scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

ममता सरकार को बड़ा झटका, जारी रहेगी संदेशखाली मामले की CBI जांच, SC ने पूछा- क्यों किसी को बचा रहे

अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीबीआई संदेशखली के दबंग शाहजहां शेख और उसके सहयोगियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपों की जांच जारी रखेगी।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Mohammad Qasim
नई दिल्ली | Updated: July 08, 2024 14:32 IST
ममता सरकार को बड़ा झटका  जारी रहेगी संदेशखाली मामले की cbi जांच  sc ने पूछा  क्यों किसी को बचा रहे
पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी (Source- PTI)
Advertisement

सुप्रीम कोर्ट की ओर से ममता बनर्जी सरकार को झटका लगा है। सरकार ने अदालत से मांग की थी कि कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया जाए जिसमें CBI जांच का निर्देश दिया गया था। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- राज्य सरकार किसी को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है? इसके बाद कोर्ट ने ममता सरकार की अर्जी को खारिज कर दिया।

Advertisement

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने फैसले में संदेशखाली में महिलाओं के यौन शोषण-जमीन हथियाने और राशन घोटाले से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई को करने के लिए कहा था।

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीबीआई संदेशखली के दबंग शाहजहां शेख और उसके सहयोगियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपों की जांच जारी रखेगी। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने ममता बनर्जी सरकार से यह भी जानना चाहा कि राज्य एक व्यक्ति को बचाने में क्यों दिलचस्पी रख रहा है? शाहजहां शेख को फरवरी में बंगाल पुलिस के साथ के बाद सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के एक दिन बाद टीएमसी ने भी शेख को सस्पेंड कर दिया था।

अप्रैल में कलकत्ता हाईकोर्ट ने शाहजहां और उसके सहयोगियों के खिलाफ 42 मामलों में सीबीआई जांच का आदेश दिया था। जिसमें राशन घोटाले के आरोप भी शामिल थे। कोर्ट ने कहा था कि मामला जटिल है और निष्पक्ष जांच की जरूरत है। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने 29 अप्रैल को टिप्पणी की थी कि राज्य को किसी व्यक्ति के लिए याचिकाकर्ता के रूप में क्यों आना चाहिए, जिस पर बंगाल के वकील ने तर्क दिया था कि हाईकोर्ट के फैसले में बंगाल सरकार के बारे में टिप्पणियां शामिल थीं।

बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा कि सीबीआई को हाईकोर्ट का निर्देश ईडी से संबंधित दो प्राथमिकी तक ही सीमित हो सकता था, लेकिन इसमें अन्य कथित अपराध भी शामिल हैं।

Advertisement

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 खेल tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो