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Sheetala Ashtami 2024: कब है शीतला अष्टमी? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और महत्व

Sheetala Ashtami 2024 Date: शीतला अष्टमी का पर्व पर मां शीतला की विधिवत पूजा करने के साथ बासी भोजन का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
Written by: Shivani Singh
नई दिल्ली | Updated: March 27, 2024 10:54 IST
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Sheetala Ashtami 2024 : शीतला अष्टमी शुभ मुहूर्त, तिथि और महत्व
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Sheetala Ashtami 2024 Date: सनातन धर्म में शीतला अष्टमी  विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इसे बसौड़ा अष्टमी भी कहा जाता है। बता दें यह पर्व एक दिन पहले यानी सप्तमी तिथि से आरंभ हो जाता है। शीतला अष्टमी का व्रत होली से ठीक आठवें दिन बाद रखा जाता है। इस दिन मां शीतला की पूजा विधिवत तरीके से करने के साथ-साथ उन्हें बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और मां शीतला की पूजा करने से व्यक्ति को हर एक दुख-दर्द से निजात मिल जाती है और लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। जानें शीतला अष्टमी का तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व…

कब है शीतला अष्टमी 2024? (Sheetala Ashtami 2024 Date)

चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आरंभ- 1 अप्रैल को रात 9 बजकर 9 मिनट से शुरू
अष्टमी तिथि समाप्त- 2 अप्रैल को रात 8 बजकर 8 मिनट पर
शीतला अष्टमी - 2 अप्रैल 2023
शीतला सप्तमी- 1 अप्रैल 2023

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शीतला अष्टमी पूजा मुहूर्त (Sheetala Ashtami 2024 Puja Muhurat)

हिंदू पंचांग के अनुसार, 2 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 19 मिनट से शाम 6 बजकर 32 मिनट तक

कैसा है मां शीतला का स्वरूप? (Sheetala Ashtami 2024 Swaroop)

मां शीतला के स्वरूप को कल्याणकारी माना जाता है। बता दें कि अपने हाथों में झाड़ू, कलश, सूप और नीम की पत्तियां लिए हुए हैं और वाहन की बात करें,तो गर्दभ में विराजमान है।

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मां शीतला को  लगाते हैं बासी भोजन का भोग

शास्त्रों के अनुसार, शीतला अष्टमी के दिन माता को बासी भोजन का भोग लगाते हैं, जो एक दिन पहले यानी सप्तमी तिथि को बनाते हैं और अष्टमी तिथि को  गैस या चूल्हा नहीं जलाया जाता है। सप्तमी तिथि को शाम के समय भोग के लिए गुड़-चावल या फिर चावल और गन्ने का रस मिलाकर खीर बनाते हैं और इसके साथ ही मीठी रोटी बनाई जाती है।  मां को भोग लगाने के बाद घर के हर एक सदस्य इस भोग का सेवन करते हैं।

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शीतला अष्टमी का महत्व (Sheetala Ashtami 2024 Significance)

शीतला अष्टमी के दिन व्रत रखने के साथ विधिवत रूप से मां शीतला की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां शीतला की पूजा करने से वह हर तरह के रोगों से मुक्ति दिला देती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती है। माना जाता है कि जो भी व्यक्ति शीतला अष्टमी का व्रत रखता है इसे कभी भी चेचक, छोटी माता आदि नहीं होती है।

डिसक्लेमर- इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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