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Kisan Andolan: सरकार ने 177 सोशल मीडिया अकाउंट्स ब्लॉक करने के दिए निर्देश, आंदोलन खत्म होने पर लिया जा सकता है ये फैसला

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ‘दिल्ली चलो’ मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: shruti srivastava
नई दिल्ली | Updated: February 20, 2024 22:42 IST
kisan andolan  सरकार ने 177 सोशल मीडिया अकाउंट्स ब्लॉक करने के दिए निर्देश  आंदोलन खत्म होने पर लिया जा सकता है ये फैसला
बार्डर पर मौजूद किसान। (इमेज- पीटीआई)
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एमएसपी सहित कई मुद्दों पर अपनी मांग को लेकर किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मंगलवार को कहा कि केंद्र को फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून लाने के लिए एक दिन का संसद सत्र बुलाना चाहिए। इस बीच सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने लगभग 177 सोशल मीडिया अकाउंट और वेब लिंक को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने का आदेश दिया है जो किसानों के विरोध से जुड़े हैं।

आईटी अधिनियम की धारा 69A के तहत गृह मंत्रालय के अनुरोध पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा 14 और 19 फरवरी को आदेश जारी किए गए थे। सूत्र ने कहा, "गृह मंत्रालय के अनुरोध पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 177 सोशल मीडिया अकाउंट और वेब लिंक को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने के आदेश जारी किए गए हैं।"

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इसके साथ ही फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, स्नैपचैट और कुछ अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिंक और अकाउंट को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है। सूत्र ने बताया कि किसान आंदोलन खत्म होने के बाद इन अकाउंट्स को चालू किया जा सकता है।

MSP पर कानून बनाने के लिए संसद सत्र बुलाए सरकार- किसान नेता

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मंगलवार को कहा कि केंद्र को फसलों के लिए एमएसपी पर कानून लाने के वास्ते एक दिन का संसद सत्र बुलाना चाहिए। उन्होंने केंद्र से कृषि ऋण माफी समेत किसानों की अन्य प्रमुख मांगों को स्वीकार करने को भी कहा। उनका यह बयान ‘दिल्ली चलो’ मार्च में भाग लेने वाले किसान नेताओं द्वारा पांच साल के लिए एमएसपी पर दालों, मक्का और कपास की खरीद के केंद्र के प्रस्ताव को खारिज किए जाने के एक दिन बाद आया है। किसान नेताओं ने कहा है कि केंद्र का प्रस्ताव किसानों के पक्ष में नहीं है।

मंगलवार को पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर पर पत्रकारों से बातचीत में किसान मजदूर मोर्चा का प्रतिनिधित्व करने वाले पंधेर ने कहा, ‘‘हमारी मांग है कि एमएसपी की गारंटी का कानून लाया जाए। अगर प्रधानमंत्री के पास इच्छाशक्ति होगी तो संसद का एक दिन का सत्र बुलाया जा सकता है। कोई भी विपक्षी दल इसका विरोध नहीं करेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं मांग करता हूं कि सभी विपक्षी दल अपना रुख स्पष्ट करें कि अगर केंद्र एमएसपी पर कानून लाता है, तो वे इसके लिए वोट करेंगे। चाहे शिरोमणि अकाली दल हो या कांग्रेस उन्हें अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों को भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।’’

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'कृषि ऋण माफ किया जाए'

पंधेर ने कहा कि किसानों की तीन बड़ी मांगें हैं- सभी फसलों के लिए एमएसपी पर कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन आयोग द्वारा अनुशंसित ‘C2 प्लस 50 प्रतिशत’ फॉर्मूले का कार्यान्वयन और ऋण माफी। पंधेर ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक में किसानों ने प्रस्ताव दिया कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर एमएसपी पर कानून बनाया जाए। कर्ज माफी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक किसानों पर कुल 18.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से यह घोषणा करने का अनुरोध किया कि कृषि ऋण माफ कर दिया जाएगा। ‘दिल्ली चलो’ मार्च के सवाल पर किसान नेता ने कहा कि हम अपनी बुधवार को दिल्ली जाने की घोषणा पर कायम हैं।

किसानों की मांगे पूरी करना किसी भी सरकार के लिए आसान नहीं- केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेनाध्यक्ष वी. के. सिंह ने मंगलवार को कहा कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली हरियाणा सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगे पूरी करना किसी भी सरकार के लिए आसान नहीं है। सिंह ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में किसानों के आंदोलन से जुड़े एक सवाल पर कहा कि आंदोलनकारी किसानों के नेता जो मांगे कर रहे हैं उन्हें पूरा करना किसी भी सरकार के लिए आसान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि असल बात यह है कि किसान नेता मामले का समाधान निकालना ही नहीं चाहते हैं।

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