scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

UP: हर हाल में दलितों को अपने साथ लाना चाहती है BJP, विधानसभा चुनाव से पहले नई रणनीति पर करेगी काम

पिछले दो चुनावों में यूपी की 17 अनुसूचित जाति आरक्षित सीटों पर प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाली भाजपा इस बार केवल आठ सीटें ही जीत सकी।
Written by: Maulshree Seth | Edited By: Nitesh Dubey
नई दिल्ली | Updated: July 09, 2024 23:10 IST
up  हर हाल में दलितों को अपने साथ लाना चाहती है bjp  विधानसभा चुनाव से पहले नई रणनीति पर करेगी काम
बीजेपी की यूपी में लोकसभा चुनाव की समीक्षा बैठक हुई। (Photo: BJP Uttar Pradesh/ X)
Advertisement

हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में बीजेपी को बड़ा नुकसान हुआ। भाजपा अपनी चुनाव समीक्षा में दलित वोटों में सेंध के पीछे के कारणों की जांच कर रही है। बीजेपी अब फिर से दलित समुदाय तक पहुंच बनाने की योजना बना रही है।

Advertisement

बीएल संतोष ने भाजपा नेताओं के साथ की बैठक

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, जो हाल ही में चुनाव समीक्षा के लिए लखनऊ में थे, उन्होंने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों सहित पार्टी के दलित नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। बड़े पैमाने पर दलित समुदाय के साथ जुड़ाव की कमी और जमीनी स्तर पर अपने संदेश को ले जाने में असमर्थता को चुनावों में यूपी में भाजपा के खराब प्रदर्शन का कारण माना गया।

Advertisement

पार्टी नेताओं को दलित समुदाय के साथ संपर्क स्थापित करने और विपक्ष के कथित 'झूठ' का मुकाबला करने पर ध्यान केंद्रित करने का काम सौंपा गया है। विपक्ष भी राज्य में दलितों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है।

पिछले दो चुनावों में राज्य की 17 अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षित सीटों पर प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाली भाजपा इस बार केवल आठ सीटें ही जीत सकी। 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी ने इनमें से 14 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी अपना दल ने एक जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने दो सीटें हासिल कीं थी।

Advertisement

लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी ने 7 सीटें जीत ली जबकि कांग्रेस और चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व वाली आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने एक-एक सीट हासिल की। पिछले दो चुनावों में भाजपा अधिकांश सीटों पर गैर-जाटव दलित वोटों के एक बड़े हिस्से को एकजुट करने में सक्षम थी।

Advertisement

कुछ कमी थी, सुधारेंगे उसे- बीजेपी नेता

बीएल संतोष की बैठक में शामिल एक पार्टी नेता ने कहा, "समन्वय की कमी, दलित समुदाय के सदस्यों को जुटाने में विफलता और उम्मीदवारों का यह सोचकर अति आत्मविश्वास कि वे केवल (नरेंद्र) मोदी और योगी (आदित्यनाथ) जी की लोकप्रियता के दम पर जीत सकते हैं, साथ ही सत्ता विरोधी लहर कुछ प्रमुख कारणों में से थे। हमारी ओर से कुछ कमी थी और हमें इसे सुधारना होगा।"

सूत्रों ने बताया कि राज्य मंत्री बेबी रानी मौर्य, गुलाब देवी, असीम अरुण और दिनेश खटीक सहित दलित समुदाय के वरिष्ठ भाजपा नेताओं के अलावा पार्टी पदाधिकारियों को अपने-अपने समुदायों तक पहुंचने और विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही 'गलतफहमियों' को दूर करने के लिए सुधार करने का निर्देश दिया गया।

चुनावी हार बड़ी साजिश- बीजेपी नेता

चुनावी हार को 'बड़ी साजिश' का नतीजा बताते हुए उत्तर प्रदेश में भाजपा के एससी मोर्चा के प्रमुख राम चंद्र कनौजिया ने स्वीकार किया कि पार्टी की ओर से कुछ गलतियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा, "गलती हुई है। हम उनके पास जाएंगे और अपनी गलती सुधारेंगे। उम्मीदें बहुत अधिक थीं और पार्टी नेतृत्व को निराशा हुई। लेकिन मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारा वोट बैंक नहीं खिसका है। वे संविधान आदि के बारे में विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही गलत सूचनाओं के कारण भटक हो गए। हम समुदाय को केंद्र और राज्य स्तर पर उनके कल्याण के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी बताएंगे। कांग्रेस के दलित आउटरीच कार्यक्रम पर राम चंद्र कन्नौजिया ने कहा, "उनके झूठ का पर्दाफाश हो गया है और अब यह काम नहीं करेगा।"

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 खेल tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो