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8 साल बाद क्यों और कैसे Rohith Vemula की मौत चर्चा का विषय बन गई?

असल में तेलंगाना पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि रोहित वेमुला कोई पिछड़ी जाति से नहीं आते थे, वे दलित समुदाय से भी ताल्लुक नहीं रखते थे।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Sudhanshu Maheshwari
नई दिल्ली | Updated: May 05, 2024 11:58 IST
8 साल बाद क्यों और कैसे rohith vemula की मौत चर्चा का विषय बन गई
रोहित वेमुला की मौत पर राजनीति
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हैदराबाद के छात्र रोहित वेमुला की मौत को आठ साल हो चुके हैं, उस एक घटना ने देश में बहस छेड़ दी थी- आखिर ये भेदभाव कब खत्म होगा, आखिर कॉलेजों में रैगिंग वाला सिस्टम कब पूरी तरह नष्ट होगा? अब जिस बहस ने पूरे देश को झकजोर दिया था, उसकी क्लोजर रिपोर्ट तेलंगाना की पुलिस ने कुछ दिन पहले दायर की। उस रिपोर्ट में जो भी कहा गया उसने पूरे मामले को ही पलट कर रख दिया और ये केस फिर चर्चा का विषय बन गया।

क्लोजर रिपोर्ट में क्या लिखा?

असल में तेलंगाना पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि रोहित वेमुला कोई पिछड़ी जाति से नहीं आते थे, वे दलित समुदाय से भी ताल्लुक नहीं रखते थे। उनकी मां ने फर्जी सर्टिफिकेट बनवा उन्हें दलित बताया था। अब पुलिस की जांच बताती है कि वेमुला उस फर्जी सर्टिफिकेट से परेशान था, उसे डर था कि अगर ये बात सभी को पता चल गई तो उसका नुकसान हो जाएगा, उसकी पढ़ाई बीच में ही रुक जाएगी। इसके ऊपर वेमुला के अच्छे नंबर नहीं आ रहे थे, उस वजह से भी वो तनाव में था।

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अब उस रिपोर्ट को लेकर ही वेमुला का परिवार आक्रोशित है, उनका कहना है कि बेटे की जाति के पीछे पड़ा जा रहा है, असल जांच से भागने की कोशिश हो रही है। अब ये तो वर्तमान विवाद है जिस वजह से रोहित वेमुला फिर चर्चा में है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आठ साल पहले असल में हुआ क्या था, ऐसा क्या हुआ था कि तब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पूरे विपक्ष के निशाने पर आ गई थीं?

रोहित वेमुला के साथ क्या हुआ?

असल में 17 जनवरी को साल 2016 में रोहित वेमुला ने आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में खुदकुशी की थी। विपक्ष ने तब आरोप लगाया था कि स्मृति ईरानी, सांसद बंगारू दत्तात्रेय और एबीवीपी के कई सदस्यों के उकसाने के बाद ही वेमुला ने इतना बड़ा कदम उठाया। अब हुआ ये था कि रोहित छात्र राजनीति में काफी सक्रिय थे। कई आंदोलनों में हिस्सा लिया था, लगातार बयानबाजी करते थे। इसी कड़ी में 2015 में उन पर और उनके कुछ साथियों पर आरोप लगा कि उन्होंने एबीवीपी के सदस्य पर हमला किया। उस हमले को लेकर एक्शन हुआ और इन सभी छात्रों को हॉस्टल से बाहर निकालने का आदेश जारी हुआ। उस आदेश के बाद ही रोहित वेमुला की आत्महत्या की खबर आ गई और पूरे देश में आक्रोश फैल गया।

राजनीति किस बात पर हो रही?

उस समय मोदी सरकार पर आरोप लगा कि कॉलेजों में जाति के आधार पर भेदभाव हुआ, दलितों के साथ अत्याचार हुआ। राहुल गांधी ने भी बढ़-चढ़कर उस मुद्दे को उठाय और स्मृति ईरानी का इस्तीफा तक मांगा था। लेकिन अब तेलंगाना में सरकार बदल चुकी है, बीआरएस विपक्ष में है और कांग्रेस सत्ता में आ गई है। अब कांग्रेस राज की पुलिस ही वेमुला मामले में अलग खुलासे कर रही है। वेमुला की आत्महत्या के अलग कारण बता रही है। इसी वजह से बीजेपी अब राहुल गांधी पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है।

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