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भारतीय नौसेना ने समुद्री डाकुओं से बचाया था बुल्गारिया का जहाज, राष्ट्रपति रुमेन रादेव ने पीएम मोदी को बोला 'Thank You'

पिछले कुछ महीनो में नौसेना ने समुद्री डाकुओं के खिलाफ कई ऑपरेशन को अंजाम दिया।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Nitesh Dubey
नई दिल्ली | Updated: March 19, 2024 10:55 IST
भारतीय नौसेना ने समुद्री डाकुओं से बचाया था बुल्गारिया का जहाज  राष्ट्रपति रुमेन रादेव ने पीएम मोदी को बोला  thank you
बुल्गारिया के राष्ट्रपति का पीएम मोदी ने जताया आभार (फोटो सोर्स: @Presidentofbg/PTI)
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हिंद महासागर में समुद्री डाकुओं के खिलाफ भारतीय नौसेना ने अभियान छेड़ रखा है। पिछले कुछ महीनो में नौसेना ने समुद्री डाकुओं के खिलाफ कई ऑपरेशन को अंजाम दिया। भारत सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि मित्र देशों की मदद के लिए भी खड़ा रहा। इसमें बुल्गारिया भी शामिल है।

बुल्गारिया के 7 नागरिकों को बचाया गया

बता दें कि कुछ दिन पहले ही भारतीय नौसेना ने हाईजैक हुई शिप एमवी रूएन से बुल्गारिया के 7 नागरिकों को बचाया था। इस जहाज को समुद्री लुटेरों ने अपने कब्जे में ले लिया था लेकिन भारतीय नौसेना के जवानों ने वापस हासिल कर लिया। अब इस मामले को लेकर बुल्गारिया के राष्ट्रपति रुमेन रादेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।

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बुल्गारिया के राष्ट्रपति रुमेन रादेव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "हाईजैक बल्गेरियाई जहाज रुएन और उसमे सवार 7 बुल्गारियाई नागरिकों सहित उसके चालक दल को बचाने के लिए भारतीय नौसेना की बहादुरी भरी कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मेरा हार्दिक आभार।"

पीएम ने दिया जवाब

बुल्गारिया के राष्ट्रपति का पीएम मोदी ने भी X पर पोस्ट कर जवाब दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, "बुल्गारिया के राष्ट्रपति, आपके संदेश की सराहना करते हैं। हमें खुशी है कि 7 बुल्गारियाई नागरिक सुरक्षित हैं और जल्द ही घर लौटेंगे। भारत नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती और आतंकवाद से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।"

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एमवी रुएन जहाज का अपहरण किया था डाकुओं ने

समुद्री डाकुओं ने पिछले साल दिसंबर में एमवी रुएन का अपहरण कर लिया था। नौसेना ने बताया था कि अवैध हथियारों, गोला-बारूद और कई बैन की गई चीजों को भी जब्त किया गया था। इंडियन नेवी के अधिकारी ने बताया था कि आईएनएस कोलकाता ने समुद्री डाकूओं के जहाज के करीब अपनी स्थिति बनाए रखते हुए कड़ी कार्रवाई की थी। इसके बाद समुद्री डाकुओ ने सरेंडर कर दिया और एमवी रुएन और जहाज पर मौजूद उसके चालक दल को भी रिहा कर दिया। इंडियन नेवी द्वारा चलाए गए ऑपरेशन में आईएनएस कोलकाता को आईएनएस सुभद्रा और समुद्री कमांडो (प्रहार्स) का भी साथ मिला था।

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