scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

Tripura Elections: त्रिपुरा में त्रिकोणीय मुकाबले से वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन को मिलेगा फायदा, बोले CPM महासचिव सीताराम येचुरी

Tripura Elections: भाजपा ने 2018 में सरकार बनाने के लिए कुल 36 सीटें जीती थीं, जिनमें से आधी आदिवासी क्षेत्र से थीं।
Written by: न्यूज डेस्क
Updated: February 11, 2023 16:12 IST
tripura elections  त्रिपुरा में त्रिकोणीय मुकाबले से वाम मोर्चा कांग्रेस गठबंधन को मिलेगा फायदा  बोले cpm महासचिव सीताराम येचुरी
Tripura Elections: माकपा महासचिव सीताराम येचुरी। (फोटो सोर्स: फाइल/एक्सप्रेस)
Advertisement

Tripura Elections: त्रिपुरा में 16 फरवरी को विधानसभा का चुनाव होना है। इसको लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां वोटरों को लुभान के लिए जनता से तमाम वादे और दावे कर रही हैं। इसी बीच माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि त्रिपुरा में त्रिकोणीय मुकाबले से वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन को फायदा मिलेगा।

Advertisement

येचुरी ने कहा कि स्थानीय स्तर के नेता यह देखने के लिए आकलन करेंगे कि बीजेपी को हराने के लिए सबसे बेहतर कौन है। उन्होंने कहा कि बीजेपी (और उसकी सहयोगी आईपीएफटी) ने पिछले चुनाव में आदिवासी इलाकों की 20 सीटों में से 18 सीटें जीती थीं। येचुरी ने एक संवाददाता सम्मेलन में पूर्व में दिए गए अपने बयान पर कहा कि जमीनी स्तर पर कौन भाजपा को हराने में सक्षम होगा, इसका आकलन जमीनी स्तर के नेताओं द्वारा किया जाएगा।

Advertisement

येचुरी ने कहा कि भाजपा ने राज्य में दमन चक्र चला रखा है। हमारी पार्टी ने भाजपा सरकार द्वारा लोगों पर किए जा रहे दमन का जमकर विरोध किया है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों ने भाजपा सरकार को हटाने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट करने की आवश्यकता को महसूस किया है।

बता दें, 60 सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा में 20 सीटें आदिवासी क्षेत्रों के लिए आरक्षित हैं। भाजपा ने 2018 में सरकार बनाने के लिए कुल 36 सीटें जीती थीं, जिनमें से आधी आदिवासी क्षेत्र से थीं।

Advertisement

पिछली बार जो फायदा भाजपा को हुआ, अब दोबारा नहीं होगा: येचुरी

माकपा महासचिव ने कहा कि इस बार आदिवासी क्षेत्रों में टिपरा मोठा सबसे आगे है। आईपीएफटी अब महज ढोल बनकर रह गई है और बीजेपी ने उसे सिर्फ 5 सीटें दी हैं। पिछली बार जो फायदा बीजेपी को मिला था, वह दोबारा नहीं होगा। इससे वाम-कांग्रेस गठबंधन को मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में माकपा के 42.22 प्रतिशत और कांग्रेस के कुछ प्रतिशत अंकों की तुलना में भाजपा के पास 43.59 प्रतिशत वोट शेयर था।

Advertisement

कांग्रेस के वोटों में सेंधमारी करके 2018 में सत्ता में आई थी भाजपा

राज्य में भाजपा 2018 में सत्ता में आई थी। जिसने कांग्रेस के अधिकांश वोटों में सेंध लगाई थी, जो कि 2013 में लगभग 37 प्रतिशत था। 2018 तक राज्य में चुनावी मुकाबला काफी हद तक कांग्रेस और सीपीआई (एम) के बीच था, जिसमें छोटे आदिवासी दलों ने कई बार महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 खेल tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो