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ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया पाकिस्तान, खिलाड़ी नहीं रोक सके आंसू; दिग्गज बोले- और क्या ही उम्मीद की जाए

पाकिस्तान की पुरुष टीम पिछली बार भी ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। हॉकी फेडरेशन पिछले काफी समय से विवाद में है।
Written by: खेल डेस्‍क
Updated: January 22, 2024 17:25 IST
ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया पाकिस्तान  खिलाड़ी नहीं रोक सके आंसू  दिग्गज बोले  और क्या ही उम्मीद की जाए
पाकिस्तान की पुरुष हॉकी टीम ओलंपिक नहीं खेल पाएगे।
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पाकिस्तान की पुरुष हॉकी टीम ओमान में एफआईएच ओलंपिक क्वालीफायर के तीसरे स्थान के लिए खेले गए मैच में न्यूजीलैंड से 2-3 से हार कर पेरिस खेलों में जगह बनाने की दौड़ से बाहर हो गयी। वहीं भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर सीधा क्वालिफाई कर चुकी है। अतीत में हॉकी की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल रहे पाकिस्तान की इस हार को देश के पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने निराशाजनक करार दिया। इस ओलंपिक क्वालीफायर से शीर्ष तीन टीमों को ओलंपिक की टिकट मिली।

पाकिस्तान की ओलंपिक संभावनाएं खत्म

टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जर्मनी से 0-4 से हारने के बाद, पाकिस्तान रविवार को तीसरे स्थान के मैच में न्यूजीलैंड से हार गया जिससे इस साल के पेरिस ओलंपिक में जगह बनाने की उनकी संभावनाएं समाप्त हो गई। पाकिस्तान की टीम को पिछली बार 2012 में ओलंपिक में भाग लेने का मौका मिला था। टीम तब सातवें स्थान पर रही थी। पाकिस्तान ने ओलंपिक में तीन स्वर्ण (1960, 1968, और 1984) सहित आठ पदक जीते हैं।

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रोने लगे पाकिस्तानी खिलाड़ी

ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के टीम काफी करीब थी और यह दर्द खिलाड़ियों की आंखों में साफ दिखा। मैच में मिली हार के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी अपने आंसूओं को रोक नहीं सके। वह मैदान पर घुटनों पर बैठ गए और रोने लगे। न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी टीम को सांत्वना देनी की कोशिश की।

दिग्गज खिलाड़ियों ने मैनेजमेंट को कोसा

विश्व कप (1994) और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली पाकिस्तान टीम का हिस्सा रहे ओलंपियन वसीम फिरोज ने कहा, ‘‘ जब टीम को सिर्फ 18 दिनों के अभ्यास के साथ ओलंपिक क्वालीफायर भेजा जायेगा तो उससे आप क्या उम्मीद करते हैं। इस प्रतियोगिता में अन्य सभी टीमें महीनों की तैयारी और प्रशिक्षण के साथ पहुंची थी।’’ पाकिस्तान में हॉकी का प्रबंधन पिछले कुछ समय से विवादों में रहा है।

देश में हॉकी का संचालन करने वाली संस्था के पास खिलाड़ियों और कोच को भत्ता और वेतन देने के लिए पैसा नहीं है। वित्तीय संकट के कारण पीएचएफ (पाकिस्तान हॉकी महासंघ) को कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से हटना पड़ा। हॉकी के मैदान पर पाकिस्तान के चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के साथ पिछले साल पेरिस ओलंपिक का टिकट पक्का कर लिया। राष्ट्रीय चयनकर्ता फिरोज ने कहा कि देश को आंतरिक मुद्दों को सुलझाने तक अंतरराष्ट्रीय हॉकी खेलना बंद कर देना चाहिये।

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भाषा इनपुट के साथ

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