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धान खरीदने के लिए किसानों से संपर्क करेगी सरकार, अब तक अधूरा है टारगेट

पश्चिम बंगाल सरकार धान खरीदने को लेकर किसानों से जल्द ही संपर्क कर सकती है। सरकार किसानों को SMS भेजने की तैयारी कर रही है।
Written by: जनसत्ता ब्यूरो | Edited By: Jyoti Gupta
कोलकाता | Updated: January 23, 2024 23:05 IST
धान खरीदने के लिए किसानों से संपर्क करेगी सरकार  अब तक अधूरा है टारगेट
किसान (फोटो : फाइल)
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पश्चिम बंगाल राज्य सरकार की ओर से धान खरीदने के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। पर्याप्त मात्रा में सरकार धान खरीदने में सफल नहीं हुई है, इसलिए खाद्य विभाग की ओर से यह फैसला किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि कुल मिलाकर 70 लाख टन धान की खरीद का लक्ष्य पूरा करना है, इसलिए किसानों को एसएमएस के माध्यम से संदेश भेजा जाएगा कि सरकारी केंद्रों में आकर धान बिक्री करें। साथ ही धान बिक्री केंद्र में पहुंचने वाले किसानों को मौखिक तौर पर भी यह आग्रह किया जाएगा।

खरीफ के मौसम में एक किसान अधिकतम 90 कुंतल धान राज्य के सरकारी केंद्र में औसतन बेच सकता है, लेकिन इस साल औसतन 30 कुंतल धान की कम बिक्री किसानों ने की है। इसलिए उन किसानों से संपर्क किया जा रहा है, जो 30 कुंतल से अधिक की धान बेच सकते हैं। कृषक बंधु पोर्टल में राज्य सरकार के पास किसानों के बारे में पर्याप्त जानकारी है, जिससे उन लोगों के साथ संपर्क किया जाएगा। कृषि मंत्री रथिन घोष ने बताया कि इस बार खरीद का लक्ष्य 60 लाख टन से बढ़ा कर 70 लाख टन किया गया है। पिछली बार 60 लाख टन के लक्ष्य को लेकर खरीदारी की गई और राज्य सरकार ने 54 लाख टन धान खरीदा था। इस साल अभी तक 23 लाख 53 हजार टन धान की खरीद हुई है।

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यूपी के मथुरा में किसान की मौत

मथुरा में छुट्टा पशुओं से फसल की रखवाली को गए किसान की जिंदा जलकर मौत हो गई। कोसीकलां थाना क्षेत्र के पूठरी गांव निवासी 85 वर्षीय वृद्ध नन्हे छुट्टा पशुओं से नुकसान से बचाने के लिए वह खेत पर सोते थे। भीषण सर्दी को सहने की वृद्ध शरीर में ताकत नहीं थी, अगर खेत पर नहीं जाते तो पशु खेत में खडी फसल को बर्बाद कर देते। फसल की रखवाली के लिए नन्ने ने खेत के एक कोने में झोपड़ी डाल ली।

सोमवार की रात में नन्ने झोपड़ी के अंदर बने तशले में ठंड से बचने के लिए आग जला लेते थे। देर रात जब वह सो गया, तभी वहां जल रही आग अचानक झोपड़ी में भी लग गई। आग में जलकर सोते हुए नन्ने की मौत हो गई। तड़के जब अन्य किसान वहां से गुजर रहे थे तो झोपड़ी में आग लगते देखी। चीख पुकार करने पर गांव के लोग व परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। नन्ने की मौत हो चुकी थी।

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सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया है कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। अलाव से ही झोपड़ी में आग लगने का कारण सामने आ रहा है, जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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