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Supreme Court Judge: 'सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में हो जांच', मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर अखिलेश ने योगी सरकार से दागे कई सवाल

Mukhtar Ansari Death: अखिलेश यादव ने कहा कि जो हुकूमत जिंदगी की हिफाजत न कर पाए उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है।
Written by: न्यूज डेस्क
Updated: March 29, 2024 10:47 IST
supreme court judge   सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में हो जांच   मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर अखिलेश ने योगी सरकार से दागे कई सवाल
UP News: मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर सपा चीफ अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं। (PTI)
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Mukhtar Ansari Death: माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद राजनीति तेज हो गई है। तेजस्वी यादव, बसपा चीफ मायावती के बाद अब सपा चीफ अखिलेश यादव ने मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर सरकार पर सवाल दागे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि जीवन की रक्षा करना सरकार का पहला दायित्व है। अगर सरकार हिफाजत नहीं कर सकती तो उसे सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है।

सपा चीफ अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरते हुए कहा कि हर हाल में और हर स्थान पर किसी के जीवन की रक्षा करना सरकार का सबसे पहला दायित्व और कर्तव्य होता है।

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अखिलेश ने कहा कि सरकारों पर निम्नलिखित हालातों में से किसी भी हालात में, किसी बंधक या क़ैदी की मृत्यु होना, न्यायिक प्रक्रिया से लोगों का विश्वास उठा देगा-

थाने में बंद रहने के दौरान

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जेल के अंदर आपसी झगड़े में

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जेल के अंदर बीमार होने पर

न्यायालय ले जाते समय

अस्पताल ले जाते समय

अस्पताल में इलाज के दौरान

झूठी मुठभेड़ दिखाकर

झूठी आत्महत्या दिखाकर

किसी दुर्घटना में हताहत दिखाकर

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि ऐसे सभी संदिग्ध मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच होनी चाहिए। सरकार न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर जिस तरह दूसरे रास्ते अपनाती है वो पूरी तरह ग़ैर क़ानूनी हैं।

सपा चीफ ने कहा कि जो हुकूमत जिंदगी की हिफ़ाज़त न कर पाये उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक़ नहीं। उप्र ‘सरकारी अराजकता’ के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। ये यूपी में ‘क़ानून-व्यवस्था का शून्यकाल है।

मुख्तार अंसारी की मौत पर समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि पूर्व विधायक मुख़्तार अंसारी की जिन परिस्थितियों में मृत्यु हुई वह अत्यधिक चिंताजनक है। उन्होंने न्यायालय में अर्ज़ी देकर पहले ही ज़हर के द्वारा अपनी हत्या की आशंका व्यक्त की थी। मौजूदा व्यवस्था में तो न जेल में कोई सुरक्षित, न पुलिस कस्टडी में और न अपने घर में। प्रशासनिक आतंक का माहौल पैदा करके लोगों को मुंह बंद रखने को विवश किया जा रहा है। क्या मुख़्तार अंसारी द्वारा न्यायालय में दी गई अर्ज़ी के आधार पर कोई न्यायिक जांच के आदेश करेगी यूपी सरकार?’

मायावती ने कहा कहा?

इससे पहले उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की भी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने मुख्तार अंसारी की मौत की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि मुख्तार अंसारी की जेल में हुई मौत को लेकर उनके परिवार द्वारा जो लगातार आशंकायें व गंभीर आरोप लगाए गए हैं उनकी उच्च-स्तरीय जांच जरूरी है, ताकि उनकी मौत के सही तथ्य सामने आ सकें। ऐसे में उनके परिवार का दुःखी होना स्वाभाविक है। कुदरत उन्हें इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे।

तेजस्वी यादव ने भी योगी सरकार पर उठाए सवाल

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि यूपी से पूर्व विधायक श्री मुख्तार अंसारी के इंतकाल का दुःखद समाचार मिला। परवरदिगार से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति तथा शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। कुछ दिन पूर्व उन्होंने शिकायत की थी कि उन्हें जेल में जहर दिया गया है फिर भी गंभीरता से नहीं लिया गया। प्रथम दृष्टया ये न्यायोचित और मानवीय नहीं लगता. संवैधानिक संस्थाओं को ऐसे विचित्र मामलों व घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लेना चाहिए।

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