scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

NSG और ITBP अब नहीं करेंगे वीआईपी की सुरक्षा? बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में मोदी सरकार

मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में वीआईपी लोगों की सुरक्षा में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में है।
Written by: न्यूज डेस्क
नई दिल्ली | June 11, 2024 19:23 IST
nsg और itbp अब नहीं करेंगे वीआईपी की सुरक्षा  बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में मोदी सरकार
एनएसजी कमांडो। (इमेज-पीटीआई)
Advertisement

Modi Cabinet 2024: प्रधानमंत्री मोदी अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। वहीं, अब केंद्र सरकार वीआईपी सुरक्षा में बड़ा बदलाव करने की प्लानिंग कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रियों ने अपने-अपने विभाग का काम संभालने के बाद एनएसजी और आईटीबीपी के द्वारा एक दर्जन से ज्यादा वीआईपी की सुरक्षा का काम अर्धसैनिक बलों को सौंपा जाएगा। गृह मंत्रालय अब इस बारे में जल्दी ही समीक्षा करेगा।

कई राजनीतिक हस्तियों, पूर्व मंत्रियों, रिटायर्ड नौकरशाहों और कुछ अन्य लोगों को दी गई सुरक्षा को वापस लिया जा सकता है या फिर उसको कम कर दिया जाएगा या उसे अपग्रेड कर दिया जाएगा। वहीं, गृह मंत्रालय इस दौरान एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो को वीआईपी सुरक्षा ड्यूटी से पूरी तरह से हटा सकता है।

Advertisement

इन वीआईपी नेताओं को मिलती है सुरक्षा

वीआईपी लोगों की सुरक्षा में लगे भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों को सीआरपीएफ या सीआईएसएफ की वीआईपी सुरक्षा इकाई को ट्रांसफर किया जा सकता है। इसको एसएसजी कहा जाता है। जिन वीआईपी लोगों को एनएसजी के कमांडो सुरक्षा देते हैं उनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, भाजपा नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह शामिल हैं।

गुलाम नबी आजाद को भी सुरक्षा कवर देते हैं जवान

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू को भी एनएसजी कमांडो सुरक्षा देते हैं। आईटीबीपी के जवान वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी, एनसी नेता उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती और कुछ अन्य लोगों की सिक्योरिटी देते हैं।

Advertisement

बता दें कि एनएसजी को वीआईपी सुरक्षा के काम से फ्री करने प्लानिंग साल 2012 से ही चल रही है। हालांकि, यह अभी तक संभव नहीं हो पाया है। दरअसल, NSG ने एक अनुमान लगाया था कि अगर देश में एक ही समय में कई जगहों पर आंतकी हमले होते हैं तो उस दौरान कमांडों को कई दिशाओं में एक साथ भेजा जा सकता है। मालूम हो कि एनएसजी को वीआईपी सुरक्षा ड्यूटी से हटाए जाने के बाद करीब 450 'ब्लैक कैट' कमांडो को फ्री किए जाने की उम्मीद है।

Advertisement

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 चुनाव tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो