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राइफल साफ करते हुए निशानेबाज से हुई बड़ी गलती, कमरे का दरवाजा खुला और फिजियो के जबड़े में धंस गई गोली

इस साल यह निशानेबाजी में सुरक्षा संबंधित उल्लंघन की तीसरी घटना है ।
Written by: खेल डेस्‍क | Edited By: Riya Kasana
नई दिल्ली | Updated: March 12, 2024 10:36 IST
राइफल साफ करते हुए निशानेबाज से हुई बड़ी गलती  कमरे का दरवाजा खुला और फिजियो के जबड़े में धंस गई गोली
प्रतीकात्मक तस्वीर
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चेन्नई में एक टूर्नामेंट के दौरान एक युवा निशानेबाज ने दुर्घटनावश अपनी फिजियो पर गोली चला दी जिनके जबड़े से गोली निकालने के लिए आपात सर्जरी करानी पड़ी। इस साल भारतीय निशानेबाजी में यह सुरक्षा संबंधित उल्लंघन की तीसरी घटना है। हाल में फरीदाबाद में एक निशानेबाज ने अपनी पिस्टल का सिलेंडर भरते हुए अगूंठा गंवा दिया था और राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान एक राइफल निशानेबाज ने अपनी राइफल दर्शक दीर्घा की ओर तान दी थी।

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निजी अस्पताल में हुई सर्जरी

अब बंगाल की एक निशानेबाज ने दुर्घटनावश चेन्नई में अपने होटल कमरे में फिजियो पर गोली चला दी। गोली फिजियो के जबड़े में लगी जिसे एक निजी अस्पताल में आपात सर्जरी के बाद निकाला गया। बंगाल की कोच कोयली मितर टीम के साथ थी, उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘यह दुर्घटनावश हुआ। निशानेबाज अपनी बंदूक साफ कर रही थी और फिजियो अचानक वहां पहुंच गयी। निश्चित रूप से यह निशानेबाज की गलती है, उसे ज्यादा सतर्क होना चाहिए था। लेकिन यह पूरी तरह से दुर्घटनावश रात में हुआ। ’’

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निशानेबाज ने राइफल से नहीं निकाली बुलेट

उन्होंने कहा, ‘‘फिजियो अब ठीक है और हम उसी समय उसे अस्पताल ले गये। तभी उसके जबड़े की सर्जरी की गयी। वह 24 घंटे तक अस्पताल में रही। ’’ पता चला है कि निशानेबाज ने अपनी राइफल को साफ करते हुए गोली नहीं निकाली और दुर्घटनावश तभी ट्रिगर दबा दिया जब फिजियो उसके होटल के कमरे में प्रवेश कर रही थी। यह हथियार रखने के लिए सुरक्षा मानदंडों का उल्लघंन है। कोच ने यह भी बताया कि फिजियो के अस्पताल और सर्जरी का खर्चा निशानेबाज के माता-पिता ने उठाया।

खेल रत्न पुरस्कार विजेता और डबल ट्रैप में एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता रंजन सोढ़ी ने जब पूछा गया कि निशानेबाज सुरक्षा मानदंडों का पालन करने में असफल हो रहे है तो उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘कोच को थ्योरी की ट्रेनिंग के बजाय प्रमाणित करना होगा। भारतीय खेल प्राधिकरण थ्योरी की ट्रेनिंग देता है, उन्हें व्यावहारिक तरीके से ट्रेनिंग देनी होगी और उचित प्रमाण पत्र देना होगा। कोई भी ऐसे कोर्स नहीं कर सकता। काफी लोग डबल ट्रैप में मशहूर हैं लेकिन ट्रैप निशानेबाजी के कोच हैं। वहीं कुछ ट्रैप निशानेबाजी करते थे लेकिन स्कीट के कोच हैं। ’’

भाषा इनपुट के साथ

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