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Malegaon Blast Case: भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के पेश न होने पर NIA कोर्ट नाराज, मांगी मेडिकल रिपोर्ट; मालेगांव ब्लास्ट से जुड़ा है मामला

Malegaon Blast Case: कोर्ट ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कोर्ट में पेश होने के निर्देश हैं, लेकिन वो ऐसा नहीं कर रही हैं और कई बार अनुपस्थित रही हैं। जिससे कोर्ट की कार्यवाही में बाधा पैदा हो रही है।
Written by: न्यूज डेस्क
Updated: April 04, 2024 13:34 IST
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Malegaon Blast Case: भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर। (PTI)
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Malegaon Blast Case 2008: मुंबई की एक स्पेशल एनआईए कोर्ट 2008 के मालेगांव ब्लास्ट मामले पर सुनवाई कर रही है। मालेगांव ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर हैं। मामले की सुनवाई के दौरान उपस्थित न होने पर कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से हेल्थ रिपोर्ट मांगी है।

कोर्ट ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कोर्ट में पेश होने के निर्देश हैं, लेकिन वो ऐसा नहीं कर रही हैं और कई बार अनुपस्थित रही हैं। जिससे कोर्ट की कार्यवाही में बाधा पैदा हो रही है।

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स्पेशल NIA जज एके लाहोटी ने कहा कि एनआईए सोमवार तक उनके स्वास्थ्य पर रिपोर्ट दाखिल करे। ठाकुर के वकील जेपी मिश्रा और प्रशांत मग्गू ने बुधवार को दायर छूट आवेदन में कहा कि साध्वी प्रज्ञा खराब स्वास्थ्य और गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।

साध्वी के वकीलों ने कहा कि उनकी मेडिकल कंडीशन ठीक नहीं है और डॉक्टरों-शुभचिंतकों की सलाह पर वह भोपाल में अपने घर पर चिकित्सा उपचार ले रही हैं। उपस्थित चिकित्सक ने उनकी जांच करने के बाद निष्कर्ष निकाला कि उन्हें बेडरेस्ट की जरूरत है।

भोपाल से भाजपा सांसद के वकीलों ने इसके लिए एक मेडिकल सर्टिफिकेट भी संलग्न किया। साथ ही कहा कि उनकी मेडिकल और शारीरिक स्थिति को देखते हुए, बीमारी से उबरने और कोर्ट के सामने पेश होने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

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एनआईए की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक अविनाश रसल ने कहा कि कई मौकों पर ठाकुर की बीमारी की याचिका पर विचार किया गया है, क्योंकि वह मुंबई में नहीं हैं, इसलिए उनकी गैर-हाजिरी का कारण सत्यापित नहीं किया जा सकता है, लेकिन भोपाल एनआईए कार्यालय को सत्यापन करने का निर्देश दिया जा सकता है। रसल ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रज्ञा ठाकुर के लगातार सुनवाई से अनुपस्थित रहने के कारण सुनवाई में देरी हो रही है।

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जज ने कहा कि यह बताना जरूरी है कि कुछ आरोपियों द्वारा सामना की जाने वाली कठिनाइयों यानी लंबी दूरी से यात्रा करने या दूसरे राज्य से यात्रा करने और 11 बजे टिकट की अनुपलब्धता को ध्यान में रखते हुए, 313 बयान दर्ज करने के लिए निर्धारित तिथियां भी पहले से दी गई थीं। खराब हेल्थ के कारण पर भी समय-समय पर विचार किया गया और इस आशय के आदेश पारित किए गए।

कोर्ट ने आगे कहा कि प्रज्ञा ठाकुर लंबे समय से अनुपस्थित थीं, हालांकि वह 22 मार्च को अदालत में पेश हुईं और उनकी मेडिकल कंडीशन को देखते हुए उन्हें अदालत छोड़ने की अनुमति दी गई। भोपाल जाने से पहले, वह अपना बयान दर्ज कराने के लिए अदालत में वापस नहीं आई। जज ने कहा, "सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज करने के लिए ठाकुर की उपस्थिति जरूरी है, उनकी अनुपस्थिति के कारण कोर्ट की कार्यवाही में बाधा पैदा हो रही है।

NIA कोर्ट देखा कि भोपाल सांसद के मेडिकल सर्टिफिकेट में कहा गया है कि वह सर्वाइकल-स्पॉन्डिलाइटिस और माइग्रेन से पीड़ित हैं और इसलिए डॉक्टर ने उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। इस पर जज ने कहा कि रसल की दलीलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि कम से कम ठाकुर की मेडिकल कंडीशन से संबंधित एनआईए भोपाल की सत्यापन रिपोर्ट मंगाई जाए, क्योंकि वह लंबे समय से कोर्ट में पेश नहीं हो रही हैं और इससे सुनवाई में देरी हो रही है।

बता दें, 29 सितंबर, 2008 को मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर मालेगांव में एक मस्जिद के पास कथित तौर पर ठाकुर की स्वामित्व वाली मोटरसाइकिल पर रखे विस्फोटक उपकरण में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए।

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