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राजपाट: भाजपा का कश्मीर में चुनाव से किनारा, पार्टी कार्यकर्ता हैरान

भाजपा द्वारा श्रीनगर, बारामूला और अनंतनाग-राजौरी की लोकसभा सीटों पर चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारने की घोषणा पर महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी पूछ रही है कि भाजपा ने जो नया कश्मीर बनाने का दावा किया था उसका क्या हुआ।
Written by: जनसत्ता | Edited By: Bishwa Nath Jha
नई दिल्ली | Updated: May 04, 2024 12:17 IST
राजपाट  भाजपा का कश्मीर में चुनाव से किनारा  पार्टी कार्यकर्ता हैरान
महबूबा मुफ्ती। फोटो -(इंडियन एक्सप्रेस)।
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कश्मीर घाटी की तीन लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारने के भाजपा के फैसले से संघ शासित क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ता हैरान हैं। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी ने यह फैसला क्यों लिया, कार्यकर्ता समझ नहीं पा रहे। भाजपा ने 2019 में जम्मू कश्मीर से धारा-370 हटाई थी। साथ ही आतंकवाद में कमी, आर्थिक निवेश बढ़ने और पर्यटन के विकास का बढ़-चढ़कर दावा किया था।

लेकिन, पार्टी के सूबेदार रविंद्र रैना ने जब घोषणा की कि भाजपा श्रीनगर, बारामूला और अनंतनाग-राजौरी की सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारेगी तो इन इलाकों के टिकटार्थियों को झटका लगना स्वाभाविक था। जम्मू कश्मीर 2019 से पहले जब पूर्ण राज्य था तो यहां लोकसभा की कुल छह सीटें थी। अब लद्दाख अलग संघ शासित क्षेत्र है और जम्मू कश्मीर अलग संघ शासित क्षेत्र।

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जम्मू और ऊधमपुर की सीटें हैं तो लद्दाख की सीट अलग है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने अपना जो चुनाव पूर्व सर्वे कराया था उसमें घाटी की तीनों सीटों पर पार्टी की स्थिति लचर होने की जानकारी सामने आई थी। हारने से अच्छा पार्टी ने इन सीटों पर चुनाव न लड़ना समझा। महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी पूछ रही है कि भाजपा ने जो नया कश्मीर बनाने का दावा किया था, उसका क्या हुआ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के हिसाब से जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा और विधानसभा चुनाव 30 सितंबर से पहले कराना जरूरी है।