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Varuthini Ekadashi 2024: वरुथिनी एकादशी पर बन रहे 3 शुभ योग, जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Varuthini Ekadashi 2024 Shubh Muhurat: वरुथनी एकादशी का व्रत 04 मई को रखा जाएगा। आइए जानते हैं तिथि और शुभ मुहूर्त...
Written by: Astro Aditya Gaur
नई दिल्ली | Updated: April 29, 2024 15:35 IST
varuthini ekadashi 2024  वरुथिनी एकादशी पर बन रहे 3 शुभ योग  जानिए तिथि  शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
इस साल वरुथिनी एकादशी कई शुभ योगों में मनाई जाएगी-
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Varuthini Ekadashi 2024: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। आपको बता दें कि साल में 24 एकादशी आती हैं। साथ ही महीने में दो एकादशी पड़ती हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरे दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना करता है। उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं इस बार वरुथिनी एकादशी 4 मई, शनिवार को मनाई जाएगी। साथ ही इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं। जिससे इस दिन का महत्व और बी बढ़ गया है। आइए जानते हैं तिथि और शुभ मुहूर्त…

वरुथिनी एकादशी शुभ मुहूर्त और तिथि (Varuthini Ekadashi 2024 Shubh Muhurat And Tithi) 

वैदिक पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि का आरंभ 3 मई शुक्रवार को रात 11 बजकर 23 मिनट से होगा और इस तिथि का अंत 4 मई शनिवार को रात 8 बजकर 37 मिनट पर होगा। इसलिए वरुथनी एकादशी 4 मई को मनाई जाएगी। वहीं वरुथिनी एकादशी का पारण 5 मई को सुबह 5 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर 8 बजकर 16 मिनट तक होगा।

वरुथिनी एकादशी शुभ योग (Varuthini Ekadashi 2024 Shubh Yog)

पंचांग के मुताबिक वरुथिनी एकादशी के दिन त्रिपुष्कर योग, इंद्र योग और वैधृति योग का निर्माण हो  रहा है। ज्योतिष में इन योगों को बेहद शुभ माना गया है। वहीं त्रिपुष्कर और इंद्र योग में पूजा करने का दोगुना फल प्राप्त होता है।

वरुथिनी एकादशी का धार्मिक महत्व

वरूथिनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही सुख- समृद्धि की प्राप्ति होती है। वहीं वरुथिनी एकादशी का व्रत अन्नदान, कन्यादान दोनों श्रेष्ठ दानों का फल मिलता है। वहीं आपको बता दें कि इस एकादशी पर भगवान विष्णु के वराह अवतार की पूजा- अर्चना की जाती है।

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करें ये उपाय

1- वहीं अगर काफी प्रयास करने के बाद भी संतान की प्राप्ति नहीं हो रही हो तो आप इस एकादशी पर गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करें। ऐसा करने से आपको संतान की प्राप्ति के योग बनेंगे।

2- वहीं  कठिन से कठिन समस्या के निवारण के लिए गजेन्द्र मोक्ष का पाठ करें। ऐसा करने से आपको सभी परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।

3- वहीं  भक्ति और मुक्ति के लिए विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु का आपको आशीर्वाद प्राप्त होगा।

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