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'आपकी रैली में हुई गाली-गलौज से 90 के दशक की याद...', चिराग पासवान ने तेजस्वी को पत्र लिख साधा निशाना

चिराग पासवान ने कहा कि मंच के ठीक सामने पहली लाइन में खड़े होकर चिल्ला चिल्ला कर वहां लोग मुझे और मेरी मां को गाली दे रहे थे।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Nitesh Dubey
नई दिल्ली | Updated: April 19, 2024 14:46 IST
 आपकी रैली में हुई गाली गलौज से 90 के दशक की याद      चिराग पासवान ने तेजस्वी को पत्र लिख साधा निशाना
चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव को पत्र लिखा है।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने तेजस्वी यादव को जमुई की उनकी जनसभा याद दिलाई है, जहां पर कथित तौर पर चिराग पासवान और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था।

चिराग पासवान ने अपने पत्र में लिखा, "आपकी रैली में गाली गलौज जैसी भाषा का प्रयोग किया गया जो बेहद निंदनीय है। मुझे दुख तब हुआ जब आप इस घटना पर खामोश रहे। आपकी पार्टी प्रत्याशी भी इस घटना को नजरअंदाज करती रहीं। नेताओं की खामोशी ऐसे मामलों पर असामाजिक तत्वों को बढ़ावा देती है।"

लालू यादव के कार्यकाल का चिराग ने किया जिक्र

लालू यादव के कार्यकाल का जिक्र करते हुए चिराग पासवान ने लिखा, "आपकी पार्टी के समर्थकों द्वारा की गई इस हरकत से 90 के दशक की जंगलराज की यादें ताजा हो गई। उसे दौर में भी मां बेटियों का घरों से निकलना दुभर था और महिलाओं को अपमानित और प्रताड़ित किया जाता था। एक पुत्र होने के नाते मेरे लिए अपनी मां के बारे में ऐसा शब्द सुना कितना पीड़ादायक है, इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। मैं चाहता हूं कि आप अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संदेश दें ताकि मेरे साथ ही नहीं बल्कि बिहार में रह रही किसी भी मां बहन के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल ना हो।"

चिराग पासवान ने अपने पत्र में लिखा कि मंच के ठीक सामने पहली लाइन में खड़े होकर चिल्ला चिल्ला कर वहां लोग मुझे और मेरी मां को गाली दे रहे थे और खामोशी से आप खड़े थे। उन्होंने कहा कि उस वक्त मंच पर इतना शोर भी नहीं था कि आपके कान तक वह बातें नहीं आईं।

चिराग पासवान ने कहा कि मेरे ही नहीं किसी और के परिवार के बारे में भी ऐसी भाषा का अगर प्रयोग किया जाए, तो उसको प्रोत्साहन देना अनुचित है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने का नाते हम सब की एक मर्यादा है और उसका परिचय देना चाहिए, ताकि जो लोग हमें अपना आदर्श मानते हैं वह भविष्य में मर्यादित आचरण कर सकें।

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