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बेटे के शहीद होने की खबर सुन टूट गया परिवार, दो महीने में देश के लिए बलिदान हो गए दो सपूत

बलवंत ने कहा कि हमने दो महीने में अपने दो बेटे खो दिए हैं। मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वह कुछ सख्त कदम उठाए।
Written by: न्यूज डेस्क
नई दिल्ली | Updated: July 09, 2024 23:38 IST
बेटे के शहीद होने की खबर सुन टूट गया परिवार  दो महीने में देश के लिए बलिदान हो गए दो सपूत
राइफलमैन आदर्श नेगी। (इमेज-एक्स/@RanaR79648331)
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Jammu-Kashmir Kathua Attack: जम्मू कश्मीर के कठुआ में सेना के काफिले पर हुए आतंकी हमले में उत्तराखंड के 5 जवान शहीद हुए हैं। एक परिवार अभी भारतीय सेना में मेजर की शहादत से ऊबर नहीं पाया था कि उस पर दुखों का एक और पहाड़ टूट पड़ा। मेजर का चचेरा भाई आदर्श नेगी जम्मू-कश्मीर में सोमवार को हुए हमले में बलिदान हो गया।

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उत्तराखंड के टिहरी जिले के थाती डागर गांव के रहने वाले राइफलमैन के चाचा बलवंत सिंह नेगी ने कहा कि महज दो महीने पहले हमने अपने बेटे को खो दिया। वह देश की सेवा करते हुए शहीद हो गया। वह एक मेजर था। अब हमें पता चला है कि जम्मू-कश्मीर में एक काफिले पर हुए आतंकी हमले में पौड़ी-गढ़वाल क्षेत्र के पांच जवान शहीद हो गए। इसमें हमारे क्षेत्र के पांच लोग मारे गए हैं और उसी में आदर्श शामिल था। बलवंत नेगी का बेटे मेजर प्रणय नेगी लेह में तैनात थे और 30 अप्रैल को उनकी शहादत हो गई।

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कठुआ जिले के आतंकी हमले में पांच जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के माचेडी इलाके में सैन्य काफिले पर आतंकियों के हमले में शहीद होने वाले पांच जवानों में आदर्श नेगी भी थे। आतंकियों ने कठुआ से करीब 150 किलोमीटर दूर माचेडी-किंडली-मल्हार रोड पर गश्त पर निकले सैन्य वाहन पर ग्रेनेड फेंक दिया और ताबड़तोड़ फायरिंग भी शुरू कर दी। नेगी 2018 में गढ़वाल राइफल्स में शामिल हुए थे और उनके परिवार में उनके पिता, उनकी मां, भाई और बड़ी बहन हैं। पिता पेशे से किसान हैं। उनके भाई चेन्नई में काम करते हैं जबकि उनकी बड़ी बहन शादीशुदा है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चाचा बलवंत ने कहा कि वह बहुत होशियार बच्चा था और उसने गांव के ही एक स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उसने गढ़वाल यूनिवर्सिटी से बीएससी की पढ़ाई पूरी की। वह हमेशा बहुत फिट रहता था और मैंने उसे अपनी शारीरिक फिटनेस बनाए रखने के लिए कहा था। इसी वजह से उसे सेना में नौकरी मिल गई और अब उसने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।

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दो महीने में अपने दो बेटे खो दिए- बलवंत नेगी

बलवंत ने कहा कि हमने दो महीने में अपने दो बेटे खो दिए हैं। मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वह कुछ सख्त कदम उठाए। रोजगार की कमी है और गढ़वाल और कुमाऊं से देश की सेवा करने के लिए जाने वाले बच्चे अक्सर शहीद होकर लौटते हैं। इससे पूरा परिवार टूट जाता है। आदर्श नेगी के पिता दलबीर सिंह नेगी ने कहा कि हमने रविवार को उससे आखिरी बार बात की थी। उसने बताया कि वह खाना खा रहा है और ड्यूटी पर जा रहा है। वह गांव में एक शादी में शामिल होने आया था और मार्च में चला गया था।

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