scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

Astrology: अपनी जन्मकुंडली से जानिए कैसा मिलेगा आपको जीवनसाथी? विवाह बाद कैसी रहेगी लाइफ

वैदिक ज्योतिष अनुसार यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली के सप्तम भाव पर शुक्र ग्रह स्थित है तो ऐसे व्यक्ति को वफादार जीवनसाथी मिलता है...
Written by: Astro Aditya Gaur
नई दिल्ली | July 11, 2024 13:33 IST
astrology  अपनी जन्मकुंडली से जानिए कैसा मिलेगा आपको जीवनसाथी  विवाह बाद कैसी रहेगी लाइफ
ऐसे लोगों को मिलता है धनी और स्मार्ट जीवनसाथी-
Advertisement

वैदिक ज्योतिष अनुसार व्यक्ति की कुंडली का विश्लेषण करके उसके वैवाहिक जीवन, आर्थिक स्थिति, करियर, कारोबार और सेहत के बारे में पता लगाया जा सकता है। साथ ही उसके वर्तमान, भूत और भविष्य के बारे में पता लगाया जा सकता है। वहीं यहां हम बताने जा रहे हैं कुंडली से वैवाहिक जीवन के बारे में पता लगाना। दरअसल कुंडली में वैवाहिक जीवन के लिए सप्तम भाव, सप्तमेश, नवांश, गुरु और शुक्र ग्रह का विचार किया जाता है। जिसके आधार पर वैवाहिक जीवन के बारे में पता लगाया जा सकता है। आइए जानते हैं…

Advertisement

1- यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली कुंभ लग्न की हो और सूर्य पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तो विवाह अमीर घराने में होता है। साथ ही ऐसे लोगों को जीवनसाथी धनवान मिलता है।

2- यदि कुंडली के सप्तम भाव में वृष राशि हो और शुक्र तथा चंद्र सम राशियों में हो तो व्यक्ति को सुंदर जीवन साथी मिलता है। साथ ही जीवनसाथी का नेचर अच्छा होता है। वहीं वह अपने पार्टनर की केयर करने वाला होता है।

3- कोई ग्रह लग्न कुंडली और नवमांश में एक ही राशि में बैठा हुआ है तो उसे वर्गोत्तम माना जाता है। वर्गोत्तम ग्रह सकारात्मक फल देते हैं। यदि सूर्य ग्रह वर्गोत्तम है तो व्यक्ति को प्रतिष्ठा और सम्मान की प्राप्ति होती है।

Advertisement

4-यदि किसी जातिका की नवांश कुंडली के अष्टम भाव में पाप ग्रह हो या यह भाव पाप ग्रहों से दृष्ट हो तो यह योग वैधव्य कहलाता है। इस योग के कारण पति- पत्नी में छोटी- छोटी बातों पर लड़ाई होती है। साथ ही दोनों में कॉर्डिनेशन की कमी होती है। जिस कारण रिश्ता तलाक तक पहुंच जाता है।

Advertisement

5- यदि सप्तम भाव के स्वामी पर शुभ ग्रह की दृष्टि हो और शुक्र अपनी उच्च राशि में या स्वराशि में हो तो व्यक्ति की शादी 18, 19 या 20 की उम्र में हो जाती है। साथ ऐसे लोगों का जीवनसाथी लॉयल होता है।

6- यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के सप्तम भाव में राहु ग्रह स्थित हो तो ऐसे लोगों का वैवाहिक जीवन क्लेश से भरा रहता है। साथ ही ऐसे लोगों का विवाह लेट होता है।

7- वहीं अगर किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में सप्तम भाव में शनि देव स्थित हैं तो ऐसे व्यक्ति का विवाह देर से होता है। साथ ही सप्तम भाव में शनि देव होने से वैवाहिक जीवन मं तनाव रहता है।

8- यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली के सातवें भाव पर स्व राशि और उच्च राशि पर मंगल का प्रभाव होता है। ऐसे व्यक्ति का जीवन साथी लड़ाकू, क्रोधी, आवेशी, जिद्दी हो सकता है।

यह भी पढ़ें:

मेष राशि का वर्षफल 2024वृष राशि का वर्षफल 2024
मिथुन राशि का वर्षफल 2024 कर्क राशि का वर्षफल 2024
सिंह राशि का वर्षफल 2024 कन्या राशि का वर्षफल 2024
तुला राशि का वर्षफल 2024वृश्चिक राशि का वर्षफल 2024
धनु राशि का वर्षफल 2024
मकर राशि का वर्षफल 2024मीन राशि का वर्षफल 2024
कुंभ राशि का वर्षफल 2024
Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 खेल tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो