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वडोदरा की सोसायटी में मुस्लिम महिला को मिले फ्लैट का विरोध, छोटे बच्चे की मां ने कहा-मेरा सपना टूट रहा है

मुस्लिम महिला उद्यमिता और कौशल विकास मंत्रालय में काम करती है और वीएमसी ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत ये फ्लैट अलोट किया था। अधिकारियों का कहना है कि वह महिला सोसायटी में एकमात्र मुस्लिम है
Written by: ईएनएस | Edited By: Mohammad Qasim
नई दिल्ली | Updated: June 14, 2024 09:48 IST
वडोदरा की सोसायटी में मुस्लिम महिला को मिले फ्लैट का विरोध  छोटे बच्चे की मां ने कहा मेरा सपना टूट रहा है
सोसायटी के 33 रिहायशी लोगों ने जिला कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को एक लिखित शिकायत भेजी है। Express photo by Bhupendra Rana)
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वडोदरा के हरनी की एक सोसायटी में मुस्लिम महिला को मिले फ्लैट का विरोध किया जा रहा है।  सोसायटी के 33 रिहायशी लोगों ने जिला कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को एक लिखित शिकायत भेजी है, जिसमें एक 'मुस्लिम' के वहां रहने पर आपत्ति जताई गई है।

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मुस्लिम महिला उद्यमिता और कौशल विकास मंत्रालय में काम करती है और वीएमसी ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत ये फ्लैट अलोट किया था। अधिकारियों का कहना है कि वह महिला सोसायटी में एकमात्र मुस्लिम है।

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वडोदरा के कमिश्नर दिलीप राणा इस मामले पर टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। उप नगर आयुक्त अर्पित सागर और सोसायटी के अधिकारी नीलेशकुमार परमार ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

लंबे वक़्त से चल रहा है विरोध

मुस्लिम महिला अपने एक बच्चे के साथ यहां  शिफ्ट हुई थी।  44 साल की महिला का कहना है यह विरोध प्रदर्शन सबसे पहले 2020 में शुरू हुआ था, जब यहां के निवासियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को पत्र लिखकर उनके घर के आवंटन को अमान्य करने की मांग की थी। हालांकि हरनी पुलिस स्टेशन ने तब सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए थे मामले का निपटारा कर दिया था। इसी मुद्दे पर हालिया विरोध प्रदर्शन 10 जून को हुआ था।

'मेरे सपने टूट रहे हैं'

मुस्लिम महिला ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि मैं वडोदरा के एक मिले-जुले इलाके में पली-बढ़ी हूं। मैं हमेशा चाहती थी कि मेरा बेटा एक बेहतर इलाके में बड़ा हो, लेकिन मेरे सपने टूट गए हैं क्योंकि लगभग छह साल हो गए हैं और मेरे सामने जो विरोध है उसका कोई समाधान नहीं है। मेरा बेटा अब कक्षा 12 में है और यह उम्र यह समझने के लिए काफी होती है कि ये एसबी क्या हो रहा है। ये भेदभाव उसे मानसिक तौर से प्रभावित करेगा।"

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मोटनाथ रेजीडेंसी कोऑपरेटिव हाउसिंग सर्विसेज सोसाइटी लिमिटेड के ज्ञापन में लिखा है,--“वीएमसी ने मार्च 2019 में एक अल्पसंख्यक (मुस्लिम महिला) को मकान नंबर K204 आवंटित किया है। हमारा मानना ​​है कि हरनी क्षेत्र एक हिंदू बहुल शांतिपूर्ण क्षेत्र है और लगभग चार किलोमीटर के एरिया मेन मुसलमानों की कोई बस्ती नहीं है। वीएमसी का यह आवंटन 461 परिवारों के शांतिपूर्ण जीवन में आग लगाने जैसा है।"

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