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Mumbai: छह साल में काटे गए 21 हजार से ज्यादा पेड़, मेट्रो और बुलेट जैसे प्रोजेक्ट बने वजह, ट्रांस-प्लांटनेशन का सक्सेस रेट सिर्फ 22%

Mumbai News: बीएमसी डेटा से यह भी पता चलता इन छह सालों में  21,916 पेड़ लगाए भी गए हैं लेकिन यह ज़्यादा वक़्त तक बच नहीं पाए।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Mohammad Qasim
नई दिल्ली | Updated: March 26, 2024 16:56 IST
mumbai  छह साल में काटे गए 21 हजार से ज्यादा पेड़  मेट्रो और बुलेट जैसे प्रोजेक्ट बने वजह  ट्रांस प्लांटनेशन का सक्सेस रेट सिर्फ 22
बड़ी तादाद में पेड़ों की कटाई की जा रही है। (फोटो : एएनआई)
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साफ हवा सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है और हवा के साफ होने के लिए बड़ी तादाद में पेड़-पौधों का होना जरूरी है, लेकिन देश के अहम शहर मुंबई में धारा उल्टी बह रही है। जहां पिछले कुछ वक़्त से हवा की क्वालिटी में काफी गिरावट आई है।

वजह बड़ी तादाद में पेड़ों का काटा जाना है। इंडियन एक्सप्रेस ने आरटीआई की जरिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) से डेटा हासिल किया है, जो यह दिखाता है कि मुंबई में पिछले छह सालों में कम से कम 21,028 पेड़ों की कटाई हुई है।

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क्यों काटे गए इतने पेड़?

बीएमसी का डेटा पेड़ काटे जाने की वजह शहर के डवलपमेंट को बताता है। डवलपमेंट के नाम पर मेट्रो, बुलेट ट्रेन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और लिंक रोड जैसी कई योजनाओं के रहते बड़े पैमाने पर पेड़ काटे गए।

बीएमसी डेटा से यह भी पता चलता इन छह सालों में  21,916 पेड़ लगाए भी गए हैं लेकिन यह ज़्यादा वक़्त तक बच नहीं पाए। कुल 24 वार्डों में से केवल 9 में बचे हुए पेड़ों का डेटा उपलब्ध है। इन 9 वार्डों में लगाए गए 4,338 पेड़ों में से केवल 963 पेड़ (22%) बच सके हैं।

मुंबई के लोगों के लिए पेड़ों की संख्या भी चिंता का मुद्दा है। बीएमसी के मुताबिक मुंबई में कुल 29,75,283 पेड़ हैं। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह संख्या 2011 में की गई आखिरी वृक्ष गणना से ली गई है।

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इंडियन एक्सप्रेस की इन्वेस्टिगेशन

इंडियन एक्सप्रेस ने आरटीआई के जरिए पेड़ों की कटाई से जुड़े इस मामले की तह में जाने का प्रयास किया है। पड़ताल के यह साफ तौर पर दिखाई देता है कि पेड़ों की कटाई का सीधा संबंध डवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है।

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इसे समझने के लिए रिपोर्ट में मुंबई के एक इलाके का जिक्र किया गया है, जहां सबसे ज़्यादा 2602 पेड़ काटे गए हैं। यह इलाके विक्रोली और कांजुरमार्ग के हैं। जहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजना के साथ-साथ बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए एक भूमिगत सुरंग का निर्माण बड़े पैमाने पर जारी है।

इसके बाद के-ईस्ट वार्ड आता है जिसमें अंधेरी ईस्ट शामिल है, यहां 1,584 पेड़ काटे गए हैं। जबकि 1,313 पेड़ जी-साउथ वार्ड में काटे गए, जिसमें वर्ली भी शामिल है। धेरी, जुहू, वर्ली और बीकेसी में मेट्रो रेल का काम चल रहा है, जबकि घाटकोपर, वर्सोवा और धारावी में स्थानों को बीएमसी ने अपनी मेगा एसटीपी परियोजना के लिए चिह्नित किया है।

अधिकारियों के मुताबिक 90% पेड़ काटने की इजाजत मेट्रो, बुलेट ट्रेन, मुंबई कोस्टल रोड, एसटीपी, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड जैसे प्रोजेक्टस को लेकर ही दी गई हैं।

Report by Pratip Acharya

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