scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

Bal Gopal Puja: घर-परिवार में किसी की मृत्यु हो जाने पर ठाकुर जी की सेवा करें कि नहीं? प्रेमानंद महाराज से जानें

Bal Gopal Puja: प्रेमानंद महाराज से जानें कि अगर घर-परिवार में किसी का जन्म या मृत्यु हुआ है, तो सूतक में बाल-गोपाल की पूजा करनी चाहिए कि नहीं।
Written by: Shivani Singh
नई दिल्ली | April 30, 2024 16:43 IST
bal gopal puja  घर परिवार में किसी की मृत्यु हो जाने पर ठाकुर जी की सेवा करें कि नहीं  प्रेमानंद महाराज से जानें
प्रेमानंद महाराज से जानें घर में सूतक होने पर बाल गोपाल की पूजा करें कि नहीं
Advertisement

Bal Gopal Puja: भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा अधिकतर घरों में की जाती है। इतना ही नहीं ठाकुर जी को अपने पुत्र के भांति मानते हैं और उनकी सेवा करते हैं। उनकी विधिवत पूजा करने के अलावा स्नान, श्रृंगार, सुंदर वस्त्र पहनाते हैं। इसके साथ ही माला,मुकुट, मोर पंख के साथ फूल, इत्र आदि चढ़ाते हैं। विधिवत रूप से उन्हें तैयार करने के साथ-साथ उनकी मनपसंद चीजों का भोग लगाते हैं। भक्त अपने ठाकुर जी को दिन में कई बार भोग लगाने के साथ उन्हें विश्राम कराते हैं। रात को सोने से पहले दूध आदि पिलाने के बाद एक आरामदायक बिस्तर में आराम कराते हैं, जैसे मानों वो उन्हीं का बेटा हो। लेकिन ऐसे में कई बार भक्तों के मन में सवाल उत्पन्न होता है कि अगर घर या परिवार में किसी का देहांत या फिर किसी का जन्म हो जाएं, तो अपने ठाकुर जी की सेवा करनी चाहिए कि नहीं? आइए प्रसिद्ध  प्रेमानंद महाराज जी से जानते हैं कि सूतक के समय बाल गोपाल की पूजा करनी चाहिए कि नहीं?

सूतक क्या है?

बता दें कि घर में जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो दाह संस्कार करने के साथ ही एक तरह का सूतक शुरू हो जाता है। ऐसे में अगले 13 दिन किसी भी तरह से शुभ काम से लेकर पूजा-पाठ तक करने की मनाही होती है। घर में मृत्यु हो जाने के कारण घर के साथ ही शरीर भी अशुद्ध हो जाता है। इसी तरह घर में बच्चे के जन्म पर भी सूतक लगता है। इस दौरान भी पूजा-पाठ की मनाही होती है।

Advertisement

सूतक में ठाकुर जी की सेवा करें कि नहीं?

महाराज प्रेमानंद का कहना कि घर में किसी की मृत्यु हो जाने पर सबका पहले विचार आता है कि अब ठाकुर जी की सेवा कैसे करें। इसके लिए क्या 13 दिन हम भी उपवास रख लें? इससे बाल गोपाल की भी एक सेवा हो जाएगी या फिर किसी दूसरे गोत्र के व्यक्ति या फिर पड़ोसी को दे दें, जिससे बाल गोपाल की सेवा में किसी भी प्रकार की कमी न हो।

प्रेमानंद महाराज जी कहना है कि  ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। वह आपका लाडला है, आप अपने लाडले को कैसे भूखा छोड़ सकते है। वह आपके लिए प्राण जीवन धन है। आप ऐसे किसी को कैसे देख सकते हैं। क्या आप अपने संतान को किसी दूसरे को दे सकते हैं। नहीं ना, क्योंकि वह आपका लाडला है। ऐसे में बाल गोपाल तो लाडले का लाडला है, जो हर किसी के हृदय में विराजमान हैं और हर कोई उन्हें प्रेम करता है। ऐसे में अगर वह चले गए, तो फिर किससे प्रेम करेंगे।

Advertisement

घर में विराजमान बाल गोपाल को सिर्फ हम मूर्ति नहीं मानते हैं बल्कि साक्षात बाल गोपाल को मानते हैं। किसी के आने पर या फिर जाने पर बाल गोपाल की सेवा में कोई अवरुद्ध नहीं आना चाहिए। उनकी सेवा रोजाना की तरह ही करना चाहिए।

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 टी20 tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो