scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

Swati Maliwal Case: CM केजरीवाल के PA बिभव कुमार से जुड़ीं ये 7 कहानियां आपको कोई नहीं बताएगा

स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया है कि बिभव कुमार ने सीएम हाउस में उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की है।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Nitesh Dubey
नई दिल्ली | Updated: May 18, 2024 10:13 IST
swati maliwal case  cm केजरीवाल के pa बिभव कुमार से जुड़ीं ये 7 कहानियां आपको कोई नहीं बताएगा
बिभव कुमार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सबसे करीबी हैं।
Advertisement

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार का नाम सामने आ रहा है। स्वाति मालीवाल ने बिभव कुमार पर ही आरोप लगाए हैं। इस बीच पूरे देश में बिभव कुमार को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि आखिर में यह शख्स अरविंद केजरीवाल का इतना करीबी कैसे बन गया? बिभव कुमार से जुड़ी 7 ऐसी बड़ी कहानी है, जिसे हर कोई जानना चाहता है।

पहली कहानी

बिभव कुमार बिहार के सासाराम से आते हैं। उन्होंने 2004 से लेकर 2006 तक पत्रकारिता का कोर्स किया। लेकिन सक्रिय मीडिया में वह नहीं आए और एक्टिविज्म का रास्ता चुना। वह 2005 में ही अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के एनजीओ कबीर से जुड़ गए थे।

Advertisement

दूसरी कहानी

अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने बिभव कुमार को आरटीआई के तहत काम करने की जिम्मेदारी दी। एक न्यूज़ चैनल के आरटीआई से जुड़े अभियान को लेकर एनजीओ कबीर ने अहम भूमिका निभाई और बिभव यहां से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की नजरों में आने लगे।

तीसरी कहानी

जैसे-जैसे एनजीओ के आरटीआई का काम सफल होता गया, इस दौरान बिभव कुमार दूरदर्शन पर बतौर एक्सपर्ट कार्यक्रम से जुड़ने लगे। यहां से वह और अरविंद केजरीवाल के करीब आने लगे।

चौथी कहानी

धीरे-धीरे एनजीओ कबीर ने ग्राम स्वराज का काम शुरू किया और बिभव को अहम जिम्मेदारी दी गई। संगठन अन्ना हजारे के संपर्क में आया। बस यहीं से इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन की रूपरेखा तैयार हुई और 2011 में देश में सबसे बड़ा आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ हुआ।

Advertisement

पांचवी कहानी

जब इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन हो रहा था, उस दौरान बिभव कुमार अरविंद केजरीवाल के सबसे करीब थे और वह लगातार उन्हें राय देते थे और उनका काम भी देखते थे।

छठी कहानी

2013 में आम आदमी पार्टी को दिल्ली में जीत मिली। इस जीत के बाद अरविंद केजरीवाल से जुड़ा काम बिभव कुमार ही देखने लगे। वहीं जब 2015 में दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 67 सीटें जीती, तब बिभव को मुख्यमंत्री ने अपनी कोर टीम में रखा और उन्हें अपना निजी सचिव नियुक्त कर दिया। हालांकि बाद में इस पद को उपराज्यपाल ने भंग कर दिया था लेकिन बिभव CM केजरीवाल का काम करते रहे।

सातवीं कहानी

जब अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले मामले में तिहाड़ जेल में गए, तो उन्होंने 6 लोगों का नाम दिया जिससे वह मिल सकते हैं। इसमें बिभव कुमार का भी नाम था। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि बिभव सीएम केजरीवाल के कितने करीबी हैं।

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 टी20 tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो