scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को लगा बड़ा झटका, कलकत्ता हाईकोर्ट ने रद्द की शिक्षक भर्ती

बंगाल सरकार को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने शिक्षक भर्ती को रद्द कर दिया है।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Nitesh Dubey
नई दिल्ली | Updated: April 22, 2024 14:37 IST
पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को लगा बड़ा झटका  कलकत्ता हाईकोर्ट ने रद्द की शिक्षक भर्ती
ममता सरकार को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा।
Advertisement

बंगाल सरकार को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने शिक्षक भर्ती को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग पैनल को भी रद्द कर दिया है। इसी ने भर्ती की थी। हाईकोर्ट ने 2016 के पूरे जॉब पैनल रद्द कर दिया है। इस पैनल ने करीब 24 हजार नौकरियां दी थीं और सभी रद्द हो जाएंगी।

5 से 15 लाख रुपये तक का घूस लेने का आरोप

जॉब के लिए गठित पैनल पर 5 से 15 लाख रुपये तक का घूस लेने का आरोप है। बता दें कि इस मामले में कई बड़ी गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। इस मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री रहे पार्थ चटर्जी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके सहयोगियों के ठिकाने से करोड़ों रुपये भी बरामद किए गए थे।

Advertisement

शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस देवांशु बसाक की बेंच ने यह फैसला सुनाया है। इस मामले में टीएमसी के कई नेता, विधायक और शिक्षा विभाग के कई अधिकारी भी जेल में हैं।

कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस अभिजीत गांगुली ने इस मामले में सुनवाई करते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपी थी। उन्होंने ही पार्थ चटर्जी को भी सीबीआई के सामने पेश होने का आदेश सुनाया था। इसके बाद पार्थ चटर्जी की गिरफ़्तारी हुई थी। अभिजीत गांगुली अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं और तमलूक लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार भी हैं।

Advertisement

जानिए क्या है पूरा मामला?

बता दें कि वर्ष 2014 में पश्चिम बंगाल के स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने टीचर्स भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया था। तब पार्थ चटर्जी बंगाल के शिक्षा मंत्री थे। भर्ती प्रक्रिया 2016 में शुरू हुई और इसके बाद आवेदकों ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कोलकाता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। इसमें आरोप लगाया गया कि भर्ती प्रक्रिया में धांधली की गई और नंबर कम होने के बावजूद नौकरियां दी गईं। नौकरी पाने वाले ज्यादातर लोगों ने टीईटी क्लीयर नहीं किया था।

Advertisement

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि जिन उम्मीदवारों के नंबर कम थे, उन्हें मैरिट लिस्ट में ऊपर स्थान दिया गया। कई उम्मीदवारों का नाम मैरिट लिस्ट में नहीं था, लेकिन उन्हें नौकरी दी गई। कईयों ने टीईटी परीक्षा भी पास नहीं की थी।

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
tlbr_img1 चुनाव tlbr_img2 Shorts tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो