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JDU के 3 विधायक नदारद-फोन भी बंद, बहुमत परीक्षण से पहले तेजस्वी ने सही में कर दिया खेल?

खबर है कि अभी जेडीयू द्वारा बुलाए गए लंच में 3 विधायक नहीं पहुंचे हैं, ऐसे में बिहार की राजनीति का सियासी गणित बनता-बिगड़ता दिख रहा है।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Sudhanshu Maheshwari
नई दिल्ली | Updated: February 11, 2024 21:09 IST
jdu के 3 विधायक नदारद फोन भी बंद  बहुमत परीक्षण से पहले तेजस्वी ने सही में कर दिया खेल
बिहार में बनता बिगड़ा खेल
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बिहार में बहुमत परीक्षण से पहले सियासी हलचल तेज चल रही है। आलम ये है कि एक तरफ आरजेडी ने अपने सभी विधायकों को तेजस्वी के घर पर रोक रखा है तो दूसरी तरफ जेडीयू भी अपने कुनबे को एकजुट रखने की कोशिश में लगी है। खबर है कि अभी जेडीयू द्वारा बुलाए गए लंच में 3 विधायक नहीं पहुंचे हैं, ऐसे में बिहार की राजनीति का सियासी गणित बनता-बिगड़ता दिख रहा है।

जानकारी मिली है कि बीमा भारती, सुदर्शन, दिलीप राय और रिंकू सिंह इस समय अपना फोन नहीं उठा रहे हैं। उनकी तरफ से नीतीश गुट से कोई संपर्क नहीं साधा गया है। ऐसे में जेडीयू कुनबा बहुमत परीक्षण से पहले टूटता दिख रहा है। उसी डर को समझते हुए नीतीश कुमार ने मीटिंग में जोर देकर कहा है कि सभी को एकजुट रहने की जरूरत है और समय पर सदन पहुंचना जरूरी है। वे मानकर चल रहे हैं कि नंबर उनके साथ है, बस नियमों का पालन करना है।

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अब कौन क्या कर रहा है, क्या रणनीति है, ये तो चर्चा का विषय है ही, लेकिन सबसे पहले बिहार का नंबर गेम समझना जरूरी है। कल होने वाले बहुमत परीक्षण के दौरान किसी के दावे या बयान मायने नहीं रहने वाले हैं, सिर्फ और सिर्फ नंबर सबकुछ तय करने जा रहे हैं। वर्तमान में बिहार में दो गुट हैं- लालू-तेजस्वी का महागठबंधन और नीतीश-बीजेपी का अलायंस। बात अगर तेजस्वी गुट की हो तो उसमें आरजेडी, कांग्रेस और वामदल शामिल है।

वहां पर आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी है और उसके खाते में 79 विधायक हैं। वहीं कांग्रेस के पास 19 विधायकों का समर्थन है, वहीं वामदल के 16 सदस्य हैं। इस तरह से महागठबंधन का कुल आंकड़ा 114 बैठता है जो बहुमत से आठ सीटें कम है। दूसरी तरफ एनडीए की बात करें तो उसके पास अभी 128 वाला मजबूत बहुमत है। इस समय बीजेपी के पास 78 सीटे हैं, नीतीश की जेडीयू के पास 45 और मांझी की हम के पास चार विधायक मौजूद हैं। एक निर्दलीय विधायक को भी साध रखा है, ऐसे में कुल आंकड़ा 128 पहुंच रहा है।

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अब समझने वाली बात ये है कि बहुमत होने के बाद भी सबसे ज्यादा बेचैनी नीतीश गुट में देखने को मिल रही है। इसके ऊपर अब क्योंकि कुछ विधायकों के फोन ही बंद चल रहे हैं, इसने उन तमाम अटकलों को और ज्यादा बल देने का काम कर दिया है। ये नहीं भूलना चाहिए तेजस्वी यादव ने एक नहीं कई मौकों पर बोल दिया है खेल होने वाला है। सीएम जरूर नीतीश बन गए हैं, लेकिन गेम बदलने वाला है। अब क्या खेल होगा, क्या गेम पलटेगा, इसका अंदाजा कल बहुमत परीक्षण के दौरान लग जाएगा।

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