scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

Krishna Janmabhoomi Case: क्या है सीपीसी की धारा ऑर्डर 7 रूल 11? शाही ईदगाह मामले में मुस्लिम पक्ष क्यों दे रहा इसका हवाला

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि CPC के आर्डर 7 नियम 11 के तहत मुकदमे की स्थिरता सहित विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष सुनवाई जारी रहेगी।
Written by: न्यूज डेस्क
March 20, 2024 14:29 IST
krishna janmabhoomi case  क्या है सीपीसी की धारा ऑर्डर 7 रूल 11  शाही ईदगाह मामले में मुस्लिम पक्ष क्यों दे रहा इसका हवाला
कृष्ण जन्मभूमि (EXPRESS PHOTO)
Advertisement

मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में 15 याचिकाओं पर हाईकोर्ट में एकसाथ सुनवाई की जा रही है। मुस्लिम पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग मामलों पर अलग सुनवाई की मांग की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को कोई राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया था कि CPC के आर्डर 7 नियम 11 के तहत मुकदमे की स्थिरता सहित विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष सुनवाई जारी रहेगी। आखिर सीपीसी की इस धारा का मतलब क्या होता है और ज्ञानवापी मामले से इसकी क्या समानता है, इसे विस्तार से समझते हैं।

क्या है ऑर्डर 7 रूल नंबर 11?

सिविल प्रोसीजर कोड के ऑर्डर 7 रूल नंबर 11 (Order VII Rule 11) के तहत दायर याचिका पर कोर्ट को मामले की मेरिट पर फैसला करना होता है। इसमें कोर्ट यह तय करता है कि मामला सुनवाई के लायक है कि या नहीं। किसी भी मामले में वादी पक्ष द्वारा जो मांग की जा रही है क्या वह कोर्ट के दायरे में आती है, इस पर कोर्ट को फैसला करना है। अगर कोर्ट के दायरे में नहीं आता है तो कोर्ट इस मामले को सुनने से ही इनकार कर सकता है.

Advertisement

क्या चाहता है मुस्लिम पक्ष?

शाही ईदगाह मामले में मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह मामला प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट-1991 (Places of Worship Act) के तहत आता है। ऐसे में इस मामले की सुनवाई नहीं की जा सकती है। इससे पहले वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में भी मुस्लिम पक्ष की ओर से इसी को आधार बनाकर केस रद्द करने की मांग की गई थी लेकिन मुस्लिम पक्ष को कोर्ट से झटका लगा था।

क्या है पूरा मामला?

मथुरा के श्रीकृष्णा जन्मभूमि और शाही ईदगाह से संबंधित कई याचिकाओं पर एकसाथ सुनवाई की जा रही है। हिंदू पक्ष द्वारा दाखिल याचिकाओं में दावा किया गया है कि मस्जिद का निर्माण कटरा केशव देव मंदिर की 13.37 एकड़ भूमि पर किया गया है। वहीं मुस्लिम पक्ष की ओर से दलील दी जा रही है कि हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल याचिकाएं पोषणीय नहीं है। 1968 में हुए समझौते को लेकर भी मुस्लिम पक्ष ने दलील पेश की है। इसमें कहा गया है कि केशव देव कटरा की 13.7 एकड़ जमीन शाही ईदगाह मस्जिद को दी गई है। इसके साथ ही मुस्लिम पक्ष ने 1991 के प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट, लिमिटेशन एक्ट, वक्फ एक्ट और स्पेशल रिलीफ एक्ट का हवाला दिया हैं।

Advertisement
Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो