scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

गृह मंत्रालय का 5 NGO के खिलाफ कड़ा एक्शन, अब विदेश से नहीं ले पाएंगे आर्थिक मदद

एनजीओ को कथित तौर पर उन कामों के लिए पैसे का इस्तेमाल करने के लिए कार्रवाई का सामना करना पड़ा जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं थे।
Written by: न्यूज डेस्क
नई दिल्ली | Updated: April 04, 2024 09:40 IST
गृह मंत्रालय का 5 ngo के खिलाफ कड़ा एक्शन  अब विदेश से नहीं ले पाएंगे आर्थिक मदद
गृह मंत्रालय। (इमेज- पीटीआई)
Advertisement

FCRA: गृह मंत्रालय ने कई प्रावधानों और एफसीआरए के उल्लघंन के मामले में कम से कम पांच जाने माने गैर सरकारी संगठन के रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए हैं। एफसीआरए के रजिस्ट्रेशन के रद्द होने के बाद अब ये एनजीओ विदेशों से पैसे नहीं ले पाएंगे और ना ही इनके पास जो इस समय पैसा है उसका इस्तेमाल कर पाएंगे।

जिन पांच एनजीओं के रजिस्ट्रेशन रद्द हुए हैं उनमें वॉलंटरी हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया, सीएनआई सिनोडिकल बोर्ड ऑफ सोशल सर्विसेज, इंडो-ग्लोबल सोशल सर्विस सोसाइटी, चर्च ऑक्जिलरी फॉर सोशल एक्शन और इवेंजेलिकल फेलोशिप ऑफ इंडिया शामिल हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी एनजीओं की तरफ से कोई भी टिप्पणी नहीं की गई है।

Advertisement

एनजीओ को कथित तौर पर उन कामों के लिए पैसे का इस्तेमाल करने के लिए कार्रवाई का सामना करना पड़ा जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं थे। एनजीओ ने एफसीआरए के नियमों के उलट गतिविधियों में शामिल होकर कानून का उल्लघंन किया है।

इन एनजीओ का क्या काम था

1970 में गठित वॉलंटरी हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया देशभर में 4500 से ज्यादा स्वास्थ्य और विकास संस्थानों को जोड़ता है। वहीं, सिनोडिकल बोर्ड ऑफ सोशल सर्विसेज चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया का विकास और न्याय बोर्ड है। सीएनआई एसबीएसएस का गठन गरीबों और शोषितों लोगों के लिए हुआ था। इंडो-ग्लोबल सोशल सर्विस सोसाइटी ने अपनी वेबसाइट में कहा है कि वह सत्य, न्याय, स्वतंत्रता और समानता के लिए काम करती है। इसका पहला उद्देश्य हाशिए पर रहने वाले समुदायों को मजबूत करना और सतत विकास को बढ़ावा देना है। 1951 इवेंजेलिकल फेलोशिप ऑफ इंडिया का गठन किया गया था। यह राष्ट्र निर्माण में योगदान देता है।

Advertisement

अब तक कितने एफसीआरए लाइसेंस किए गए रद्द

अब तक कुल मिलाकर कई एनजीओं के एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए गए हैं। 2012 से 20,721 एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए गए हैं। 2012 में 3,924 एफसीआरए रद्द किए गए, 2013 में 4, 2014 में 59, 2015 में 10,002, 2016 में 6, 2017 में 4,863, 2018 में 1, 2019 में 1,839, 2020 में 3, 2021 में 3, 2022 में 15, 2023 में 4 एनजीओ के रजिस्ट्रेशन रद्द किए गए हैं। 1 फरवरी तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2012 से 2,580 एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द होने के साथ तमिलनाडु पहले नंबर पर है, इसके बाद महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में 2,025, उत्तर प्रदेश में 1,820 और पश्चिम बंगाल में 1,717 हैं।

Advertisement

Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो