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विनेश फोगाट ने खेल रत्न और अर्जुन अवार्ड लौटाया, पीएम मोदी को पत्र लिखकर पूछा- क्या सिर्फ सरकारी विज्ञापनों पर छपने के लिए हैं महिला खिलाड़ी

विनेश फोगाट से पहले ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया ने अपना पद्मश्री सम्मान प्रधानमंत्री आवास के सामने सड़क पर रख दिया था।
Written by: खेल डेस्‍क | Edited By: ALOK SRIVASTAVA
Updated: December 26, 2023 20:17 IST
विनेश फोगाट ने खेल रत्न और अर्जुन अवार्ड लौटाया  पीएम मोदी को पत्र लिखकर पूछा  क्या सिर्फ सरकारी विज्ञापनों पर छपने के लिए हैं महिला खिलाड़ी
नई दिल्ली में गुरुवार 21 दिसंबर 2023 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पहलवान साक्षी मलिक और विनेश फोगाट। (एएनआई फोटो)
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पहलवान विनेश फोगाट ने 26 दिसंबर 2023 को अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार सरकार को लौटाने का ऐलान किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा, ‘मैं अपना मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन अवार्ड वापस कर रही हूं। इस हालत में पहुंचाने के लिए ताकतवर का बहुत बहुत धन्यवाद।’ विनेश फोगाट ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने माइक्रो ब्लागिंग साइट X पर पत्र शेयर भी किया।

विनेश फोगाट ने पत्र में लिखा, ‘साक्षी मलिक ने कुश्ती छोड़ दी है और बजरंग पूनिया ने अपना पद्मश्री लौटा दिया है। देश के लिए ओलंपिक पदक मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को यह सब करने के लिए किस लिए मजबूर होना पड़ा यह सब सारे देश को पता है और आप तो देश के मुखिया हैं तो आप तक भी यह मामला पहुंचा होगा। प्रधानमंत्री जी मैं आपके घर की बेटी विनेश फोगाट हूं और पिछले 1 साल से जिस हाल में हूं यह बताने के लिए आपको पत्र लिख रही हूं।’

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जिसे ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का ब्रांड एंबेसडर बनाया उसे ही कुश्ती छोड़नी पड़ी: विनेश फोगाट

विनेश फोगाट ने लिखा, ‘मुझे साल याद है 2016, जब साक्षी मलिक ओलंपिक में पदक जीत कर आई थीं तो आपकी सरकार ने उन्हें ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की ब्रांड एंबेसडर बनाया था। जब इसकी घोषणा हुई तो देश की हम सारी महिला खिलाड़ी खुश थीं और एक दूसरे को बधाई संदेश भेज रही थीं। आज जब साक्षी को कुश्ती छोड़नी पड़ी तब से मुझे वह साल 2016 बार-बार याद आ रहा है कि हम महिला खिलाड़ी सरकार के विज्ञापनों पर छपने के लिए ही बनी हैं।

ओलंपिक मेडल जीतने का सपना धुंधला पड़ रहा: विनेश फोगाट

विनेश फोगाट ने लिखा, ‘हमें उन विज्ञापनों पर छपने में कोई एतराज नहीं है, क्योंकि उसमें लिखे नारे से ऐसा लगता है कि आपकी सरकार बेटियों को उत्थान के लिए गंभीर होकर काम करना चाहती है। मैंने ओलंपिक में मेडल जीतने का सपना देखा था, लेकिन अब यह सपना धुंधला पड़ता जा रहा है। मैं बस यही दुआ करूंगी कि आने वाली महिला खिलाड़ियों का यह सपना जरूर पूरा हो।’

हम महिला पहलवान घुट घुट कर जी रहे: विनेश फोगाट

विनेश फोगाट ने आगे लिखा, ‘पर हमारी जिंदगियां उन फैंसी विज्ञापनों जैसी बिल्कुल नहीं है। कुश्ती की महिला पहलवानों ने पिछले कुछ सालों में जो कुछ भोगा है उससे समझ आता ही होगा कि हम कितना घुट घुट कर जी रही हैं। आपके वो फैंसी विज्ञापनों के फ्लेक्स बोर्ड भी पुराने पड़ चुके होंगे और अब साक्षी ने भी संन्यास ले लिया है।’

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हमारे लिए अपनी जिंदगी के सिर्फ 5 मिनट निकालिए: विनेश फोगाट

विनेश फोगाट ने लिखा, ‘ जो शोषणकर्ता है उसने भी अपना पर अपना दबदबा रहने की मुनादी कर दी है, बल्कि बहुत ही भौंडे तरीके से नारे भी लगवाए हैं। आप अपनी जिंदगी के सिर्फ 5 मिनट निकाल कर उस आदमी के मीडिया में दिए गए बयानों को सुन लीजिए। आपको पता लग जाएगा कि उसने क्या-क्या किया है।’

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विनेश फोगाट ने लिखा, ‘उसने महिला पहलवानों को मंथरा बताया है। महिला पहलवानों को असहज कर देने की बात सरेआम टीवी पर कबूली है और हम महिला खिलाड़ियों को जलील करने का एक भी मौका नहीं छोड़ा है। उससे ज्यादा गंभीर यह है कि उसने कितनी ही महिला पहलवानों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है। यह बहुत भयावह है।’

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