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आगरा: 500 की गड्डियों से भरा था बेड, अब तक 60 करोड़ बरामद, नोटों पर एक जैसे निशान देख IT अधिकारी भी हैरान

Income Tax Raid: आगरा में जूता व्यापारियों के यहां पिछले तीन दिनों से चल रही छापेमारी में 60 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं जबकि अभी नोटों की गिनती जारी है।
Written by: न्यूज डेस्क
नई दिल्ली | Updated: May 20, 2024 14:40 IST
आगरा  500 की गड्डियों से भरा था बेड  अब तक 60 करोड़ बरामद  नोटों पर एक जैसे निशान देख it अधिकारी भी हैरान
Income Tax Raid

यूपी के आगरा में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जूता कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी की है। इस छापेमारी के दौरान विभाग को 500 रुपये के नोटों की गड्डियां मिली है। इन सभी गड्डियों पर एक जैसे निशान मिले हैं। जिसको देखकर विभाग के अधिकारी भी हैरान हैं।

आगरा में जूता व्यापारी हरमिलाप ट्रेडर्स का बड़ा बिजनेस है। कंपनी ने पिछले 20 सालों में खूब पैसा कमाया है। कंपनी द्वारा की जा रही अंधाधुंध कमाई को लेकर किसी ने आयकर विभाग से मुखबिरी की। जिसके बाद आईटी की टीम ने कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी कर दी। पिछले तीन दिनों से चल रही छापेमारी में नोटों की गिनती के लिए आधा दर्जन मशीन लगाई गई है। टीम ने गद्दों को फाड़ के नोटों की बड़ी राशि बरामद की है।

सभी गड्डियों पर एक जैसी स्लिप और रबड़

इस छापेमारी में आयकर विभाग को 60 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशी बरामद हुई है। जबकि नोटों की गिनती जारी है। जानकारी के मुताबिक ऐसा अनुमान है कि इस छापेमारी में आईटी को 100 करोड़ की नगदी धनराशी प्राप्त हो सकती है। इस दौरान कंपनी के मालिक रामनाथ डंग के घर पांच-पांच सौ रुपये के नोटों की गड्डियां बरामद हुई हैं जो एक ही स्टाइल में पैक हुई हैं। उसपर रबड़ भी एक ही रंग और तरीके से लगाया गया है। जबकि सभी गड्डियों में एक तरह की स्लिप भी लगाई गई है।

मुखबिरी से हुई आईटी की रेड

एक जैसी ही सामग्री मिलने के बाद विभाग की टीम भी हैरान है। टीम को ऐसी आशंका है कि सारी राशि किसी एक जगह से ही आई होगी। आयकर विभाग के अधिकारी इसके जांच में लगे हुए हैं। हालांकि बीके शूज बड़ी कंपनी है जबकि मंशू फुटवियर भी बड़ी कंपनी है। दोनों कंपनियों के मालिक सगे भाई हैं। इसके अलावा हाल ही में इनर रिंग रोड पर बड़ी जमीन का सौदा हुआ है। साथ ही आईटी हरमिलाप ट्रेडर्स के मालिक रामनाथ डंग के घर भी छापेमारी कर रही है। कंपनी को ऐसा अनुमान है कि ये छापेमारी मुखबिरी के बाद हुई है।

पर्ची के तहत बन रही थी ब्लैक मनी

जानकारी के अनुसार आईटी ने कंपनी पर छापेमारी पर्ची सिस्टम को देखकर की है। ये कंपनियां मुख्य रुप से भुगतान नगदी में करती हैं। वहीं वो छोटे विक्रेताओं के लिए पर्ची सिस्टम का प्रयोग करती थीं। ये कंपनियां पक्की रसीद की जगह पर्चियों से ही काम चला रही थीं और इस तरह से ब्लैक काम धड़ल्ले से चल रहा था।

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