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प्रेम चंद लोचब के पत्र के बाद WFI पर खेल मंत्रालय ने लिया एक्शन, नेशनल चैंपियनशिप कराने की जानकारी महासचिव को न देना पड़ा भारी

सरकारी मशीनरी का हिस्सा और रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड के सचिव प्रेम चंद लोचब ने पत्र में प्रक्रिया में खामी और डब्ल्यूएफआई के संविधान के उल्लंघन के बारे में बताया।
Written by: मिहिर वी. | Edited By: Tanisk Tomar
नई दिल्ली | December 25, 2023 10:13 IST
प्रेम चंद लोचब के पत्र के बाद wfi पर खेल मंत्रालय ने लिया एक्शन  नेशनल चैंपियनशिप कराने की जानकारी महासचिव को न देना पड़ा भारी
भाजपा सांसद और पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण सिंह रविवार को नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए। (Express photo by Praveen Khanna)
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भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बंगले पर गुरुवार, 21 दिसंबर को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) चुनाव में जीत का जश्न मन रहा था। यह डब्ल्यूएफआई के कार्यालय के तौर पर भी जाना जाता है। इस बीच बृजभूषण ने संगठन के नव-निर्वाचित अध्यक्ष संजय सिंह से अंडर-15 और अंडर -20 का नेशनल चैंपियनशिप साल के अंत से पहले कराने का "अनुरोध" किया।

कुछ ही मिनटों में संजय सिंह ने चैंपियनशिप की तारीख और स्थान की घोषणा करते हुए एक आदेश जारी किया। यह टूर्नामेंट 28 से 30 दिसंबर तक बृजभूषण के गढ़ उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित होना था। द इंडियन एक्सप्रेस को पता चला है कि संजय सिंह के निर्णय के बाद नवनिर्वाचित डब्ल्यूएफआई महासचिव प्रेम चंद लोचब ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को एक पत्र लिखा। इस पत्र के बाद ही खेल मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया।

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प्रक्रिया का हुआ उल्लंघन

प्रेम चंद लोचब ने पत्र में बताया कि उनकी जानकारी के बगैर कार्यकारी समिति की बैठक हुई और उसमें चैंपियनशिप कराने का निर्णय लिया गया। यह बैठक बिना किसी सूचना या कोरम के आयोजित की गई थी। एक सूत्र ने कहा, " महासचिव को इसे लेकर अंधेरे में रखा गया जबकि उनसे परामर्श लेना आवश्यक था। यह एक प्रक्रिया है, जिसका उल्लंघन किया गया। यह चुनाव के कुछ ही घंटों के भीतर हुआ। इसलिए महासचिव ने यह सुनिश्चित करने के लिए मामला उठाया कि ऐसा दोबारा न हो।"

लोचब ने पत्र में क्या मामला उठाया

सरकारी मशीनरी का हिस्सा और रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड के सचिव लोचब ने अपने पत्र में प्रक्रिया में खामियों और डब्ल्यूएफआई के संविधान के उल्लंघन का मुद्दा उठाया। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि टूर्नामेंट की मेजबानी के निर्णय को खेल मंत्रालय ने रविवार को "मनमाना" और "सुशासन के खिलाफ" करार दिया। इसके बाद सरकार ने समिति को निलंबित कर दिया। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "इससे पता चलता है कि "नवनिर्वाचित संघ पूर्व पदाधिकारियों के पूर्ण नियंत्रण में है।" पूर्व पदाधिकारी का मतलब डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह से है।

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नोटिस कहां से जारी हुआ इस पर भी दिया गया ध्यान

बृजभूषण के करीबी और नवनिर्वाचित डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने निर्णय किस जगह लिया और नोटिस जारी किया उस पर भी सरकार ने ध्यान दिया। मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, "फेडरेशन पूर्व पदाधिकारियों द्वारा नियंत्रित परिसर से चलाया जा रहा था। इस परिसर में खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न होने आरोप है और वर्तमान में अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है।"

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