आरोप विपक्ष भी लगाता है कि बीजेपी में परिवारवाद के कई उदाहरण हैं?

सुब्रत ने कहा कि परिवारवाद का अर्थ होता है कि बाप के बाद बेटा ही अध्यक्ष बनेगा। अगर बाप जीवित या सक्रिय है, तब तक बेटा भी नहीं आ सकता। लेकिन भारतीय जनता पार्टी में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि आज अगर समाजवादी पार्टी में बात करो कि अखिलेश यादव के बाद सपा का अध्यक्ष कौन होगा तो आदमी तपाक से जवाब देगा कि अखिलेश का बेटा ही होगा, लेकिन भारतीय जनता पार्टी में कोई बता सकता कि नड्डा जी के बाद अगला अध्यक्ष कौन होगा। भाजपा नेता ने कहा कि यह सभी व्यक्ति आधारित और परिवार आधारित पार्टियां हैं, बीजेपी से इनकी कोई तुलना नहीं हो सकती। क्योंकि भाजपा ही एक ऐसा दल है जहां पिछड़े का बेटा और चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है।

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सपा चीफ अखिलेश यादव PDA की बात करते हैं? आप उनकी इस रणनीति को कैसे देखते हैं?

इस सवाल के जवाब में सुब्रत पाठक ने कहा सपा के पीडीए को लेकर सीएम योगी ने स्पष्ट कहा है कि परिवार दंगा एसोसिएशन है। उन्होंने कहा कि पीडीए का साफ मतलब है कि परिवार डिफेंस अलायंस यानी परिवार बचाव गठबंधन। उन्होंने देश में परिवारवाद की हवा चल रही है। यही वजह है मोदी जी को हटाने के लिए परिवारवाद ही एकजुट हुए हैं। इस दौरान सुब्रत पाठक गांधी परिवार से लेकर सपा परिवार तक की कई पार्टियों के नाम गिनाए।

अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस अभी तक प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाई?

सुब्रत पाठक ने कहा कि कांग्रेस में डर पैदा हो गया है। यही वजह है कि वो अभी तक अमेठी और रायबेरली से प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाई।

आप जनता के बीच किन मुद्दों को लेकर जा रहे?

पाठक ने कहा कि मुद्दा सिर्फ एक है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का फिर से प्रधानमंत्री बनाना है। जब यह मुद्दा हमारा हल हो जाता है तो इसके आगे फिर हमारी सभी समस्याएं हल हो जाती हैं। मोदी जी ने इन 10 सालों में वो काम किए जिनके बारे में लोग सोचते भी नहीं थे, कल्पना भी नहीं करते थे। हम लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि राम मंदिर बन जाएगा, कश्मीर से आर्टिकल 370 हटेगी।

अखिलेश यादव अगर कन्नौज से चुनाव लड़ते हैं तो यह आपके लिए कितना टफ रहेगा?

इस सवाल के जवाब में सुब्रत पाठक ने कहा कि हम मानकर चल रहे हैं कि अखिलेश यादव यहां से चुनाव लड़ेंगे। अभी तक उन्होंने प्रत्याशी घोषित नहीं किया तो वो जानें। वो अपनी पार्टी के स्वभूं नेता हैं। लेकिन हमारी पार्टी ने हमको तय कर दिया। हम तो लगातार अखिलेश यादव से ही चुनाव लड़ रहे हैं।

2019 में आप ने सपा के कन्नौज किले में कैसे सेंध लगा दी?

सुब्रत पाठक ने कहा कि कन्नौज की जनता का पीएम मोदी से बहुत स्नेह है। इसलिए वो वोट करती है। और वोट से सांसद चुने जाते हैं। इससे प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ होता है।

अगर आप चुनाव जीतते हैं तो कन्नौज की जनता से क्या वादा करना चाहते हैं?

पाठक ने कहा कि हम लोगों ने सरकार की जो भी योजनाओं हैं उससे क्षेत्र की जनता को लाभान्वित किया है। 50 से ज्यादा लोगों को पक्का मकान दिया है। जो लोग छूट गए हैं, आने वाले दिनों में उनका भी बनेगा। रोड, हाइवे पर सरकार ने कन्नौज का खासा ख्याल रखा है।

देश में इस वक्त महंगाई और बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है। जिसके लेकर विपक्ष सरकार पर आरोप लगाता है?

सुब्रत पाठक ने कहा कि पहले आलू फेंक दिया जाता था। 2017 में जबसे हमारी सरकार आई है, किसानों को हर साल अच्छी कीमत मिली है। पाठक ने कहा कि जब आलू किसानों के चेहरों पर खुशी दिखाई पड़ रही है तो विपक्ष को महंगाई दिखती है। पाठक ने कहा कि महंगाई देश में पूरी तरह से काबू है और इसकी क्षमता केवल पीएम मोदी में ही है।

विपक्ष आरोप लगाता है कि बीजेपी जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है?

इस सवाल के जवाब में पाठक ने कहा कि इसका मतलब कांग्रेस यह सब करती रही है, तभी कांग्रेस को यह सब मालूम है कि बीजेपी इसका गलत इस्तेमाल कर रही है। नहीं तो कांग्रेस को कैसे मालूम बीजेपी ऐसा कर रही है। सुब्रत पाठक ने कहा कि कांग्रेस का चरित्र ही रहा है कि उन्होंने एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया। इसको सभी लोग जानते हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसियां सभी पर कार्रवाई कर रही हैं, या फिर वो विरोधी हों या फिर जो भाजपा के साथ हैं। जो गलत काम करेगा उस पर कार्रवाई होगी।

सुब्रत पाठक ने कहा कि अगर बेईमानी नहीं कि तो समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव के पास इतनी संपत्ति कहां से आई। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव शिक्षक ही तो थे। वो सरकार में आए, सरकार के बाद संपत्ति आई। सुब्रत ने पूछा कि उससे पहले मुलायम परिवार के पास कितनी संपत्ति थी। पाठक ने कहा यह सभी लोग वो हैं जिन्होंने सरकार में रहते हुए तंत्र को ठेंगा दिखाते हुए, कानून का दुरुपयोग करते हुए संपत्ति हासिल की है।

अखिलेश यादव को लेकर आप क्या कहना चाहेंगे?

केजरीवाल के जेल जाने के बाद जिस तरह से अखिलेश यादव ने विधवा विलाप किया है, उससे स्पष्ट है कि अखिलेश यादव को अपनी रातें केजरीवाल के साथ दिखाई पड़ रही हैं।

आप आरोप लगाते हैं कि अखिलेश यादव राम विरोधी हैं?

इस सवाल के जवाब में सुब्रत पाठक ने कहा कि हम आरोप नहीं लगाते हैं, वो खुद ही बताते हैं। बीजेपी सांसद ने कहा कि उनका एक वीडियो मैं देख रहा था, वो कह रहे थे कि न मैं पूजा करता हूं, न मेरी पत्नी पूजा करती है। उन्होंने कहा कि अखिलेश को जब लगता है कि हमें संप्रदाय विशेष का वोट चाहिए तो हम पूजा नहीं करते हैं तो हम जालीदार टोपी लगा लेते हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए सीएम आवास पर रोजा अफ्तार भी करा देते हैं। मजार पर जाकर चादर भी चढ़ा देते हैं। जब उनके बड़ा कोई वोट हो जाता है तो टोपी उचार कर तिलक लगा लेते हैं। उसके बाद कोई टोपी वाला पास में खड़ा हो जाए तो वो खड़ा नहीं हो सकता। सुब्रत पाठक ने कहा कि इस तरह की राजनीति करने वाले केवल वोट बैंक की राजनीति करते हैं और जनता इसको पहचान चुकी है।

आपने आरोप लगाया की अखिलेश यादव धनबल के माध्यम से गलत खबरें प्रसारित करवा रहे हैं?

पिछले दिनों एक खबर चली थी कि कुछ लोग बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि जब मेरी उन लोगों से चर्चा हुई तो उन्होंने कहा कि मैं तो वहां लखनऊ गया ही नहीं था और जो लोग गए थे वो अपने काम से गए थे। इन सबका गलत तरीके से नाम घोषित करा दिया कि यह सभी लोग सपा में शामिल हो गए।

2004 में बीजेपी कार्यकर्ता नीरज मिश्रा की हत्या कर दी गई थी? यह पूरा प्रकरण क्या था और यह जांच अभी तक कहां पहुंचीं, इसमें किस-किस को सजा मिल चुकी और यह हत्या किसके इशारे पर हुई थी?

सुब्रत पाठक ने कहा कि 2004 में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। उस वक्त लोकसभा का चुनाव हो रहा था। उसी दौरान कन्नौज के सकरावां क्षेत्र में नीरश्र मिश्रा वहां बूथ एजेंट थे। लोगों और परिवार के अनुसार, उस वक्त नीरज मिश्रा ने सपा चीफ अखिलेश यादव को बूथ लूटने से मना किया था तो दूसरे कमरे में जाने को लेकर कुछ विवाद हुआ। उस विवाद के बाद लोगों के अनुसार, अखिलेश ने वहां कहा कि हमें इसका 24 घंटे सिर चाहिए। इसके बाद गुंडे उसको घर से उठा ले गए। कुछ दिन बाद उसका सिर,पैर, हाथ कटा हुआ उसकी डेड बॉडी मिली, लेकिन सिर आज तक नहीं मिला। यह भी कहा जाता है कि वो सिर बक्से पर रखकर लखनऊ गया था। सुब्रत पाठक ने कहा कि मैं चाहता हूं कि अखिलेश लखनऊ आएं तो कम से कम हम लोग नीरज का सिर तो मांग सकें।

इस मामले में जांच कहां तक पहुंची?

सुब्रत पाठक ने कहा कि उस वक्त अखिलेश की सरकार थी तो उन्होंने बचाव में कानून का दुरुपयोग किया, लेकिन इस मामले में कई लोगों को सजा हुई।

पीएम मोदी ने नारा दिया है 400 पार, यह कहां तक साकार होता दिख रहा है?

भाजपा सांसद ने कहा कि पीएम मोदी कुछ बोलते हैं तो सोच समझकर बोलते हैं। उन्होंने कहा कि आज बहस इस बात पर हो सकती है कि 400 सीटें आएंगी या नहीं आएंगी, लेकिन सभी लोग इतना जरूर जानते हैं कि आएगी भाजपा ही। उन्होंने कहा कि जो इस वक्त वातावरण है इसको देखकर 400 पार जाना कोई बड़ी बात नहीं है।

फर्रुखाबाद और कन्नौज की जनता चाहती है कि कालिंद्री एक्सप्रेस की तरह एक ट्रेन और दिल्ली के लिए शुरू की जाए। इसको लेकर क्या आप रेल मिनिस्टर से बात करेंगे?

सुब्रत पाठक ने कहा कि इसको लेकर हमने और फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत सभी लोग रेल मंत्री से मिलने गए थे, लेकिन उसमें अलीगढ़ के पास एक प्रॉब्लम है। वहां कोई लाइन कटती है तो उसके ऊपर कुछ काम होना है। जब वहां से लाइन सीधी होगी, तभी हम लोगों को दिल्ली जाने की सुविधा होगी। इस पर काम चल रहा है और जल्द ही हमारी लोगों की इस समस्या का समाधान होगा। मुझे लगता है कि यह काम आने वाले कार्यकाल में पूरा हो जाएगा।

बीजेपी के मुकाबले आप सपा, बसपा और कांग्रेस को कहां खड़ा देखते हैं?

सुब्रत पाठक ने कहा कि जिस हिसाब से चीजें समझ में आ रही हैं, तो यह मुस्लिम समाज के ऊपर डिपेंड करता है। उन्होंने कहा कि अगर मुसलमान समाज को वोट बसपा के साथ जाएगा तो हमारी लड़ाई बसपा से होगी। मुसलमान वोट सपा के साथ जाएगा तो हमारी लड़ाई समाजवादी पार्टी के साथ होगी। जबकि कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है। हम तो कांग्रेस से अपनी लड़ाई भी नहीं मानता, लेकिन इतना जरूर है कि हमारी लड़ाई कहीं बसपा और सपा से जरूर होगी।

आपका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जहां आप लोगों के बीच कह रहे हैं कि आपने वोट दिया नहीं है, मैंने खरीदा है?

उस वीडियो पर सुब्रत पाठक ने कहा कि वीडियो में है कि श्रीमान जी वोट खरीदे हैं। किसने खरीदे, किसके खरीदे। इसका कोई उल्लेख वहां नहीं है। सुब्रत पाठक ने कहा कि मुझे लगता है कि वहां कोई जिला पंचायत को लेकर बात हो रही थी। क्योंकि जिला पंचायत के वोट प्रशासन ने डलवा दिए थे। वोट छह थे तो वोट 16 कैसे निकले। इसको लेकर कुछ चर्चा हो रही थी। सुब्रत पाठक ने कहा कि वहीं उसको लेकर समाजवादी पार्टी के संदर्भ में कहा गया था कि श्रीमान जी वोट खरीदे थे, प्रशासन नहीं डलाए।

बीजेपी सांसद ने कहा कि समाजवादी पार्टी यह सब करती रही है। इसको सभी लोग जानते हैं। पाठक ने कहा कि केवल जिला पंचायत और बीडीसी का ही तो वोट विकता है। बाकी तो कोई वोट विकता नहीं। सुब्रत पाठक ने कहा कि जब विपक्ष कमजोर हो जाता है और लड़ाई का उनके अंदर ताकत नहीं रहती है। सीधे आकर युद्ध मैदान में लड़ना ही नहीं चाहते। ऐसी स्थिति में लोगों के पास षडयंत्र के सिवाय कोई रास्ता नहीं रहता है। लेकिन ऐसे लोग कभी सफल नहीं होते

राम मंदिर को लेकर विपक्ष ने कई आरोप लगाए हैं। उन्हीं में एक आरोप यह भी है कि बीजेपी ने इसे एक इवेंट बना दिया?

भाजपा सांसद ने कहा कि इस पर बीजेपी ने क्या गलत किया। हमारे राम आएंगे तो क्या हम चुपचाप लाएंगे। या हम शांत बैठे रहेंगे। सुब्रत ने कहा कि सभी लोग देखते हैं कि जब अजान होती है तो मस्जिद से मुल्ला चिल्लाता है। तब कभी कोई बोलता है कि इसको इवेंट क्यों बना रहे। लेकिन हमारे धर्म पर सब बोलते हैं। सुब्रत ने कहा कि यह हमारी पद्धति है हम गाएं, गीत गाएं या कुछ भी करें।

आपके स्पीच तेजी से वायरल होते हैं? इतना गुस्सा-आक्रोश आपको क्यों रहता है?

ऐसा नहीं है, जहां गुस्सा या आक्रोश वाली बात होती है तो जाहिर है वहां गुस्सा आएगा। जहां खुशी का माहौल होगा तो वहां हम सभी लोग हंसते भी हैं।

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