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Indian Open: लक्ष्य सेन की पेरिस ओलंपिक की उम्मीदों को झटका, प्रियांशु राजावत ने पहले ही दौर में किया बाहर

बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन कॉमनवेल्थ चैंपियन हैं जबकि प्रियांशु रजावत अब तक केवल ही बीडब्ल्यूएफ 100 और 3000 के टूर्नामेंट ही जीत पाए हैं।
Written by: खेल डेस्‍क | Edited By: Riya Kasana
नई दिल्ली | Updated: January 16, 2024 18:50 IST
indian open  लक्ष्य सेन की पेरिस ओलंपिक की उम्मीदों को झटका  प्रियांशु राजावत ने पहले ही दौर में किया बाहर
प्रियांशु राजावत अगले राउंड में एचएस प्रणॉय का सामना करेंगे।
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भारत के उभरते हुए खिलाड़ी प्रियांशु राजावत ने इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में पूर्व चैंपियन लक्ष्य सेन को तीन गेम में हराया। अब वह अगले मुकाबले में अन्य भारतीय एचएस प्रणॉय का सामना करेंगे जिन्होंने 13वें नंबर के खिलाड़ी चीनी ताइपे के टिएन चेन चाउ को 42 मिनट में 21-6, 21-19 से हराया। । प्रियांशु के खिलाफ मिली हार ने लक्ष्य सेन की पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। वह फिलहाल 19वें स्थान पर हैं और केवल टॉप 16 खिलाड़ी ही क्वालिफाई कर पाएंगे।

प्रियांशु और लक्ष्य के बीच हुई जोरदार टक्कर

पूर्व चैंपियन 19वें नंबर के लक्ष्य और 30वें नंबर के प्रियांशु के बीच शुरुआत से ही प्रत्येक अंक के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिली। जूनियर बैडमिंटन के दिनों से ही एक-दूसरे के खिलाफ खेल रहे ये खिलाड़ी एक-दूसरे की कमजोरियों और मजबूत पक्षों से अच्छी तरह वाकिफ थे। पिछले साल जापान ओपन में प्रियांशु को लक्ष्य के खिलाफ 15-21, 21-12, 22-24 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। हालांकि इस बार उन्होंने हिसाब बराबर कर दिया।

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75 मिनट तक चला मुकाबला

प्रियांशु ने पहला गेम गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए दुनिया के 19वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य को एक घंटा और 15 मिनट चले मुकाबले में 16-21, 21-16 21-13 से हराया। प्रियांशु ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘काफी समय बाद मैंने इतना अच्छा मुकाबला खेला। पीठ में चोट के कारण बीच में मैंने ब्रेक भी लिया था। लक्ष्य के खिलाफ यह मैच जीतना मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण था। लक्ष्य मेरे काफी अच्छे दोस्त हैं। उनके साथ खेलकर काफी अच्छा लगता है। हम दूसरी बार एक-दूसरे के खिलाफ खेल रहे थे। जापान में भी मैं उनसे करीबी मुकाबले में हारा था। मैं तीसरे गेम में 22-24 से हारा था इसलिए मेरे लिए महत्वपूर्ण था कि मैं अब जीतकर अगले दौर में जाऊं।’’

प्रियांशु को हर हाल में चाहिए थी जीत

उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूरी तैयारी के साथ आया था कि मुझे यह मैच जीतना ही है। पिछली बार भी मैं गलतियों के कारण जीता हुआ मैच हारा था। मैं तब भी तीसरे गेम में 18-14 से आगे था और फिर उन्होंने अपना खेल दिखाया और मैं हार गया। इस बार मैं सोचकर आया था कि चीजों को बिलकुल भी हल्के में नहीं लेना है क्योंकि मुझे पता था कि वह पिछली बार की तरह वापसी कर सकता था।’’

भाषा इनपुट के साथ

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