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Ration Scam: ममता के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को ईडी ने किया गिरफ्तार, कहा- गहरी साजिश का शिकार हूं

West Bengal Ration Scam Case: ज्योतिप्रिय मलिक वन मंत्री बनने से पहले खाद्य मंत्री का कार्यभार संभाल रहे थे। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के मंत्रियों पर पहले भी छापेमारी होती रही है।
Written by: न्यूज डेस्क
Updated: October 27, 2023 11:18 IST
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West Bengal Ration Scam Case: पश्चिम बंगाल राशन स्कैम केस मामले में ईडी ने ममता के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। (एक्सप्रेस फाइल)
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Ration Scam: पश्चिम बंगाल की ममता सरकार में मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को ईडी ने कथित राशन घोटाले मामले में शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है। ममता बनर्जी सरकार में मलिक वन मंत्री हैं। इससे पहले गुरुवार सुबह ही ईडी ने उनके आवास पर छापेमारी की थी। यह छापेमारी कथित राशन घोटाले से जुड़ी है, जिसकी जांच ईडी कर रही है।

ज्योतिप्रिय मलिक ने अपनी गिरफ्तारी पर कहा, 'मैं एक गंभीर साजिश का शिकार हो गया हूं। मैं यही कह सकता हूं, मलिक ने कहा, जब उन्हें ईडी अधिकारियों ने सुबह करीब 3:23 बजे कोलकाता के साल्ट लेक स्थित उनके घर से हिरासत में लिया था। उनकी गिरफ्तारी 20 घंटे की पूछताछ के बाद हुई।' गुरुवार सुबह करीब साढ़े छह बजे ईडी के अधिकारी मंत्री के घर पहुंचे। ईडी गुरुवार सुबह से बीसी ब्लॉक, साल्ट लेक (बीसी 244 और बीसी 245) के दो फ्लैटों में तलाशी अभियान चला रही है, जो कथित तौर पर मंत्री के हैं। ईडी ने उत्तर 24 परगना जिले के नागेरबाजार में मल्लिक के निजी सहायक अमित डे के आवास पर भी तलाशी ली।

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ईडी ने मामले के सिलसिले में मलिक और उनके सहयोगियों सहित कुल आठ आवासों पर छापेमारी की। सूत्रों ने बताया कि ईडी मलिक के व्यवसायी बकीबुर रहमान से संबंधों की जांच कर रही है, जिन्हें हाल ही में मामले में गिरफ्तार किया गया था। ईडी कथित तौर पर करोड़ों रुपये के राशन घोटाले की जांच कर रही है।

ज्योतिप्रिय मलिक वन मंत्री बनने से पहले खाद्य मंत्री का कार्यभार संभाल रहे थे। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के मंत्रियों पर पहले भी छापेमारी होती रही है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने इस कथित घोटाले में चावल मिल मालिक बकीबुर रहमान को गिरफ्तार किया था। 2004 में एक चावल मिल मालिक के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले रहमान ने अगले दो वर्षों में तीन और कंपनियां खड़ी कर लीं। ईडी अधिकारियों के अनुसार, रहमान ने कथित तौर पर शेल कंपनियों की सीरिज खोली और पैसे निकाले।

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ईडी के सूत्रों के अनुसार, रहमान ने खाद्य विभाग में अपनी जड़ें जमाईं और राशन विभाग में अपने रैकेट के जरिए जनता के लिए आवंटित खाद्यान्न को अवैध रूप से बेचकर पैसे की हेराफेरी की। ईडी के अधिकारियों ने कहा है कि रहमान के पास कोलकाता और बेंगलुरु में होटल और बार हैं। उन्होंने विदेशी कारें खरीदीं। उन्हें कुछ दिन पहले ही ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी सूत्रों के मुताबिक, जिस समय बकीबुर रहमान कथित तौर पर घोटाले में शामिल थे, उस दौरान ज्योतिप्रिय मलिक खाद्य मंत्री थे। ईडी पहले ही नौकरी घोटाले में मौजूदा खाद्य मंत्री रथिन घोष से पूछताछ कर चुकी है।

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