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'गरीबों के मसीहा थे मुख्तार अंसारी, क्रांतिकारी वाले...', माफिया के निधन पर बीजेपी के सहयोगी ओपी राजभर का बड़ा बयान

मुख्तार अंसारी के शव को गाजीपुर स्थित कालीबाग कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Nitesh Dubey
नई दिल्ली | Updated: March 30, 2024 13:55 IST
 गरीबों के मसीहा थे मुख्तार अंसारी  क्रांतिकारी वाले      माफिया के निधन पर बीजेपी के सहयोगी ओपी राजभर का बड़ा बयान
ओपी राजभर ने मुख्तार अंसारी को गरीबों का मसीहा बताया है।
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माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी के शव को दफना दिया गया है। गाजीपुर स्थित कालीबाग कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वहीं राजनीतिक दलों के नेताओं की भी बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने मुख्तार अंसारी को गरीबों का मसीहा बताया है।

ओमप्रकाश राजभर ने एक निजी समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि मुख्तार अंसारी गरीबों के मसीहा थे। उन्होंने यह भी कहा कि मैं यह बयान बहुत पहले दिया था और आज भी इस पर कायम हूं। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि मैंने बहुत पहले ही कहा था कि मुख्तार अंसारी क्रांतिकारी नेता थे और उस बयान पर मैं अभी भी कायम हूं।

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बता दें कि मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे अब्बास अंसारी ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा से ही विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में मऊ विधानसभा सीट से अब्बास अंसारी ने सुभासपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। पहले इसी सीट से लगातार पांच बार मुख्तार अंसारी चुनाव जीतता रहा था। 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान सुभासपा का समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन था। अब्बास अंसारी अभी भी सुभासपा से ही विधायक हैं।

मूंछों को ताव देता नजर आया बेटा

कब्रिस्तान में केवल मुख्तार के परिवार के लोगों को ही जाने की अनुमति दी गई थी। इस बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें मुख्तार अंसारी का छोटा बेटा उमर अंसारी अपने पिता की मूंछों को ताव दे रहा है।

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मुख्तार अंसारी को मूंछों का बहुत शौक था और अक्सर अपनी मूंछों को ताव दिया करता था। उसके दोनों बेटे अब्बास और उमर अंसारी भी मूछें रखते हैं और अपनी मूंछों को हमेशा अपने पिता की तरह ही ताव देते हैं। ऐसे में जब मुख्तार अंसारी की अंतिम यात्रा निकालने वाली थी, उस दौरान उमर अंसारी आखिरी बार अपने पिता की मूंछों को ताव देते हुए नजर आया। मुख्तार अंसारी को दफन करने से पहले जनाजे की नमाज पढ़ी गई। हजारों की संख्या में लोग वहां मौजूद थे।

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