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दो यार एक क्लास और अब आर्मी और नेवी के चीफ... सेना के इतिहास में पहली बना यह गजब संयोग

लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी का रोल नंबर 931 था तो वहीं एडमिरल दिनेश त्रिपाठी का रोल नंबर 938 था।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Nitesh Dubey
नई दिल्ली | Updated: June 30, 2024 00:36 IST
दो यार एक क्लास और अब आर्मी और नेवी के चीफ    सेना के इतिहास में पहली बना यह गजब संयोग
उपेंद्र द्विवेदी भारतीय सेना के प्रमुख और एडमिरल दिनेश त्रिपाठी भारतीय नौसेना के प्रमुख
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लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी भारतीय सेना के अगले प्रमुख होंगे तो वहीं एडमिरल दिनेश त्रिपाठी भारतीय नौसेना के प्रमुख होंगे। अहम बात यह है कि दोनों ही सैन्य अधिकारियों ने एक साथ पढ़ाई भी की है। दिनेश त्रिपाठी और उपेंद्र द्विवेदी 1970 के दशक की शुरुआत में पांचवी क्लास में मध्य प्रदेश के रीवा स्थित सैनिक स्कूल में साथ पढ़ते थे।

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रोल नंबर भी था आस पास

दोनों अधिकारियों के रोल नंबर भी एक दूसरे के आसपास ही थे। लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी का रोल नंबर 931 था तो वहीं एडमिरल दिनेश त्रिपाठी का रोल नंबर 938 था। यानी दोनों अधिकारी स्कूल के दिनों से ही अच्छे दोस्त हैं।

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अब दोनों अधिकारियों की नियुक्ति दो महीने के अंदर आर्मी और नौसेना के प्रमुख के पद पर हुई है। एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने 1 मई को भारतीय नौसेना की कमान संभाली थी तो वहीं 30 जून को लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी आर्मी की कमान संभालेंगे।

मनोज पांडे की जगह लेंगे उपेंद्र द्विवेदी

जनरल उपेंद्र द्विवेदी सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे की जगह लेंगे। 30 जून को जनरल मनोज पांडे रिटायर हो रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को 1984 में 18 जम्मू कश्मीर राइफल्स में कमीशन दिया गया था। इसके बाद उन्होंने इसी यूनिट की कमान भी संभाली। जनरल द्विवेदी को उत्तरी और पश्चिमी दोनों थियेटरो को संतुलित करने का गौरव प्राप्त है। उपेंद्र द्विवेदी ने उत्तरी कमांडर के रूप में आतंकवाद विरोधी अभियानों को संचालित करने में अहम भूमिका निभाई।

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जानें दिनेश त्रिपाठी के बारे में

दिनेश त्रिपाठी को 1 जुलाई, 1985 को भारतीय नौसेना की कार्यकारी शाखा में नियुक्त किया गया था और उनकी लगभग चार दशकों की विशिष्ट सेवा है। एक कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने वीसीएनएस के रूप में कार्यभार संभालने से पहले पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्य किया। उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय नौसेना अकादमी (एझिमाला) के कमांडेंट और नौसेना मुख्यालय में पर्सनल प्रमुख के रूप में भी कार्य किया।

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