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चुनाव ने बांटे परिवार! इन बेटों ने बढ़ाई अपने पिता की पार्टी की मुसीबत, विरोधी दल के टिकट पर मैदान में उतरे

Lok Sabha Elections: लोकसभा चुनाव में कई जगहों पर चुनाव लड़ने के लिए नेताओं ने दल बदल किया है। इस वजह से कई जगह हालात ऐसे हो गए हैं कि बेटा किसी पार्टी में है और पिता किसी और में।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Yashveer Singh
Updated: April 10, 2024 19:32 IST
चुनाव ने बांटे परिवार  इन बेटों ने बढ़ाई अपने पिता की पार्टी की मुसीबत  विरोधी दल के टिकट पर मैदान में उतरे
दल - बदल ने बढ़ाई सियासी दलों की चिंता (PTI Image)
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आमतौर पर कहते हैं कि पिता जो रास्ता दिखाता है उसके बच्चे अपने जीवन में भी उसी मार्ग का पालन करते हैं लेकिन बात अगर राजनीति की होती है तो कई बार इसका उलट भी होता है। ओडिशा में कम से कम तीन अनुभवी नेता इस बार चुनाव की वजह से अपने घर में ही अजीबोगरीब स्थिति का सामना कर रहे हैं। इसकी वजह उनके बेटे हैं, जो उनकी विरोधी पार्टियों के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

ओडिशा में कांग्रेस नेता सुरेश राउत्रे व चिंतामणि द्यान सामंतराय और बीजेपी नेता बिजॉय महापात्र के बेटे उन पार्टियों से चुनाव लड़ रहे हैं, जिन्हें उनके पिता की पार्टी अपना विरोधी मानती हैं। इसी वजह से कांग्रेस पार्टी ने अपने सीनियर नेता और जटानी के विधायक सुरेश राउत्रे को उनकी पार्टी ने कारण बताओं नोटिस जारी किया है।

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सुरेश राउत्रे को कारण बताओ नोटिस कथित तौर पर अपने बेटे का प्रचार करने के लिए दिया गया है। राउत्रे के बेटे मन्मथ बीजद के टिकट पर भुवनेश्वर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। 80 साल के सुरेश राउत्रे छह बार कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने इस बार चुनाव न लड़ने का ऐलान किया था लेकिन वो राजधानी के कई पार्कों में अपने बेटे मन्मथ का प्रचार करते पाए गए।

न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में कहा, "मैंने किसी से अपने बेटे को वोट करने के लिए नहीं कहा लेकिन जब लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या उन्हें मेरे बेटे के लिए वोट करना चाहिए तो मैं उन्हें हां बोलता हूं।" उन्होंने आगे कहा, "हां, मैं लोगों को बताता हूं कि वो मेरे बेटे को वोट दें क्योंकि वो मुझसे पूछते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए। अगर AICC या PCC मुझे सजा देना चाहते हैं तो मैं तैयार हूं लेकिन मैं अपने मरने तक कांग्रेसी ही रहूंगा।"

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वो यह भी दावा करते हैं कि वो सिद्धांत का पालन करने वाले व्यक्ति हैं।

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चिंतामणि के बेटे एक दूसरे को दे रहे टक्कर

ओडिशा के गंजम जिले में सीनियर कांग्रेस नेता और ओडिशा विधानसभा के पूर्व स्पीकर चिंतामणि द्यान सामंतराय के लिए स्थिति थोड़ा और विकट है। उनका एक बेटा कांग्रेस और दूसरा बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहा है। अब उन्हें खुद यह समझ नहीं आ रहा है कि वो चुनाव में किसके लिए वोट करें क्योंकि उनके बेटे ही मुख्य प्रतिद्वंदी हैं। बीजेपी ने चिंतामणि के छोटे बेटे मनोरंजन द्यान सामंतराय को टिकट दिया है तो वहीं कांग्रेस ने उनके बड़े बेटे रवीन्दनाथ द्यान समन्तराय को चुनाव मैदान में उतारा है।

चिंतामणि द्यान सामंतराय कांग्रेस के सीनियर नेता हैं। वह तीन बार - दो बार निर्दलीय (1980 और 1995) और एक बार कांग्रेस के टिकट पर (1985) चिकिटी से चुनाव जीत चुके हैं। उनके छोटे बेटे मनोरंजन द्यान सामंतराय दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। एक बार कांग्रेस के टिकट पर (2014) और एक बार बीजेपी के टिकट पर (2019), लेकिन उन्हें दोनों बार असफलता मिली हैं। उनके बड़े भाई इस बार पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं।

रविंद्रनाथ ने न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में कहा, "मैं अपने पिता के समय से कांग्रेस में एक्टिव हूं। इसी वजह से पार्टी ने मुझे चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया है। यह चुनाव दो विचारधाराओं के बीच में होगा न कि दो भाइयों के।"

मनोरंजन ने दावा किया कि वह पिछले कई वर्षों से राजनीति में बहुत सक्रिय थे और उन्हें चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी का टिकट मिला है। वो कहते हैं, "कुछ लोगों ने अपने स्वार्थों के लिए हमारे परिवार में अशांति पैदा करने के लिए मेरे भाई को कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए उकसाया होगा। हालांकि, इसका मेरी चुनावी संभावनाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।"

किसका प्रचार करेंगे चिंतामणि?

चिंतामणि कहते हैं कि वो खराब स्वास्थ्य कि वजह से अपने किसी भी बेटे का चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगे। वो कहते हैं कि वो पक्के कांग्रेसी हैं और बीजेपी की नीतियों के विरोधी हैं। बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला मेरे छोटे बेटे का है। पिता के तौर पर मैं उनपर अपना फैसला नहीं थोप सकता।

बिजॉय महापात्रा भी मुश्किल में

केंद्रपाड़ा जिले में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे दिग्गज बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री बिजॉय महापात्रा भी मुश्किल में हैं। उनके बेटे अरबिंद महापात्र को पटकुरा विधानसभा से बीजद के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे हैं। हालांकि बिजॉय लंबे समय से बीजेपी में एक्टिव नहीं है लेकिन वो अभी तक भगवा खेमे में ही हैं। उन्होंने पटकुरा विधानसभा से पिछला विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस बार उनके बेटे बीजद के टिकट पर चुनाव मैदान में है।

मैप के जरिए जानिए लोकसभा चुनाव का शेड्यूल

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