scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

समलैंगिक विवाह पर नहीं होगी खुली कोर्ट में सुनवाई, CJI चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने किया इनकार

याचिकाकर्ता ने मंगलवार को खुली कोर्ट में सुनवाई करने की रिक्वेस्ट की लेकिन सीजेआई ने इस पर इंकार कर दिया और कहा कि नहीं हो सकता है।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Nitesh Dubey
नई दिल्ली | Updated: July 09, 2024 17:58 IST
समलैंगिक विवाह पर नहीं होगी खुली कोर्ट में सुनवाई  cji चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट
Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल समलैंगिक विवाह को मान्यता देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले की समीक्षा के लिए याचिका दायर की गई। याचिका में खुली कोर्ट में सुनवाई की मांग की गई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ता ने मंगलवार को खुली कोर्ट में सुनवाई करने की रिक्वेस्ट की लेकिन सीजेआई ने इस पर इंकार कर दिया और कहा कि यह नहीं हो सकता है।

Advertisement

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि संविधान पीठ की समीक्षा खुली अदालत में नहीं बल्कि चैंबर में सुनी जाती है। वरिष्ठ अधिवक्ता एनके कौल ने समीक्षा याचिका का जिक्र करते हुए अदालत से विशेष विवाह अधिनियम (SMA) 1954, विदेशी विवाह अधिनियम (FMA), 1969 के तहत समलैंगिक और समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग वाली याचिका पर खुली सुनवाई का आग्रह किया था।

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट 10 जुलाई को समीक्षा याचिका पर सुनवाई करेगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ याचिका पर सुनवाई करेगी। पीठ में अन्य चार न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, हिमा कोहली, बीवी नागरत्ना और पीएस नरसिम्हा हैं। जस्टिस एसके कौल और एस रवींद्र भट, जो बेंच से रिटायर हो चुके हैं, उनकी जगह जस्टिस संजीव खन्ना और बीवी नागरत्ना ने ले ली है।

सुप्रीम कोर्ट में कई समीक्षा याचिकाएं दायर की गई हैं, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। समीक्षा याचिकाओं में से एक वकील करुणा नंदी और रुचिरा गोयल के माध्यम से दायर की गई है, जिसमें कोर्ट द्वारा पारित 17 अक्टूबर, 2023 के बहुमत के फैसले की समीक्षा करने की मांग की गई थी।

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने 17 अक्टूबर, 2023 को चार अलग-अलग फैसले सुनाए थे। बहुमत का फैसला न्यायमूर्ति एसआर भट्ट, हिमा कोहली और पीएस नरसिम्हा द्वारा दिया गया था। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एसके कौल ने अल्पमत फैसला सुनाया था।

Advertisement

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 खेल tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो